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India consumption sector trends : शेयर बाजार में बड़े कंज्यूमर और रिटेल ब्रांड की प्रदर्शन रिपोर्ट सामने आई है. (Pixabay)
Motilal Oswal’s Top Picks : शेयर बाजार में बड़े कंज्यूमर और रिटेल ब्रांड की प्रदर्शन रिपोर्ट सामने आई है. ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने टाइटन कंपनी (Titan Company), पेज इंडस्ट्रीज और UBBL पर अपना लेटेस्ट नजरिया जारी किया है. जहां टाइटन और पेज इंडस्ट्रीज में लंबी अवधि के लिए ग्रोथ की उम्मीदें मजबूत दिख रही हैं, वहीं UBBL के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. सोने की ऊंची कीमतें, ई-कॉमर्स की तेजी, बीयर और स्पिरिट्स पर बदलती टैक्स पॉलिसी, ये सभी फैक्टर इन कंपनियों की ग्रोथ स्टोरी को अलग-अलग दिशाओं में ले जा रहे हैं.
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Titan Company
रेटिंग : Buy
टारगेट प्राइस : 4,500 रुपये
करंट प्राइस : 3,907 रुपये
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि पिछले 2–3 सालों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं की खरीदारी की इच्छा, खरीदारी का आकार और प्रोडक्ट मिक्स पर बड़ा असर पड़ा है. ऊंची कीमतों की वजह से गोल्ड क्वॉइन की मांग बढ़ी है, लोग कम कैरेट वाले गहने खरीद रहे हैं, और पुराने गहने बदलने (एक्सचेंज) पर ज्यादा निर्भरता बढ़ी है.
कंपनी का ध्यान खरीदारों की संख्या बढ़ाने पर है और इस दिशा में कई पहलें की जा रही हैं. त्योहारों के दौरान मांग मजबूत रही, और पिछले 30 दिनों के रुझान भी अच्छे हैं. डायमंड ज्वेलरी में खरीदारों की बढ़ोतरी, गोल्ड ज्वेलरी से ज्यादा है.
हाल ही के त्योहार सीजन में एक्सचेंज से होने वाली बिक्री बढ़कर करीब 50% हो गई, जबकि पिछले साल इसी समय यह 30–35% थी. टाइटन कंपनी का गोल्ड एक्सचेंज प्रोग्राम कुल बिक्री में लगभग 30% योगदान देता है, जबकि तनिष्क एक्सचेंज प्रोग्राम (TEP) का योगदान अभी लगभग 10% है.
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गोल्ड क्वॉइन की तेज बढ़त से इंडस्ट्री के कुल प्रोडक्ट मिक्स पर असर पड़ सकता है, जिससे कम समय के लिए EBIT मार्जिन पर दबाव आ सकता है. चूंकि मार्जिन कई बातों से प्रभावित होते हैं (जैसे बाजार मिक्स, प्रोडक्ट मिक्स, सोने की कीमतें आदि), इसलिए EBIT ग्रोथ को ट्रैक करना कंपनी के असली प्रदर्शन को समझने का बेहतर तरीका है. कंपनी ने अपने मीडियम-टर्म EBIT मार्जिन का लक्ष्य 11–11.5% पर बनाए रखा है.
कैरेटलेन लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें ऑनलाइन बिक्री की गहराई और युवाओं में इसकी बढ़ती पसंद का बड़ा योगदान है. EBIT मार्जिन हर साल बेहतर हो रहा है और कंपनी मीडियम-टर्म में डबल-डिजिट EBIT हासिल करने की राह पर है. कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता लंबे समय में 15–20% की अर्निंग ग्रोथ हासिल करना है.
Page Industries
रेटिंग : Buy
टारगेट प्राइस : 45,000 रुपये
करंट प्राइस : 38,000 रुपये
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल के अनुसार मैनेजमेंट ने बताया कि पेज इंडस्ट्रीज के लिए धीमी गति का दौर लंबा खिंच रहा है, खासकर जनरल ट्रेड चैनल में, जबकि ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है. त्योहारों की मांग अच्छी रही और उस दौरान बिक्री में बढ़त दिखी, लेकिन पिछले 30 दिनों में थोड़ी कमजोरी देखी गई है. फिर भी, PAGE की वर्तमान ग्रोथ पिछले तिमाही जैसी ही है.
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मेट्रो और टियर-1 शहरों में GT चैनल (जहां से 60% बिक्री आती है) दबाव में है, लेकिन ई-कॉमर्स की मजबूत ग्रोथ से कुछ राहत मिली है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में मांग अब भी अच्छी बनी हुई है.
कंजंप्शन से जुड़े व्यापक आर्थिक हालात कठिन बने हुए हैं, और सरकार की नई नीतियों के बाद मांग में सुधार आना कितना संभव है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा. इनरवियर कैटेगरी में प्रीमियम सेगमेंट अच्छी ग्रोथ दिखा रहा है, जबकि वैल्यू सेगमेंट दबाव में है.
कंपनी ने बताया कि पुरुषों की इनरवियर इन्वेंट्री 30 दिनों से कम है (जो सामान्य स्तर है), जबकि एथलीजर की इन्वेंट्री 42 दिन है (सामान्य 35–40 दिन के मुकाबले थोड़ा अधिक). कंपनी को भरोसा है कि भले ही हाल में ग्रोथ धीमी रही हो, लेकिन मध्यम अवधि में डबल डिजिट ग्रोथ हासिल कर लेगी.
UBBL
रेटिंग : Neutral
टारगेट प्राइस : 1,750 रुपये
करंट प्राइस : 1,675 रुपये
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि भले ही कंजंप्शन सेक्टर में मंदी दिख रही है, लेकिन लिकरकैटेगरी में तेज ग्रोथ जारी है. इसके पीछे मजबूत जनसांख्यिकीय ट्रेंड (यंग पॉपुलेशन) और इस कैटेगरी का अपना मजबूत मोमेंटम है.
मैनेजमेंट के अनुसार, बीयर कैटेगरी की ग्रोथ धीमी रही है. इसके कई कारण हैं, सबसे बड़ा कारण है लोगों की खरीदने की क्षमता पर असर, खासकर तब जब कम कीमत वाली बीयर की तुलना कम कीमत वाली शराब (स्पिरिट्स) से की जाती है.
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UBBL ने बताया कि महाराष्ट्र में बीयर पर टैक्स स्थिर है, जबकि स्पिरिट्स पर टैक्स बढ़ाया गया है. इससे राज्य में बीयर की बिक्री बढ़ रही है. मैनेजमेंट का कहना है कि जहां भी बीयर और शराब के दामों में अंतर बढ़ता है, वहां बीयर की ग्रोथ तेज हो जाती है.
कंपनी "विजी कूलर्स", एक्सक्लूसिव बीयर बार, लोकल सोर्सिंग आदि जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों पर ध्यान दे रही है. इससे ऑपरेशन अधिक कुशल हो रहे हैं और लागत पर बेहतर नियंत्रण मिल रहा है. कंपनी अभी लागत बचत को मार्केटिंग में निवेश कर रही है ताकि सेल वॉल्यूम बढ़े. आने वाले साल में ऑपरेटिंग मार्जिन में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है.
लंबे समय तक चले मॉनसून का असर FY26 की पहली छमाही में मांग पर पड़ा, लेकिन कंपनी को FY27 में सुधार की उम्मीद है और वह हाई सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य रखती है.
(Disclaimer: स्टॉक को लेकर सलाह एक्सपर्ट या ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दिए गए हैं. यह फाइनेंशियल एक्सप्रेस के निजी विचार नहीं है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट की राय लें.)
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