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Women voters decisive in Bihar election : जीविका निधि साख सहकारी संघ एक ऐसी पहल है, जिसके जरिए जीविका दीदीओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी. (ANI)
Women voters decisive in Bihar election : बिहार विधानसभा चुनाव के ताजा रुझानों में बीजेपी और आरजेडी की अगुवाई वाले गठबंधन एनडीए का प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है. ट्रेंड बता रहे हैं कि एनडीए को बिहार में 185 से 190 सीटें मिल सकती हैं. फिलहाल इस पूरे चुनाव (Bihar Election 2025) में महिला वोटर्स गेम चेंजर बताई जा रही हैं. और ऐसा हुआ बिहार चुनाव से पहले महिला रोजगार योजना के तहत बिहार सरकार द्वारा महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये भेजे जाने से. वहीं चुनाव में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है.
बिहार चुनाव 2025 : महिलाओं ने रिकॉर्ड वोटिंग की
इस बार बिहार में कुल 67.13 फीसदी का रिकॉर्ड मतदान हुआ. लेकिन महिलाओं ने इससे भी आगे बढ़कर 71.78 फीसदी मतदान किया, जबकि पुरुषों का मतदान फीसदी 62.98 % रहा. कई जिलों में महिलाओं ने पुरुषों से 10 से 15 फीसदी ज्यादा वोटिंग की. महिलाएं पिछले 15 सालों से लगातार ज्यादा संख्या में वोट कर रही थीं, लेकिन 2025 में उनकी भारी भागीदारी ने सबको चौंका दिया.
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पीएम मोदी ने 105 करोड़ ​किए थे ट्रांसफर
मोदी सरकार ने सितंबर में बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड की शुरुआत की थी. इस मौके पर पीएम ने संस्था के बैंक खाते में 105 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए.
जीविका निधि साख सहकारी संघ एक ऐसी पहल है, जिसके जरिए गांव-गांव में जीविका से जुड़ी बहनों यानी जीविका दीदीओं को आर्थिक सहायता और सपोर्ट दिया जाएगा. इससे वे जो काम करती हैं, जो व्यवसाय चलाती हैं, उसे और मजबूत कर सकेंगी.
जीविका निधि का क्या है उद्देश्य?
जीविका निधि का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को कम ब्याज दर पर आसानी से लोन उपलब्ध कराना. अब तक ये महिलाएं छोटे-छोटे उद्यम खड़ा करने के लिए माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन्स (MFIs) से 18–24% तक ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर थीं. नई व्यवस्था उन्हें कम ब्याज और समय पर बड़े लोन उपलब्ध कराएगी.
इस संस्था के सदस्य सभी रजिस्टर्ड क्लस्टर-लेवल फेडरेशन होंगे, जबकि इसके संचालन के लिए बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों फंडिंग देंगी. सिस्टम पूरी तरह डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर आधारित होगा, जिससे लोन की रकम सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर होगी. पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने के लिए 12,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं को टैबलेट भी दिए जा रहे हैं.
महिलाओं के लिए अन्य योजनाएं
सरकार महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंक सखी जैसी भूमिकाओं में भी प्रशिक्षित कर रही है. ये योजनाएं माताओं और बहनों की सेवा का एक बड़ा महायज्ञ हैं और भविष्य में इन्हें और भी तेज किया जाएगा.
पिछले कुछ सालों में जीविका से जुड़ी महिलाओं ने ग्रामीण एंटरप्रेन्योरशिप की नई तस्वीर पेश की है. उनसे कई लघु उद्यम और प्रोड्यूसर कंपनियां खड़ी हुई हैं. उम्मीद है कि यह पहल महिलाओं को महंगे कर्ज से छुटकारा दिलाकर, उन्हें और सशक्त बनाएगी.
फिलहाल, पूरे बिहार से करीब 20 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से जुड़ी हैं, जो आगे चलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती हैं.
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