/financial-express-hindi/media/media_files/1uHN8e4Q7uaK1zp2ltqV.png)
चुनाव आयोग को भेजे गए अपने पत्र में अखिलेश यादव ने कहा कि एस आई आर प्रक्रिया में व्यवस्थागत कमियां साफ दिख रही हैं. (Image : ANI)
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी के लिए जारी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से 3 महीने का विस्तार मांगा है, आरोप लगाते हुए कि राज्य भर में मतदाता सूची से नाम गायब हैं, कई बूथों पर एक जैसी सूचियां चिपकी हैं, सैकड़ों मतदाता दर्ज ही नहीं हुए और बूथ लेवल अधिकारियों ने फॉर्म बांटने तक का काम सही तरीके से नहीं किया. अखिलेश का कहना है कि इतनी बड़ी अनियमितताओं के बीच तय समय में सूची सुधारना संभव नहीं और लाखों मतदाता मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं.
EC को लिखे पत्र में खामियों को किया उजागर
चुनाव आयोग को भेजे गए अपने पत्र में अखिलेश यादव ने कहा कि एस आई आर प्रक्रिया में व्यवस्थागत कमियां साफ दिख रही हैं.
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) November 22, 2025
- उनके अनुसार गोंसी लोकसभा क्षेत्र और मऊ जिले की कई विधानसभा सीटों पर बूथ लेवल अधिकारी घर घर जाकर मतदाता पंजीकरण फॉर्म देने में असफल रहे.
- रुदौली विधानसभा क्षेत्र के 271 नंबर क्षेत्र में दो हजार तीन की मतदाता सूची अब तक दर्जनभर से अधिक मतदान केंद्रों पर अपलोड नहीं हुई है.
- लखनऊ जिले की ईस्ट विधानसभा सीट के बूथ नंबर 130 और 131 पर एक ही वोटर लिस्ट चिपकी हुई है.
- सबसे गंभीर आरोप यह है कि एक बूथ पर लगभग ग्यारह सौ वोटर सूची से गायब मिले हैं.
अखिलेश ने कहा कि यह सब उस समय हो रहा है जब उत्तर प्रदेश की चार सौ तीन विधानसभा सीटों पर एक लाख बासठ हजार चार सौ छियासी बूथ हैं और मतदाता संख्या पंद्रह करोड़ से अधिक है. इस संख्या को देखते हुए मतदाता गणना फॉर्म सभी घरों तक नहीं पहुंच पा रहे, लोग फॉर्म भर नहीं पा रहे और जमा नहीं कर पा रहे. इसलिए प्रक्रिया को तीन महीने और बढ़ाना जरूरी है.
चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर एस आई आर प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में इंडिया गठबंधन ने 2024 लोकसभा चुनाव में बढ़त बनाई थी, वहां से पचास हजार से अधिक वोट रद्द करने की तैयारी चल रही है.
उन्होंने कहा कि बिहार चुनावों के बाद अब खबरें हैं कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है. अखिलेश का कहना है कि 2024 के चुनावी झटके के बाद भाजपा और आयोग दोनों मिलकर यूपी और बंगाल को निशाने पर ले रहे हैं.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us