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Suzlon share target : 100 रुपये से सस्‍ते इस शेयर में कमाई का मौका, 70 से 76 रुपये का मिला टारगेट

BUY Suzlon: Analysts bullish : विंड एनर्जी पार्ट्स का भारत में बनना, बड़ी बिजली कंपनियों का विंड एनर्जी पर भरोसा और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी, ये सभी बातें Suzlon के लिए अच्छे अवसर बनाती रहेंगी.

BUY Suzlon: Analysts bullish : विंड एनर्जी पार्ट्स का भारत में बनना, बड़ी बिजली कंपनियों का विंड एनर्जी पर भरोसा और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी, ये सभी बातें Suzlon के लिए अच्छे अवसर बनाती रहेंगी.

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Sushil Tripathi
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Suzlon stock forecast : आने वाले 2–3 साल में विंड एनर्जी की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, खासकर हाइब्रिड और FDRE प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते फोकस के साथ. (Pixabay)

Brokerages Reiterate BUY on Suzlon : भारत में विंड एनर्जी का लोकल प्रोडक्शन बढ़ रहा है, बड़ी यूटिलिटी कंपनियों का भरोसा बरकरार है. और सरकार की नजर अब हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स पर है, यानी पवन ऊर्जा + सौर ऊर्जा का कॉम्बो. यही मौका है Suzlon Energy जैसी कंपनी के लिए और ये कंपनी इस हवा के रुख को पहचान चुकी है. ऐसे में निवेशकों के पास भी इसके शेयर में पैसा लगाकर आगे अच्छी कमाई करने का मौका है. ब्रोकरेज हाउस भी 100 रुपये से सस्ते इस शेयर को लेकर पॉजिटिव हैं. 

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आईसीआईसीआई सिक्‍योरिटीज 

टारगेट प्राइस : 76 रुपये 
करंट प्राइस : 60 रुपये 
रिटर्न अनुमान : 27%

ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्‍योरिटीज का कहना है कि सुजलॉन ने FY26 की पहली छमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. कंपनी की विंड टरबाइन डिलीवरी H1 में पिछले साल की तुलना में लगभग 2 गुना बढ़कर 1GW रही. इससे कंपनी की आय भी 1.7 गुना बढ़ी, और EBITDA दोगुना हो गया (H1FY25 में कुछ एकमुश्त खर्चे थे, इसलिए बेस कम था).

कंपनी की ऑर्डर बुक भी बढ़कर 6.2GW हो गई है (पिछले साल 4.7GW थी), क्योंकि कंपनी ने H1 में 2.2GW के नए ऑर्डर हासिल किए. यह ऑर्डर बुक FY25 की विंड टरबाइन डिलीवरी से लगभग 4 गुना है, जिससे कंपनी के पास अगले 2 साल से ज्यादा का मजबूत कामकाज सुरक्षित है.

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आने वाले 2–3 साल में विंड एनर्जी की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है, खासकर हाइब्रिड और FDRE प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते फोकस के साथ. सुजलॉन पारंपरिक रूप से दूसरी छमाही में बेहतर प्रदर्शन करती है, और इस बार का मजबूत H1 दिखाता है कि FY26 भी अच्छा रहने वाला है. कंपनी ने FY26 में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 60% सालाना ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जिसमें टरबाइन डिलीवरी और वित्तीय प्रदर्शन शामिल हैं.  ब्रोकरेज ने कंपनी पर BUY रेटिंग बरकरार है और टारगेट प्राइस 76 रुपये रखी है.

मोतीलाल ओसवाल

टारगेट प्राइस : 74 रुपये 
करंट प्राइस : 60 रुपये 
रिटर्न अनुमान : 23%

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि सुजलॉन एनर्जी की कुल आय 38.7 बिलियन रुपये रही, जो उम्मीद से 39% ज्यादा है. कंपनी का EBITDA 7.2 बिलियन रुपये रहा, जो हमारे अनुमान से 71% अधिक है. कंपनी ने 2QFY26 में मजबूत प्रदर्शन किया, और डिलीवरीज बाजार की उम्मीदों से काफी ऊपर रहीं. 

मैनेजमेंट ने भरोसा जताया कि नए ऑर्डर आने का ट्रेंड मजबूत रहेगा, और FY26/27 में भारत में 6-8 GW विंड कैपेसिटी लगने का लक्ष्य है. कंपनी को अब टैक्स शील्ड मिला है, यानी FY27 के अंत तक लगभग 50 बिलियन रुपये के प्री-टैक्स प्रॉफिट पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा. साथ ही, पुराने घाटों की वजह से और टैक्स फायदे मिलने की संभावना है.

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कंपनी ने FY26 के लिए 1.8GW का प्रोजेक्ट पाइपलाइन बताया है, जिससे यह भरोसा मिलता है कि FY26 में 2.5GW डिलीवरी टारगेट पूरा होगा. कॉन्फ्रेंस कॉल के बाद ब्रोकरेज ने FY26 के अनुमान 8% बढ़ाए हैं. शेयर पर BUY रेटिंग जारी रखते हुए टारगेट प्राइस 74 रुपये दिया है. 

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जेएम फाइनेंशियल 

टारगेट प्राइस : 70 रुपये 
करंट प्राइस : 60 रुपये 
रिटर्न अनुमान : 17%

ब्रोकरेज का कहना है कि विंड एनर्जी पार्ट्स का भारत में बनना, बड़ी बिजली कंपनियों का विंड एनर्जी पर भरोसा और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स की बढ़ती हिस्सेदारी, ये सभी बातें Suzlon के लिए अच्छे अवसर बनाती रहेंगी. हालांकि हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स में विंड की जगह कुछ हद तक सोलर + BESS (बैटरी सिस्टम) ले रहे हैं, फिर भी कंपनी के लिए मौके मजबूत बने हुए हैं. 

लेकिन कनेक्टिविटी, जमीन और राइट ऑफ वे (RoW) जैसी समस्याएं अभी भी बड़ी अड़चन हैं, जिनकी वजह से विंड एनर्जी का तेज विस्तार सीमित हो सकता है. इसी कारण हम मानते हैं कि हर साल की इंस्टालेशन 7–8 GW तक ही रह सकती है.

(Disclaimer: स्‍टॉक को लेकर सलाह एक्सपर्ट या ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दिए गए हैं. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

Suzlon Energy