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ICICI Pru AMC IPO GMP : यह आईपीओ ग्रे मार्केट में 300 रुपये के प्रीमियम पर उपलब्ध है. यह अपर प्राइस बैंड 2,165 रुपये की तुलना में करीब 14 फीसदी अधिक है. (AI Image)
ICICI Prudential AMC IPO Day 3 Subscription and GMP : देश की दूसरी सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के आईपीओ (IPO) का आज तीसरा दिन है. तीसरे दिन 16 दिसंबर 2025 को आईपीओ का भाव ग्रे मार्केट में स्टेबल बना हुआ है. वहीं इसके सब्सक्रिप्शन में आज और तेजी देखने को मिल रही है. आईपीओ के जरिए कंपनी का टारगेट 10,603 करोड़ रुपये जुटाने का है. प्राइस बैंड 2,061 रुपये से 2,165 रुपये प्रति शेयर है. इसमें 16 दिसंबर तक निवेश किया जा सकता है. शेयर अलॉटमेंट 17 दिसंबर को और लिस्टिंग 19 दिसंबर को होगी. आईपीओ पर ब्रोकरेज पॉजिटिव हैं.
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ICICI Pru AMC IPO : GMP
यह आईपीओ ग्रे मार्केट में 300 रुपये के प्रीमियम पर उपलब्ध है. यह अपर प्राइस बैंड 2,165 रुपये की तुलना में करीब 14 फीसदी ​अधिक है. अगर यही ट्रेंड रहा तो कंपनी (ICICI Prudential Mutual Fund) का स्टॉक 2,465 रुपये पर लिस्ट हो सकता है. हालांकि, ग्रे मार्केट में स्थिति लगातार बदलती रहती है. सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है और केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इस इश्यू का रजिस्ट्रार है.
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सब्सक्रिप्शन स्टेटस
ओवरआल : 39 गुना (4:10 PM, 16 Dec 2025)
कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्सा : 9.57 गुना
रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्सा : 2.41 गुना
एनआईआई के लिए रिजर्व हिस्सा : 21.98 गुना
क्यूआईबी के लिए रिजर्व हिस्सा : 123.87 गुना
Anand Rathi: लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें
आनंद राठी के अनुसार, मजबूत मार्केट शेयर के साथ आईसीआईसीआई प्रू एएमसी इंडस्ट्री की प्रॉफिटेबल एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) में से एक है. इसका वैल्युएशन FY25 की अर्निंग पर 40 गुना P/E रखा गया है, जो कि HDFC AMC और Nippon Life AMC की तुलना में उचित है. कंपनी का मजबूत प्रदर्शन और बेहतर वित्तीय स्थिति को देखते हुए इसकी वैल्यूएशन पूरी तरह से सही कीमत पर लग रही है. इसलिए, ब्रोकरेज ने इश्यू को मिड से लॉन्ग्म टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है.
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Canara Bank Securities : लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें
केनरा बैंक सिक्योरिटीज के मुताबिक, ICICI Prudential AMC ने मजबूत SIP नेटवर्क बनाया है. मंथली SIP इनफ्लो मार्च 2023 में 23.5 बिलियन से बढ़कर सितंबर 2025 में 48 बिलियन रुपये हो गया. FY23–FY25 के बीच कंपनी का AAUM, ऑपरेटिंग रेवेन्यू और PAT 32–33% CAGR से बढ़े हैं. इसका इक्विटी AUM मजबूत है, ROE 80% बहुत मजबूत है, मार्जिन स्थिर बने हुए हैं. इस इश्यू को लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह है.
मिरे एसेट शेयरखान : लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें
ब्रोकरेज हाउस मिरे एसेट शेयरखान का कहना है कि कंपनी का बाजार में मजबूत हिस्सा है और यह इंडस्ट्री की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली AMC कंपनियों में से एक है. इस IPO की कीमत FY25 की कमाई के आधार पर करीब 40x PE तय की गई है, जो अन्य बड़ी कंपनियों की तुलना में उचित है. कंपनी के लगातार अच्छे प्रदर्शन और मजबूत वित्तीय स्थिति को देखते हुए, यह वैल्यूएशन ठीक है. IPO को मिड से लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह है.
पॉजिटिव फैक्टर्स और मुख्य रणनीतियां
1. भारत में सबसे बड़ा इनडिविजुअल इन्वेस्टर्स बेस
2. लगातार मुनाफे के साथ मजबूत ग्रोथ, SIP AUM को बढ़ाने पर जोर
3. पूरे देश में फैला हुआ, मल्टी-चैनल और डाइवर्सिफाइड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
4. अनुभवी मैनेजमेंट टीम, बेंचमार्क से बेहतर रिटर्न देने पर फोकस
5. अपने मौजूदा ग्राहकों के साथ-साथ दूसरे प्लेयर्स के ग्राहकों को भी बेहतर प्रदर्शन के आधार पर जोड़ने की कोशिश, मौजूदा नेटवर्क और टीम का बेहतर उपयोग.
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कंपनी के साथ प्रमुख रिस्क फैक्टर्स
1. ULIPs से मुकाबला : आईसीआईसीआई प्रू एएमसी का कहना है कि बीमा कंपनियों के ULIP प्रोडक्ट्स म्यूचुअल फंड्स से मार्केट शेयर छीन रहे हैं. नए और पुराने निवेश प्रोडक्ट देने वाले प्लेयर्स की बढ़ती प्रतियोगिता से कंपनी की ग्रोथ, मार्केट शेयर और फीस कम हो सकती है.
2. ETFs की तरफ झुकाव : कंपनी का कहना है कि अगर निवेशक ETFs की ओर ज्यादा झुकते हैं, तो AMCs की कुल आय की ग्रोथ धीमी हो सकती है. क्योंकि इससे एक्टिव फंड्स के AUM में कमी और ETFs के AUM में बढ़ोतरी हो सकती है.
3. मंदी का असर : अगर बाजार की स्थिति खराब होती है या आर्थिक मंदी आती है, तो इससे कैपिटल मार्केट गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा. नतीजतन, कंपनी की आय भी प्रभावित हो सकती है.
4. नियमों में बदलाव का असर: अगर रेगुलेटर द्वारा म्यूचुअल फंड्स के एक्सपेंस रेश्यो (खर्चे) पर कोई नये नियम लागू किए जाते हैं, तो इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है.
5. वैश्विक आर्थिक हालात : दुनियाभर के आर्थिक माहौल में बदलाव से कैपिटल मार्केट की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा और कंपनी की बिज़नेस ग्रोथ दोनों प्रभावित हो सकते हैं.
(Disclaimer: यहां आईपीओ के बारे में जानकारी दी गई है. आईपीओ को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेशके पहले एक्सपर्ट की राय लें.)
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