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शुक्रवार सुबह ढाका में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो अखबार के दफ्तर में आग लगा दी, जिसके बाद वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. (Image : Reuters)
Bangladesh protests Updates :बांग्लादेश एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. पड़ोसी देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और राजधानी ढाका में कुछ अख़बारों के दफ्तरों पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं. खास बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद मोहम्मद यूनुस सरकार के कार्यकाल में यह पहला बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है.
ढाका में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू
अज्ञात हमलावरों द्वारा सिर में गोली मारे जाने से गंभीर रूप से घायल हुए शरीफ उस्मान हादी का गुरुवार रात सिंगापुर के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. सिर में गंभीर चोटों के चलते उनका शुरुआती ऑपरेशन ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया गया था, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया था.
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हादी की मौत की खबर सामने आते ही जुलाई मंच के समर्थक और कार्यकर्ता ढाका के शाहबाग इलाके में जुटने लगे. प्रदर्शनकारियों ने इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की.
इसी बीच इंकलाब मंच ने एक बयान जारी कर लोगों से शाहबाग में एकत्र होने की अपील की. बयान में कहा गया कि अगर उस्मान हादी अपने रचयिता की पुकार का जवाब देते हुए शहीदों की कतार में शामिल होते हैं, तो बांग्लादेश के शोषित और आज़ादी चाहने वाले नागरिकों को देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए.
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प्रोटेस्ट में शामिल हुए छात्र
बांग्लादेश में कई छात्र संगठनों ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए, जिनमें ढाका विश्वविद्यालय परिसर के प्रदर्शन भी शामिल रहे. छात्र संगठन जातीय छात्र शक्ति (Jatiya Chhatra Shakti) ने यूनिवर्सिटी कैंपस में शोक जुलूस निकाला और फिर शाहबाग से होते हुए चौराहे पर चल रहे बड़े प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मार्च किया.
इस दौरान प्रोटेस्टर्स ने गृह सलाहकार और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जहांगीर आलम चौधरी का पुतला फूंका और हादी पर हुए हमले के आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने को लेकर उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की.
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