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बिहार चुनाव फेज-1: हर तीन में एक पर आपराधिक केस, 500+ करोड़पति उम्मीदवार — जानिए कौन हैं ये दावेदार

बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण में हर तीन में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक मामला दर्ज है. न्यायिक चेतावनियों और राजनीतिक नाराज़गी के बावजूद यह प्रवृत्ति जारी है, जो चुनावी राजनीति में आपराधिक छवि के प्रभाव को फिर उजागर करती है.

बिहार चुनाव 2025 के पहले चरण में हर तीन में से एक उम्मीदवार पर आपराधिक मामला दर्ज है. न्यायिक चेतावनियों और राजनीतिक नाराज़गी के बावजूद यह प्रवृत्ति जारी है, जो चुनावी राजनीति में आपराधिक छवि के प्रभाव को फिर उजागर करती है.

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anamika sinha
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Bihar Election 2025 voting

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 32% उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. Photograph: (IE)

Bihar Election 2025: भारत की राजनीतिक रणभूमि के केंद्र में, जहाँ हर चुनावी मौसम में सुधार और पारदर्शिता के वादे जोर-शोर से गूंजते हैं, आंकड़े एक कड़वी सच्चाई और पूरी तरह अलग तस्वीर पेश करते हैं. वर्षों  तक न्यायिक चेतावनियों और राजनीतिक आक्रोश के बावजूद बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नक्शे पर ऐसे कई उम्मीदवार दिखाई दे रहे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह मामूली बात नहीं है लगभग हर तीन में से एक उम्मीदवार इस श्रेणी में आता है.

हाल ही में एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण के 32 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. ADR के डेटा से यह भी स्पष्ट होता है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने पुराने रुझान को बरकरार रखते हुए ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जिनके खिलाफ आपराधिक केस हैं. पार्टियों के बीच यह प्रतिशत 20% से लेकर 100% तक है.13 फरवरी 2020 के अपने निर्देश में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि राजनीतिक दलों को यह बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को क्यों चुना, जबकि उनके पास गैर-अपराधिक रिकॉर्ड वाले योग्य उम्मीदवारों के विकल्प मौजूद थे. इसके बावजूद यह प्रवृत्ति अब भी जारी है जो भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक गंभीर चुनौती को दर्शाती है.

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कुछ प्रमुख उम्मीदवारों की जानकारी:

  1. अनंत सिंह – JD(U), मोकामा: अपने लंबे आपराधिक रिकॉर्ड के लिए प्रसिद्ध अनंत सिंह, मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. उम्मीदवार के हलफनामे में उनके खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  2. राजू कुमार सिंह – साहेबगंज: भाजपा के उम्मीदवार जिनके खिलाफ 10 से अधिक मामले हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट और दिल्ली में एक महिला आर्किटेक्ट की हत्या शामिल है.

  3. ओसामा शहाब – RJD, सीवान: वे प्रभावशाली नेता मोहम्मद शाहाबुद्दीन के पुत्र हैं और सीवान से RJD के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. उनके खिलाफ पांच आपराधिक मामले हैं.

  4. रितलाल राय – RJD, दानापुर: RJD के एक और बड़े उम्मीदवार दानापुर से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके खिलाफ 30 लंबित मामले हैं जिनमें हत्या, आपराधिक धमकी और उगाही शामिल हैं.

  5. करणवीर सिंह – RJD, बाढ़:  बाढ़ निर्वाचन क्षेत्र से RJD उम्मीदवार, जिनके खिलाफ 15 आपराधिक मामले हैं.

  6. अमरेंद्र कुमार पांडे – JD(U), कुचायकोट: कुचायकोट से जनता दल (यूनाइटेड) का प्रतिनिधित्व करने वाले अमरेंद्र कुमार पांडे के खिलाफ 14 लंबित आपराधिक मामले हैं.

ADR के आंकड़े बताते हैं कि पहले चरण के शीर्ष 10 करोड़पति उम्मीदवारों के पास मिलकर लगभग 900 करोड़ रुपये की संपत्ति हैं. सूची में सबसे ऊपर हैं कुमार प्रणय (BJP, मुंगेर) जिनकी घोषित संपत्ति 170 करोड़ रुपये से अधिक है, इसके बाद राज किशोर गुप्ता (स्वतंत्र उम्मीदवार, महाराजगंज) 137 करोड़ रुपये और अनंत सिंह (JD-U, मोकामा) 100 करोड़ रुपये के साथ हैं.

