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Bihar Election 2025 Counting of Votes : पटना के एएन कॉलेज में बने मतगणना केंद्र के बाहर तैनात सुरक्षा बल. (ANI Photo)
Bihar Election Results 2025, Five Major Regions : बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे जब आने शुरू होंगे, तब एक चीज़ पर सबकी नज़र टिकेगी—राज्य के पांच बड़े क्षेत्रों में किस तरह का राजनीतिक रुझान दिखता है (Bihar Election Regional Trends). ये पांच इलाके हैं– तिरहुत, मिथिलांचल-कोसी, सारण, सीमांचल और शाहाबाद. हर क्षेत्र की अपनी सामाजिक और राजनीतिक बुनावट है, और यही चुनावी तस्वीर को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है (Bihar Election Result Analysis).
इनमें से तिरहुत, जो सबसे बड़ा इलाका है, अक्सर NDA के पक्ष में जाता दिखा है. वहीं सीमांचल, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है, लंबे समय से महागठबंधन का मजबूत गढ़ माना जाता है (Muslim Vote Bank Bihar).
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तिरहुत : सबसे बड़ा इलाका, NDA की पारंपरिक पकड़ (Tirhut Region Bihar Election)
तिरहुत में मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं. यहां कुल 49 विधानसभा सीटें हैं, जो इसे बिहार का सबसे बड़ा चुनावी ज़ोन बनाती हैं (Tirhut Assembly Seats).
दोनों चंपारण जिले लंबे समय से NDA के भरोसेमंद गढ़ रहे हैं. वहीं सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में मुकाबला हमेशा कड़ा रहता है.
चंपारण के लोग एक समय डकैतों और नेपाल बॉर्डर की असुरक्षा से प्रभावित रहे. लेकिन नीतीश कुमार सरकार के दौर में पुलिस प्रशासन मजबूत हुआ, जिससे इस इलाके में NDA के प्रति झुकाव बढ़ा (Law and Order Bihar).
यहां ऊंची जातियों, ओबीसी और ईबीसी (जैसे धनुक और मल्लाह) की अच्छी-खासी आबादी है, जो चुनावी समीकरण तय करती है.
मिथिलांचल और कोसी: RJD के मजबूत आधार के बावजूद कांटे की टक्कर (Mithilanchal Kosi Election Region)
इस क्षेत्र में दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा, यानी कुल 40 सीटें आती हैं (Mithilanchal Assembly Seats).
यहां मुस्लिम और यादव वोटर बड़ी संख्या में हैं, और परंपरागत रूप से RJD के पक्ष में रहते हैं—खासकर मधेपुरा में यादव बहुल इलाका RJD के लिए खास अहमियत रखता है (MY Vote Bank Bihar).
इस बार एक अहम बात यह है कि महागठबंधन के साथ मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP) भी है, जिससे निषाद समुदाय का वोट उसे मिल सकता है, जो इस पूरे नदी किनारे के इलाके में बसे हैं (Nishad Vote Bihar Election).
दरभंगा और मधुबनी में ब्राह्मण और मुस्लिम आबादी दोनों ही बड़ी है, जिससे कुछ सीटों पर ध्रुवीकरण के आसार हैं—और इसका फायदा BJP को मिल सकता है.
सारण: हमेशा से कड़ी टक्कर वाला मैदान (Saran Election Battle)
सारण में सारण, गोपालगंज और सीवान जिले शामिल हैं, जो मिलकर 24 सीटें बनाते हैं (Saran Region Bihar Election).
यह इलाका हमेशा से NDA और महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर के लिए जाना जाता है. हालांकि यहां NDA को थोड़ा सा बढ़त वाला क्षेत्र माना जाता रहा है (Close Contest Bihar Election).
इस बार दो सीटें सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं—
सीवान, जहां मंत्री मंगल पांडे (BJP) का मुकाबला RJD के अवध बिहारी चौधरी से है.
दूसरी तरफ छपरा (Saran) में RJD ने लोकप्रिय भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है, जहां उनका सामना BJP की छोटी कुमारी से है.
सीमांचल : मुस्लिम बहुल इलाके में AIMIM बनेगी गेम-चेंजर?
पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज वाले इस इलाके में कुल 20 सीटें हैं (Seemanchal Assembly Seats).
2020 में यहां AIMIM ने 5 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था. पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी इस बार भी पूरा जोर लगाए हुए हैं. अगर मुस्लिम वोट बैंक (Seemanchal Muslim Vote Bank) थोड़ा भी AIMIM की तरफ सरकता है, तो यह महागठबंधन के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है (AIMIM Impact Bihar).
एक सीट जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प है—जोकिहार. यहां जन सुराज से सरफराज आलम मैदान में हैं. उनके सामने हैं उनके ही भाई और RJD विधायक शहनवाज़ आलम, और मुकाबला चार-तरफा बन चुका है.
शाहाबाद: 2020 में महागठबंधन की बड़ी जीत, इस बार समीकरण अलग (Shahabad Bihar Election)
भोजपुर, रोहतास, कैमूर और बक्सर, यानी कुल 22 सीटों वाला यह क्षेत्र 2020 में महागठबंधन की जीत का मुख्य कारण बना था. तब गठबंधन ने यहां की 20 सीटें जीत ली थीं.
लेकिन 2020 की कहानी में एक ट्विस्ट था—चिराग पासवान की LJP और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी NDA से अलग चुनाव लड़ रही थीं, जिसने NDA का वोट काट दिया था.
इस बार हालात पूरी तरह अलग हैं— LJP (RV) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा, दोनों NDA में वापस हैं. इसलिए मुकाबला ज्यादा सख्त होने की उम्मीद है (NDA Vote Consolidation).
कुछ सीटों पर BSP भी असर डाल सकती है, खासकर जहां वोटिंग पैटर्न बंटा हुआ हो.
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