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जेप्टो के अपकमिंग आईपीओ में फ्रेश और ऑफर फॉर सेल, दोनों शेयर शामिल हो सकते हैं. (Image : X)
Zepto IPO Update : क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है. Entrackr की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड ने करीब 11,000 करोड़ रुपये के आईपीओ को मंजूरी दे दी है. बताया गया है कि कंपनी के आईपीओ में फ्रेश और ऑफर फॉर सेल, दोनों शेयर शामिल हो सकते हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर आईपीओ साइज और अप्रूवल को लेकर पुष्टि नहीं हो सकी है. कारोबार जगत पर नजर रखने वाली इस वेबसाइट Entrackr ने इस मामले में जेप्टो से स्पष्टीकरण मांगा है और कंपनी की ओर से जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किए जाने की बात कही है.
Entrackr की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ज़ेप्टो इसी हफ्ते कंफिडेंशियल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है. हाल ही में कंपनी ने निवेशकों से 450 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जिसके बाद उसकी कुल फंडिंग 2.3 अरब डॉलर तक पहुंच गई है. इस फंडिंग राउंड में कंपनी का वैल्यूएशन करीब 7 अरब डॉलर आंका गया है.
इसके अलावा, 23 दिसंबर को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद ज़ेप्टो ने अपने दोनों फाउंडर्स आदित पलिचा और कैवल्य वोहरा, साथ ही सीएफओ रमेश बाफना को होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त किया है.
FY25 में घाटा तेजी से बढ़ा
कंपनी के वित्तीय नतीजों के मुताबिक, FY25 में ज़ेप्टो का घाटा सालाना आधार पर 177% बढ़कर 3,367.3 करोड़ रुपये हो गया. FY24 में कंपनी का नेट लॉस 1,214.7 करोड़ रुपये था. क्विक कॉमर्स सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को इस तेज़ बढ़ोतरी की बड़ी वजह माना जा रहा है.
हालांकि घाटा बढ़ा है, लेकिन बिक्री में तेज़ उछाल भी देखने को मिला. FY25 में ज़ेप्टो की कुल बिक्री 9,668 करोड़ रुपये रही, जबकि FY24 में यह 4,223 करोड़ रुपये थी. यानी करीब 129% की सालाना बढ़त.
इंडस्ट्री मानकों के अनुसार, ऑपरेशनल रेवेन्यू आमतौर पर ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) का 15–20% माना जाता है. इस हिसाब से ज़ेप्टो का ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये के बीच बैठता है.
FY25 में ब्लिंकिट (Blinkit) का ऑपरेशनल रेवेन्यू 5,206 करोड़ रुपये रहा, जबकि स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) ने 2,252 करोड़ रुपये की कमाई की. घाटे की बात करें तो उसी साल स्विगी इंस्टामार्ट का एडजस्टेड EBITDA लॉस 2,095 करोड़ रुपये रहा, जो मार्केट लीडर Blinkit के 292 करोड़ रुपये के नुकसान से कहीं ज्यादा है.
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