/financial-express-hindi/media/media_files/2025/10/26/lenskart-ipo-2025-10-26-19-28-57.jpg)
Lenskart stock upside potential : भारत का आईवियर मार्केट (FY25 में 9 अरब डॉलर) अभी भी कम विकसित है और 13% की दर से बढ़ रहा है. (Lenskart)
Why Jefferies recommends buying Lenskart shares : ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने प्रमुख आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart पर कवरेज की शुरूआत की है और 500 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है. यह करंट प्राइस 407 रुपये (Lenskart Solutions Stock Price) की तुलना में करीब 23 फीसदी अधिक है. ब्रोकरेज का कहना है कि लेंसकार्ट, भारत की सबसे बड़ी टेक-आधारित आईवियर रिटेल कंपनी है, लेकिन इसकी बाजार हिस्सेदारी अभी सिर्फ लगभग 5% है, जिससे आगे बड़े स्तर पर बढ़ने की संभावना है. इसका वर्टिकली इंटीग्रेटेड ऑम्नी-चैनल मॉडल (ऑनलाइन + ऑफलाइन) लागत कम करता है, जल्दी डिलीवरी देता है.
भारत कंपनी का सबसे बड़ा आधार है, जहां से EBITDA का 85% से ज्यादा आता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय अतिरिक्त बढ़त का मौका देता है. मजबूत यूनिट इकोनॉमिक्स और तेज रिटर्न FY25-28E के दौरान 50%+ एडजस्टेड EBITDA CAGR को सपोर्ट कर सकते हैं. इसलिए ब्रोकरेज ने स्टॉक पर BUY की सलाह दी है.
50 रुपये से सस्ता स्टॉक दे सकता है 63% रिटर्न, उत्कर्ष एसएफबी पर ब्रोकरेज क्यों है बुलिश?
मॉडल और मजबूत पकड़
Lenskart भारत का सबसे बड़ा संगठित आईवियर रिटेलर है और एशिया में भी टॉप 2 खिलाड़ियों में शामिल है. कंपनी का ऑम्नी-चैनल मॉडल डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल, तीनों को एक साथ जोड़कर काम करता है, जिससे लागत कम होती है और उत्पाद जल्दी ग्राहक तक पहुंचता है. इसका मजबूत बैकएंड सिस्टम इसे पारंपरिक छोटे दुकानदारों से बढ़त दिलाता है. भारत इसके मुनाफे का मुख्य सोर्स है (EBITDA का >85%), लेकिन अंतरराष्ट्रीय विस्तार कंपनी को अतिरिक्त रणनीतिक अवसर देता है.
Gallard Steel बना ब्लॉक बस्टर एसएमई आईपीओ, लिस्टिंग पर दिया 49% रिटर्न
मौका (Opportunity)
भारत का आईवियर मार्केट (FY25 में 9 अरब डॉलर) अभी भी कम विकसित है और लगभग 13% की दर से बढ़ रहा है. इसमें प्रिस्क्रिप्शन चश्मे का हिस्सा सबसे बड़ा है, क्योंकि आंखों की समस्याएं बढ़ रही हैं.
संगठित रिटेल की हिस्सेदारी (24%) बढ़ रही है, और Lenskart इस श्रेणी में मजबूती से नंबर 1 पर है. फिर भी कंपनी का कुल बाजार में हिस्सा सिर्फ 5% है, जबकि इसका स्टोर नेटवर्क 2,100+ दुकानों का है. इसका मतलब है कि कंपनी के पास आगे बढ़ने के लिए बहुत बड़ा अवसर मौजूद है.
GST छूट और रेट कट से लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर को बूस्ट; Max Financial, HDFC Life और SBI Life टॉप पिक्स
एंड-टू-एंड मॉडल
Lenskart अपने पूरे बिजनेस पर शुरुआत से अंत तक नियंत्रण रखता है. भारत, सिंगापुर और दुबई में इसके मैन्युफैक्चरिंग हब हैं, जिससे लागत कम होती है और काम को बड़े स्तर पर बढ़ाना आसान हो जाता है.
इसका एक्सपीरियंस-सेंटर वाला स्टोर मॉडल कम खर्च में खुल जाता है और बहुत जल्दी पैसा वापस ले आता है, इसके 80% स्टोर एक साल से भी कम समय में अपनी लागत निकाल लेते हैं. इससे कंपनी को अपने खुद के स्टोर तेजी से बढ़ाने में मदद मिलती है. इसके मुकाबले बाकी ज्यादातर खिलाड़ी असंगठित क्षेत्र से हैं.
Titan, HUL, RBA समेत ये कंज्यूमर स्टॉक 100% तक दे सकते हैं रिटर्न, मोतीलाल ओसवाल ने दिया हाई टारगेट
वित्तीय स्थिति (Financials)
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY25–28E के दौरान Lenskart की आय लगभग 24% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ेगी. यह बढ़त ज्यादातर ज्यादा बिक्री (वॉल्यूम) और ग्राहकों के बार-बार खरीदने से आएगी.
एडजस्टेड EBITDA में 50% से ज्यादा CAGR की बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि मार्जिन में सुधार होगा. FY25–28E के बीच मार्जिन लगभग 600 बेसिस अंक तक बढ़ने की संभावना है. इसका कारण होगा, बेहतर ऑपरेशनल लेवरेज और अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय में ग्रॉस मार्जिन का सुधार.
EPS लगभग 44% CAGR से बढ़ सकता है. कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और नेट कैश पोजिशन में है. रिटर्न रेश्यो और फ्री कैश फ्लो (FCF) दोनों ही आगे बढ़ने की उम्मीद है.
(Disclaimer: स्टॉक को लेकर सलाह एक्सपर्ट या ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दिए गए हैं. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us