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वोटों का बंटवारा या जीत का सहारा? कांग्रेस-वीबीए गठबंधन और 'आप' की एंट्री ने बढ़ाई धड़कनें. Photograph: (IANS)
BMC Election 2026: मुम्बई में बीएमसी (BMC) चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में राजनीतिक दल गठबंधन को अंतिम रूप देने, सीटों के बंटवारे के सौदे तय करने और उम्मीदवारों की घोषणा करने की होड़ में लगे हैं.नामांकन की अंतिम तिथि 30 दिसंबर है, जबकि मतदान 15 जनवरी को और मतगणना 16 जनवरी को निर्धारित है.मुम्बई के साथ-साथ महाराष्ट्र के 28 अन्य नगर निगमों के चुनाव भी 15 जनवरी को ही आयोजित किए जाएंगे.
इस बार बीएमसी (BMC) का चुनाव पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा उलझा हुआ लग रहा है और इसमें कड़ा मुकाबला होने के असर है. राजनीतिक उठापटक के तहत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है, कांग्रेस ने महा विकास अघाड़ी (एमवीए) से बाहर निकलकर वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के साथ गठबंधन किया है, आम आदमी पार्टी (आप) पहली बार बीएमसी चुनावी मैदान में उतर रही है और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच एक नया गठबंधन भी सामने आया है.
कौन किसके साथ गठबंधन कर रहा है?
एक अहम घटनाक्रम में ठाकरे भाई एक साथ आ रहे हैं. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बीएमसी चुनाव मिलकर लड़ेंगे. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) ने आंतरिक विचार-विमर्श और वार्ड स्तर की समीक्षा के बाद अब तक 90 एबी फॉर्म जारी किए हैं. एबी फॉर्म के जरिए किसी उम्मीदवार को औपचारिक रूप से पार्टी का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया जाता है.
सत्तारूढ़ गठबंधन भाजपा और शिवसेना बीएमसी चुनाव मिलकर लड़ेंगें. तय किए गए फॉर्मूले के तहत भाजपा 128 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शिवसेना 79 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी. शेष सीटों के बंटवारे को स्थानीय समीकरणों और उम्मीदवारों की ताकत के आधार पर अंतिम रूप दिया जाएगा.
मुंबई में आप की पहली नगर निगम परीक्षा
इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया है कि आम आदमी पार्टी ने अब तक 51 उम्मीदवारों की घोषणा की है और कहा है कि वह सभी 227 वार्डों में चुनाव लड़ेगी. हालांकि मुंबई में पार्टी का संगठनात्मक आधार मजबूत नहीं है लेकिन नेताओं का मानना है कि बुनियादी सेवाओं, पारदर्शिता और सुशासन जैसे नागरिक मुद्दों पर दिया गया जोर कड़े मुकाबले वाले वार्डों में नतीजों को प्रभावित कर सकता है.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जो बीएमसी चुनावों के लिए महा विकास अघाड़ी से बाहर आ चुकी है, ने वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ हाथ मिलाया है. इस समझौते के तहत वीबीए मुंबई में 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस गठबंधन का उद्देश्य वंचित समुदायों के वोटों को एकजुट करना है.
अजित पवार की एनसीपी ने चुना अकेले लड़ने का रास्ता
इस बीच, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने मुंबई में अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. पार्टी ने अपने पहले 36 उम्मीदवारों की सूची जारी की है और राज्य स्तर पर सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद किसी भी स्थानीय समझौते से इनकार किया है. नेताओं का कहना है कि यह निर्णय शहर की विशिष्ट स्थानीय राजनीतिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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