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SEBI rules changes : म्यूचुअल फंड नियमों में बदलाव के क्या हैं मायने? किन 4 एएमसी स्टॉक में बनेंगे पैसे

SEBI Clarifies Expense Ratio Norms : मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अपनी बोर्ड मीटिंग में म्यूचुअल फंड से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दे दी है. इन नियमों से पहले जो बदलाव प्रस्तावित किए गए थे, अब उन पर साफ तस्वीर सामने आ गई है.

SEBI Clarifies Expense Ratio Norms : मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अपनी बोर्ड मीटिंग में म्यूचुअल फंड से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दे दी है. इन नियमों से पहले जो बदलाव प्रस्तावित किए गए थे, अब उन पर साफ तस्वीर सामने आ गई है.

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Sushil Tripathi
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Mutual Fund Fee Reforms : नए नियमों के तहत टोटल एक्सपेंस रेश्यो की जगह बेस एक्सपेंस रेश्यो सिस्टम लाया गया है. (Pixabay)

SEBI Clarifies Expense Ratio Norms : मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने अपनी बोर्ड मीटिंग में म्यूचुअल फंड से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दे दी है. इन नियमों से पहले जो बदलाव प्रस्तावित किए गए थे, अब उन पर साफ तस्वीर सामने आ गई है. नए नियमों के तहत टोटल एक्सपेंस रेश्यो (TER) की जगह बेस एक्सपेंस रेश्यो (BER) सिस्टम लाया गया है, जिसमें टैक्स और अन्य सरकारी शुल्क को अलग कर दिया गया है.

इससे निवेशकों को फीस समझने में आसानी होगी और म्यूचुअल फंड कंपनियों की कमाई पर भी बड़ा असर नहीं पड़ेगा. सबसे अहम बात यह है कि ब्रोकरेज पर लगाई गई सीमा पहले के अनुमान से काफी कम घटाई गई है, जिससे बाजार पर निगेटिव असर भी सीमित रहने की उम्मीद है.

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AMC की कमाई पर बहुत कम असर

ब्रोकरेज हाउस JM Financial की रिपोर्ट के मुताबिक, एग्जिट लोड हटाने और नए BER सिस्टम से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) की कमाई में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन इसका कुल असर ज्यादा नहीं होगा. HDFC AMC, Nippon AMC और UTI AMC जैसी बड़ी कंपनियों के लिए FY27 में रेवेन्यू और मुनाफे पर सिर्फ 2–4% तक असर होने का अनुमान है, जो पहले लगाए गए अनुमानों से काफी कम है.

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इसके अलावा, कई म्यूचुअल फंड पहले से ही नए ब्रोकरेज नियमों के तहत काम कर रहे हैं, जिससे निकट भविष्य में कमाई में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा. ब्रोकरेज का मानना है कि ये अंतिम नियम संतुलित हैं और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की स्थिरता को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.

वेल्थ मैनेजमेंट और ब्रोकरेज स्टॉक्स के लिए पॉजिटिव 

ब्रोकरेज का कहना है कि SEBI फाइनल रूल्स उतने सख्त नहीं है, जितना माना जा रहा था. इसलिए ब्रोकरेज को वेल्थ मैनेजमेंट और ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में बाजार का रिएक्शन पॉजिटिव रहने की उम्मीद है. ब्रोकरेज की रिसर्च टीम को नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट और 360 ONE WAM जैसे वेल्थ मैनेजर्स पसंद हैं, क्योंकि इनकी फीस स्ट्रक्चर स्थिर है और इनका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगातार बढ़ रहा है.

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AMC कंपनियों में HDFC AMC और Nippon AMC को आकर्षक माना गया है, जबकि UTI AMC को अपेक्षाकृत कमजोर विकल्प बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, निकट भविष्य में कमाई पर पड़ने वाला असर संभालने लायक है और कई स्टॉक्स की वैल्यूएशन अब भी चुनिंदा खरीदारी के लिए सही बनी हुई है.

Nuvama Wealth Management : BUY रेटिंग 
360 ONE WAM : BUY रेटिंग
HDFC AMC : BUY रेटिंग
Nippon Life India AMC (NAM AMC) : BUY रेटिंग

(मजबूत ब्रांड, बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और कमाई में सपोर्ट के चलते)

UTI AMC : Reduce रेटिंग

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कुल मिलाकर, JM Financial का मानना है कि SEBI के सुधार इंडस्ट्री (Mutual Fund) के लिए नुकसानदेह नहीं बल्कि स्थिरता लाने वाले हैं. ब्रोकरेज की सलाह है कि निवेशक बाजार में आने वाले अस्थायी उतार-चढ़ाव का फायदा उठाकर अच्छी क्वालिटी की AMC और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियों के शेयरों में निवेश कर सकते हैं. अगले 12 महीनों के लिए शेयर बाजार का नजरिया पॉजिटिव बताया गया है.

(Disclaimer: यहां स्टॉक में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार भी नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेशक निवेश का कोई फैसला लेने के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

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