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बिहार फेज 1 चुनाव के शीर्ष करोड़पति उम्मीदवार:

ADR के अनुसार, पहले चरण में चुनाव लड़ रहे शीर्ष 10 सबसे संपन्न उम्मीदवार हैं:

  • कुमार प्रणय (BJP, मुंगेर) – 170 करोड़+

  • राज किशोर गुप्ता (स्वतंत्र उम्मीदवार, महाराजगंज) – 137 करोड़+

  • अनंत सिंह (JD-U, मोकामा) – 100 करोड़+

  • डॉ. कुमार पुष्पंजय (JD-U, बरबीघा) – 94 करोड़+

  • अरुण कुमार (RJD, तारापुर) – 83 करोड़+

  • संदीप कुमार सिंह उर्फ गोपाल संदीप सिंह (जन सुराज पार्टी, मनेर) – 80 करोड़+

  • देव कुमार चौरसिया (RJD, हाजीपुर) – 68 करोड़+

  • राजीव रंजन (Independent, जगदीशपुर) – 63 करोड़+

  • अरुण कुमार गुप्ता (RJD, बढ़हरिया) – 54 करोड़+

  • संजय कुमार सिंह (LJP-रामविलास, सिमरी बख्तियारपुर) – 45 करोड़+

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब पार्टियों से पूछा गया कि उन्होंने आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों को क्यों टिकट दिया, तो ज्यादातर पार्टियों ने लगभग एक जैसी बातें कही.

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          🏛️ पार्टी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामलों का विश्लेषण

मुख्य भारतीय राजनीतिक दलों के उन उम्मीदवारों का तुलनात्मक विश्लेषण, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं: 


🔹 कुल आपराधिक मामले और गंभीर आरोप

राजनीतिक दलआपराधिक मामले (%)गंभीर आपराधिक मामले (%)
राष्ट्रीय जनता दल (RJD)76%60%
भारतीय जनता पार्टी (BJP)65%56%
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)65%52%
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP-रामविलास)54%38%
जन सुराज पार्टी (JSP)44%43%
जनता दल (यूनाइटेड) [JD(U)]39%26%
आम आदमी पार्टी (AAP)27%20%
बहुजन समाज पार्टी (BSP)20%18%

📊 मुख्य निष्कर्ष (Key Insights)

  • 76% — सबसे अधिक:
    राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सबसे अधिक उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  • 20% — सबसे कम:
    बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवारों पर सबसे कम आपराधिक मामले हैं.

  • 3.8 X अंतर:
    सबसे ज़्यादा और सबसे कम मामलों वाले दलों के बीच लगभग 4 गुना का अंतर है.


📌 यह डेटा उन उम्मीदवारों का प्रतिशत दर्शाता है जिन्होंने अपने हलफनामे में आपराधिक और गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है.

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उदाहरण के तौर पर, जेडी (यू) ने अपने मोकामा उम्मीदवार अनंत सिंह जिन पर 50 से अधिक मामले लंबित हैं, को “एक समाजसेवी और बड़े जनसमर्थन वाले व्यक्ति” के रूप में दिखाया. इसी तरह, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी जिसने स्वच्छ राजनीति का वादा किया था, ने अपने सभी 34 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को “अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता” बताया और कहा कि उन्हें “जनता की मांग पर” चुना गया है.

रिपोर्ट के अनुसार,राजद (RJD) ने अपने कई उम्मीदवारों को “बहुत सक्रिय और लोकप्रिय” बताया है, जबकि भाजपा (BJP) ने अपने उम्मीदवारों पर दर्ज मामलों को “बेबुनियाद” करार दिया है.
वहीं कांग्रेस, जो 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, ने अपने उम्मीदवारों को “अनुभवी” और “पार्टी के सिद्धांतों के प्रति समर्पित” बताया है.

एडीआर (ADR) का कहना है कि इस तरह के समान तर्क सीधे तौर पर सर्वोच्च न्यायालय के 13 फरवरी 2020 के आदेश का उल्लंघन करते हैं. उस आदेश में कहा गया था कि पार्टियों को यह साफ-साफ बताना होगा कि उन्होंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट क्यों दिया. इस तरह सामान्य या घुमा-फिरा कर जवाब नहीं चलेगा.


Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.

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Bjp RJD Bihar Election 2025