/financial-express-hindi/media/media_files/2025/12/16/zepto-ipo-2025-12-16-16-53-28.jpg)
बताया जा रहा है कि जेप्टो इस आईपीओ के लिए एक्सिस बैंक, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और मॉर्गन स्टैनली, एचएसबीसी व गोल्डमैन सैक्स की भारतीय इकाइयों के साथ काम कर रही है. (Image : X)
Zepto may file confidential IPO papers next week : भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स बाजार में हलचल और तेज होने वाली है. ग्रॉसरी डिलीवरी स्टार्टअप जेप्टो (Zepto) अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है. अगले हफ्ते ही कंपनी करीब 50 करोड़ डॉलर के आईपीओ के लिए फाइलिंग कर सकती है. मुंबई में प्रस्तावित यह आईपीओ ऐसे समय आने जा रहा है, जब देश में 10 मिनट डिलीवरी को लेकर कंपनियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है. मीडया रिपोर्ट के मुताबिक जेप्टो अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को गोपनीय मार्ग से दाखिल करने की योजना पर काम कर रहा है
बताया जा रहा है कि जेप्टो इस आईपीओ के लिए एक्सिस बैंक, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और मॉर्गन स्टैनली, एचएसबीसी व गोल्डमैन सैक्स की भारतीय इकाइयों के साथ काम कर रही है. कंपनी गोपनीय (कॉन्फिडेंशियल) रास्ते से ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर सकती है. प्रस्तावित आईपीओ में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों द्वारा शेयर बिक्री भी शामिल हो सकती है. इस आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल ज़ेप्टो अपने कारोबार के विस्तार में करने की योजना बना रही है. हालांकि, अभी बातचीत जारी है और आईपीओ के आकार व समय में बदलाव भी संभव है.
क्विक कॉमर्स में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
भारत में क्विक कॉमर्स का बाजार तेजी से बढ़ा है. स्टार्टअप्स तेजी से वेयरहाउस और डिलीवरी नेटवर्क खड़े कर रहे हैं ताकि किराना और रोजमर्रा के सामान की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके. इस सेक्टर में सॉफ्टबैंक और टेमासेक जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने अरबों डॉलर लगाए हैं, जिससे यह भारत की कंज्यूमर इंटरनेट अर्थव्यवस्था का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला क्षेत्र बन गया है. ज़ेप्टो को अमेज़न इंडिया के अलावा स्विगी, ज़ोमैटो और टाटा ग्रुप की बिगबास्केट जैसी कंपनियों से सीधी टक्कर मिल रही है.
फंडिंग और वैल्यूएशन का सफर
यह प्रस्तावित आईपीओ ज़ेप्टो की अक्टूबर में हुई 450 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बाद आ रहा है, जिसमें कंपनी का वैल्यूएशन करीब 7 अरब डॉलर आंका गया था. ज़ेप्टो, गोल्डमैन सैक्स और एचएसबीसी के प्रतिनिधियों ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार किया है.
एंट्रैकर की रिपोर्ट के मुताबिक, ज़ेप्टो के सीईओ और को-फाउंडर आदित पलिचा ने बताया कि कंपनी अब रोजाना करीब 17 लाख ऑर्डर संभाल रही है, जबकि पांच तिमाही पहले यह संख्या सिर्फ 5 लाख थी. वहीं CNBC-TV18 के अनुसार, ज़ेप्टो ने जून 2024 में 665 मिलियन डॉलर जुटाए थे, जिससे कंपनी का वैल्यूएशन 3.6 अरब डॉलर हो गया था. इसके बाद अगस्त में 340 मिलियन डॉलर की फंडिंग से वैल्यूएशन 5 अरब डॉलर तक पहुंचा और नवंबर 2024 में घरेलू निवेशकों से 350 मिलियन डॉलर और जुटाए गए.
Also read : Meesho : 5 दिन में 75% तक रिटर्न देने वाला स्टॉक, बना 2025 का एक और ब्लॉक बस्टर आईपीओ
एंट्रैकर की रिपोर्ट यह भी बताती है कि ज़ेप्टो का टर्नओवर वित्त वर्ष 2025 में 11,110 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की आय 4,454 करोड़ रुपये थी.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us