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Suzlon Energy : 100 रुपये से सस्ता ये स्टॉक दे सकता है 45% रिटर्न, मोतीलाल ओसवाल क्यों है बुलिश

Suzlon Energy a Wind Power : भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का दौर तेजी से बदल रहा है, और इस बदलाव के केंद्र में खड़ी है सुजलॉन एनर्जी. यह देश को 100 GW विंड पावर लक्ष्य की ओर मूव करने में निर्णायक भूमिका निभा रही है.

Suzlon Energy a Wind Power : भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का दौर तेजी से बदल रहा है, और इस बदलाव के केंद्र में खड़ी है सुजलॉन एनर्जी. यह देश को 100 GW विंड पावर लक्ष्य की ओर मूव करने में निर्णायक भूमिका निभा रही है.

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Sushil Tripathi
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Buy Suzlon Energy : भारत का एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ने वाला है. रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता FY25 के 180 GW से बढ़कर 2047 तक 1,600 GW पहुंचने का अनुमान है. (AI Image)

Suzlon Energy Stock Price : भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का दौर तेजी से बदल रहा है, और इस बदलाव के केंद्र में खड़ी है सुजलॉन एनर्जी. यह देश को 100 GW विंड पावर लक्ष्य की ओर मूव करने में निर्णायक भूमिका निभा रही है. मजबूत ऑर्डर बुक, तेजी से बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, और एक्सपोर्ट-रेडी टेक्नोलॉजी के साथ सुजलॉन न केवल घरेलू विंड सेक्टर को नई दिशा दे रही है, बल्कि ग्लोबल विंड सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के मिशन को भी गति दे रही है. ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर "BUY" रेटिंग दी है और 74 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो करंट प्राइस 51 रुपये से 45% अधिक है. 

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एनर्जी मिक्स का जरूरी हिस्सा विंड एनर्जी

ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक मैनेजमेंट का मानना है कि नियर टर्म में ऑर्डर आने पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, भले ही सेंट्रल स्तर पर रिन्यूएबल एनर्जी की बोली प्रक्रिया धीमी हो गई है. उनका कहना है कि अभी भी लगभग 15 GW के विंड ऑर्डर बोली/अवार्ड स्टेज में मौजूद हैं.

करीब 40 GW PPA (ज्यादातर सोलर/सोलर + स्टोरेज) के कैंसिल या फिर से बिड होने की संभावना यह दिखाती है कि बाजार अब ज्यादार वास्तविकता को समझ रहा है, ऊर्जा की मांग ही सप्लाई को तय करनी चाहिए. इसीलिए विंड एनर्जी, एनर्जी मिक्स का एक जरूरी हिस्सा बन जाती है.

सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) की EPC रणनीति के तहत देशभर में लगभग 23 GW विंड साइट्स पर सीमित लेकिन रणनीतिक जमीन खरीदना इसे भारतीय और चीनी प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त देता है. इससे बड़े ऊर्जा उत्पादकों की लंबी अवधि की योजनाओं में इसकी भूमिका मजबूत होती है.

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एक्सपोर्ट : बड़ा ग्रोथ ड्राइवर

एक्सपोर्ट कंपनी के लिए एक बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बनने जा रहे हैं. वर्तमान प्लेटफॉर्म लगभग निर्यात के लिए तैयार हैं, और आने वाले कुछ तिमाही में और साफ तस्वीर मिलेगी.

मैनेजमेंट को भरोसा है कि भारत FY28 तक हर साल 10 GW विंड इंस्टॉलेशन कर सकता है (जबकि FY26 में यह रफ्तार 6.5–7 GW है). AI/डेटा सेंटर और बढ़ते C&I लोड की वजह से 2030 तक भारत के 100 GW विंड लक्ष्य को पार करने की भी संभावना है.

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क्षमता बढ़ाने पर फोकस 

कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए तीन नई "स्मार्ट-ब्लेड" फैक्ट्रियां लगाने की योजना बना रही है, 2 गुजरात और कर्नाटक में, और तीसरे की जगह 2–3 महीनों में तय किया जाएगा. इसका उद्देश्य है निर्माण समय कम करना, ग्राहकों और साइट्स के नजदीक रहना, और लॉजिस्टिक्स व ट्रांसपोर्टेशन को अधिक कुशल बनाना.

4.5GW की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और 6.2GW का ऑर्डर बुक के साथ सुजलॉन एनर्जी भारत के 100GW विंड टारगेट को आगे बढ़ा रही है.

पुडुचेरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट : एक झलक

पुडुचेरी में सुजलॉन एनर्जी का WTG और नैसेल कवर (नैसेल = विंड टरबाइन का ऊपरी ढांचा) बनाने वाला प्लांट कुल 2.8 GW की इंस्टॉल्ड क्षमता रखता है. यह 3.15 MW (S144) टरबाइन प्लेटफॉर्म के दिन में 3 सेट बनाने के बराबर है.

यह प्लांट 66 एकड़ में फैला है, जिसमें से अभी सिर्फ 30% हिस्सा ही उपयोग किया जा रहा है. वर्तमान में लगभग 500 कर्मचारियों की मदद से यहां प्रति दिन एक सेट का उत्पादन हो रहा है.

जरूरत पड़ने पर कंपनी यहां तीन शिफ्टों में काम शुरू कर सकता है, जिससे कर्मचारियों की संख्या बढ़कर लगभग 1,500 हो जाएगी.

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सुजलॉन एनर्जी के लिए पॉजिटिव फैक्टर्स 

भारत का लक्ष्य ग्लोबल विंड सप्लाई चेन में 10–20% हिस्सेदारी का है, FY28 तक हर साल 10 GW+ विंड इंस्टॉलेशन की राह और लॉन्ग टर्म एनर्जी ट्रेंड भी सुजलॉन एनर्जी के लिए पॉजिटिव फैक्टर हैं.

भारत का एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ने वाला है. रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता FY25 के 180 GW से बढ़कर 2047 तक 1,600 GW पहुंचने का अनुमान है. इसी तरह भारत की विंड एनर्जी क्षमता 53 GW से बढ़कर 400 GW तक पहुंच सकती है, यह देश की उपलब्ध कुल विंड क्षमता का सिर्फ 35% उपयोग होगा.

(Disclaimer: यहां स्टॉक में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई है. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार भी नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेशक निवेश का कोई फैसला लेने के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)

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