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Aadhaar Deactivate : 2 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड डीएक्टीवेट, क्या है वजह?

आधार जनरेट करने वाली गवर्नेमेंट बॉडी UIDAI ने हाल ही में 2 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर डीएक्टिवेट कर दिए हैं. इतनी बड़ी संख्या में आधार रद्द करने की वजह क्या है और क्या ये नंबर दोबारा भी लोगों को जारी होंगे? जानिए डिटेल

आधार जनरेट करने वाली गवर्नेमेंट बॉडी UIDAI ने हाल ही में 2 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर डीएक्टिवेट कर दिए हैं. इतनी बड़ी संख्या में आधार रद्द करने की वजह क्या है और क्या ये नंबर दोबारा भी लोगों को जारी होंगे? जानिए डिटेल

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FE Hindi Desk
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UIDAI ने इस साल एक नई सुविधा भी शुरू की है, जिसके तहत परिवार के सदस्य मायआधार पोर्टल पर किसी परिवारजन की मृत्यु की सूचना दे सकते हैं. Photograph: (Image: Akashwani)

Aadhaar Deactivate Updates : देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के बीच UIDAI की ओर से बड़ी अपडेट सामने आ रही है. आधार जनरेट करने वाली गवर्नेमेंट बॉडी UIDAI ने 2 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर डीएक्टिवेट कर दिए हैं. अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में आधार डीएक्टिवेट क्यों किए गए? क्या आने वाले दिनों में ये 12 अंकों वाले यूनिक नंबर दोबारा किसी को अलॉट किए जाएंगे, या फिर उन लोगों को दिए जाएंगे जो पहली बार आधार बनवाने के लिए अप्लाई किया है या जिन्होंने अभी तक आधार नहीं बनवाया है? आइए जानते हैं कि इसे लेकर UIDAI ने क्या जानकारी दी है.

आधार नंबर डीएक्टिवेट करने की वजह?

UIDAI ने आधार डेटाबेस को साफ और सही रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. पूरी देशभर की सफाई मुहिम के दौरान उन लोगों के 2 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर बंद कर दिए गए हैं जिनका निधन हो चुका है.

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UIDAI को मृत व्यक्तियों की जानकारी कई जगहों से मिली है. इसमें भारत के महापंजीयक, राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश, राशन प्रणाली यानी पीडीएस और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम शामिल हैं. आगे चलकर UIDAI बैंक और दूसरी संस्थाओं से भी यह जानकारी लेने पर विचार कर रहा है ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह सही रहे.

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क्या बंद हुए आधार नंबर दोबारा किसी को दिए जाएंगे?

अब सवाल उठता है कि क्या बंद किए गए आधार नंबर दोबारा किसी और को दिए जाएंगे. इसका जवाब है नहीं. UIDAI के मुताबिक एक बार किसी व्यक्ति को दिया गया आधार नंबर कभी भी किसी और को नहीं दिया जाता. किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार नंबर बंद करना इसलिए जरूरी है ताकि कोई उसका गलत इस्तेमाल न कर सके. इससे पहचान की चोरी और सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा रोका जा सके.

UIDAI ने इस साल एक नई सुविधा भी शुरू की है, जिसके तहत परिवार के सदस्य मायआधार पोर्टल पर किसी परिवारजन की मृत्यु की सूचना दे सकते हैं. यह सुविधा अभी उन 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है जहां नागरिक पंजीकरण प्रणाली यानी सीआरएस का इस्तेमाल होता है. बाकी राज्यों में इस सुविधा को जोड़ने का काम जारी है.

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परिवार कैसे बताएगा कि किसी सदस्य का निधन हो गया है?

परिवार के सदस्य को मायआधार पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी पहचान की पुष्टि करनी होती है. इसके बाद मृतक का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण संख्या और कुछ जरूरी जानकारी भरनी होती है. जानकारी की जांच पूरी होने के बाद UIDAI मृतक के आधार नंबर को बंद कर देता है.

मायआधार पोर्टल में लॉगिन कर अपनी पहचान की पुष्टि करनी होती है.

फिर मृतक का आधार नंबर, डेथ रजिस्ट्रेशन नंबर और कुछ ज़रूरी जानकारी भरनी होती है.

जानकारी की जांच होने के बाद UIDAI मृत व्यक्ति के आधार नंबर को बंद कर देता है.

UIDAI लोगों से अपील कर रहा है कि मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद अपने परिवार के सदस्य की मृत्यु की जानकारी मायआधार पोर्टल पर जरूर दें, ताकि आधार रिकॉर्ड सही रहे और किसी भी तरह की धोखाधड़ी की गुंजाइश न बचे.

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