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Silver Trends : 2025 में भले ही सुर्खियां सोने ने बटोरी हों, लेकिन बढ़त के मामले में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है. (Image: Reuters)
Forget Gold: Silver is the new king with a staggering 92% surge : चांदी ने इस बार नया इतिहास रच दिया है. कीमतें अब अपने अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच चुकी हैं और बाज़ार में ये संकेत मिल रहे हैं कि चांदी एक बार फिर अपनी मौजूदा रेंज से बाहर निकलने की कोशिश कर रही है. अक्टूबर 2025 में चांदी की कीमत पहली बार 50 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर पार कर गई थी. हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण भाव थोड़ा नीचे आकर करीब 47 डॉलर के आसपास टिक गए.
इस समय चांदी करीब 55.55 डॉलर प्रति औंस के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर कारोबार कर रही है. सिर्फ पिछले एक महीने में इसमें 15 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया है, और इस साल अब तक इसकी कीमत लगभग 92 प्रतिशत बढ़ चुकी है.
इस हफ्ते कैसा रहा सिल्वर का रुख
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सोना के मुकाबले कैसी रही चांदी की कीमत
2025 में भले ही सुर्खियाँ सोने ने बटोरी हों, लेकिन बढ़त के मामले में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है. पिछले 12 महीनों में चांदी की कीमतों में उछाल सोने से कहीं ज्यादा तेज रहा है.
पिछले एक साल में सोना करीब 59% बढ़ा है, जबकि चांदी लगभग 82% उछल चुकी है. सिर्फ 2025 की बात करें तो सोना जहां अब तक 60% बढ़ा है, वहीं चांदी 92% की शानदार बढ़त दर्ज कर चुकी है.
भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर तेजी से बढ़ा है. यही वजह है कि पिछले पांच साल में सोना और चांदी दोनों की कीमतें 130% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, जो निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को साफ दिखाती है.
गोल्ड सिल्वर रेशियो क्या दे रहे हैं संकेत?
2025 की शुरुआत में सोना चांदी की तुलना में काफी महंगा था. लेकिन साल भर में चांदी में आई तेज़ रैली ने दोनों धातुओं के बीच की दूरी कम कर दी है. अब चांदी सोने की तुलना में पहले से कम महंगी नजर आ रही है.
गोल्ड–सिल्वर रेशियो एक ऐसा पैमाना है जो यह दिखाता है कि सोना चांदी के मुकाबले कितना महंगा या सस्ता है.
सरल शब्दों में, यह रेशियो बताता है कि एक औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी की जरूरत होगी
जनवरी 2025 में गोल्ड–सिल्वर रेशियो 100 के ऊपर था. लेकिन अब स्थिति काफी बदली है. आज जब सोना करीब 4,207 डॉलर और चांदी लगभग 55 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड हो रही है, तो नवंबर 2025 के अंत तक यह रेशियो घटकर लगभग 77 पर आ गया है.
हालाँकि यह रेशियो अब भी लंबे समय के औसत 70 से ऊपर है. इसका मतलब है कि अगर सोने की कीमतें स्थिर रहीं या थोड़ी नीचे आईं, तो चांदी में आगे और तेजी देखने को मिल सकती है.
बाजार में सिल्वर का क्या है भाव?
चांदी के बाज़ार में इस समय जो उथल-पुथल दिख रही है, उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. सिल्वर स्क्वीज़ यानी कम सप्लाई और तेज़ मांग की स्थिति बिल्कुल वास्तविक है और यही चांदी की कीमतों को ऊपर धकेल रही है.
अक्टूबर में चीन की सिल्वर एक्सपोर्ट 660 टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई, जबकि लगातार बढ़ती शिपमेंट्स के कारण चीन का घरेलू स्टॉक दस साल के निचले स्तर पर आ गया है. बड़ी मात्रा में चांदी लंदन भेजे जाने से यह सप्लाई स्क्वीज़ और भी गहरा गया है.
2025 में भी चांदी का बाज़ार घाटे में रहने की उम्मीद है. यह लगातार पांचवां साल होगा जब मांग सप्लाई से ज्यादा रह सकती है. हाल की स्थितियों ने बाज़ार में तरलता (liquidity) को काफी प्रभावित किया है, जिसके चलते लीज़ रेट तेज़ी से बढ़े हैं, और अमेरिका में टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंता के कारण बड़ी मात्रा में डिलीवरी CME वॉल्ट्स में देखी जा रही है.
अमेरिकी सरकार ने चांदी को आधिकारिक तौर पर ‘क्रिटिकल मिनरल’ यानी महत्वपूर्ण खनिज की श्रेणी में शामिल कर दिया है. यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. इसी कारण निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित और विविध बनाने के लिए कीमती धातुओं में निवेश का हिस्सा बढ़ा रहे हैं.
तेजी के लिए कौन से फैक्टर हैं जिम्मेदार?
चांदी इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब ट्रेड कर रही है और इसकी एक बड़ी वजह यह उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे और ब्याज दरों में कटौती करेगा. फेड की अगली FOMC बैठक 9–10 दिसंबर को है, जहां चेयरमैन जेरोम पॉवेल से इस साल की तीसरी 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती की घोषणा की उम्मीद की जा रही है.
इसके अलावा 2026 के अंत तक कम से कम तीन और दर कटौतियों की संभावना जताई जा रही है. अगर ऐसा हुआ तो चांदी की कीमतों को और मजबूत समर्थन मिल सकता है.
कुल मिलाकर, ब्याज दरों में कमी की उम्मीद और भौतिक बाज़ार में तंगी दोनों ने मिलकर निवेशकों की चांदी में दिलचस्पी तेज कर दी है, जिससे मांग लगातार बढ़ रही है.
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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