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Physicswallah IPO Alert : फिलहाल सवाल यह है कि हाई लिस्टिंग गेंस के बाद शेयर बेचकर प्रॉफिट बुक करें या लंबी अवधि के लिए होल्ड करें. (Image: FE File)
PhysicsWallah IPO Stock Market Listing Gains News : एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला का आज स्टॉक मार्केट में बंपर डेब्यू हुआ है. कंपनी का स्टॉक बीएसई पर 143 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ, जबकि आईपीओ प्राइस 109 रुपये था. इस लिहाज से लिस्टिंग पर फिजिक्सवाला के स्टॉक ने 31 फीसदी का हाई रिटर्न दिया है. हालांकि आईपीओ को निवेशकों की ओर से सामान्य रिस्पांस मिला था. इसे 17,58,85,322 शेयरों के बदले कुल 33,69,99,450 शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं. फिलहाल सवाल यह है कि हाई लिस्टिंग गेंस के बाद शेयर बेचकर प्रॉफिट बुक करें या लंबी अवधि के लिए होल्ड करें.
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PhysicsWallah IPO : ओवरआल सब्सक्रिप्शन
ओवरआल : 1.92%
कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्सा : 3.71%
रिटेल के लिए रिजर्व हिस्सा : 1.14%
एनआईआई के लिए रिजर्व हिस्सा : 0.51% (NII)
क्यूआईबी के लिए रिजर्व हिस्सा : 2.86% (QIB)
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कंपनी पर ब्रोकरेज की क्या है राय
SBI Securities की राय : फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) एक अग्रणी एडटेक कंपनी है. इसके यूट्यूब पर 1.37 करोड़ (13.7 मिलियन) सब्सक्राइबर हैं. पिछले 3 साल में कंपनी की आय और EBITDA तेजी से बढ़ी है. लेकिन ज्यादा खर्च और संपत्ति में कमी (डिप्रिशिएशन) की वजह से घाटा बढ़ा है. पिछले 3 साल में सेल्स ग्रोथ 96.9% CAGR रही है, जबकि EBITDA ग्रोथ 88.8% CAGR है. नेट लॉस FY23 के 81 करोड़ से बढ़कर FY25 में 216 करोड़ रुपये हो गया. लिस्टिंग के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखनी होगी.
Anand Rathi की राय : कंपनी का लक्ष्य अलग–अलग प्लेटफॉर्म पर छात्रों को आकर्षक फ्री कंटेंट देकर उनकी संख्या बढ़ाना है. साथ ही बेहतर टेक्नोलॉजी, सही मार्केटिंग और एक्सपर्ट टीचर्स के हाई क्वालिटी वाले कंटेंट की मदद से इन मुफ्त उपयोगकर्ताओं को पेड स्टूडेंट्स में बदलना है.
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कंपनी की आगे की योजनाओं में अधिक कोर्स जोड़ने के साथ कई भारतीय भाषाओं में नए एजुकेशन कैटेगरी लॉन्च करना है, ताकि ज्यादा छात्रों तक पहुंचा जा सके. कंपनी नए क्षेत्रों में विस्तार करना चाहती है. ऐसी कंपनियां खरीदने की योजना है, जो छात्रों के लिए अच्छे प्रोडक्ट या सेवाएं देती हों, ताकि अपनी टेक और ऑफरिंग्स बेहतर कर सके.
कंपनी के साथ रिस्क फैक्टर्स
1. कंपनी की सफलता अच्छे शिक्षकों और छात्रों को साथ बनाए रखने पर निर्भर है. अगर टीचर कंपनी छोड़ दें या छात्र अच्छे रिजल्ट न दें तो कंपनी की भर्ती, छवि और कमाई पर असर पड़ सकता है.
2. कंपनी मुख्य रूप से अलख पांडे और प्रतीक बूभ पर निर्भर है. अगर इनमें से कोई भी कंपनी छोड़ देता है, तो कंपनी की रणनीति, ब्रांड और कामकाज पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
3. इंट्रेंस परीक्षाओं और सिलेबस में तेजी से बदलाव होते हैं. कंपनी को अपने कोर्स और टीचिंग मेथड लगातार बदलने पड़ेंगे ताकि वह प्रतिस्पर्धा में टिक सके.
(Disclaimer: यहां आईपीओ की लिस्टिंग के बारे में जानकारी दी गई है. वहीं इसके आउटलुक पर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)
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