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प्रशांत किशोर का दावा, महिलाओं को दिए गए 10,000 रुपये एनडीए की भारी का बड़ा कारण (File Photo : PTI)
Prashant Kishor on Bihar NDA Victory: 10,000 Scheme Changed Bihar Election Results : बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर अलग-अलग विश्लेषण सामने आ रहे हैं. इसी बीच जन सुराज पार्टी के प्रमुख और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि चुनाव से ठीक पहले बिहार की लाखों महिलाओं को दिया गया 10,000 रुपये का नकद भुगतान एनडीए की जीत का सबसे बड़ा कारण बना. उनके मुताबिक इन पैसों का असर इतना जबरदस्त हुआ कि पूरे चुनाव की दिशा ही बदल गई.
बिहार चुनाव में NDA की भारी जीत
हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में BJP और JDU की अगुवाई वाले गठबंधन एनडीए ने 243 में से 202 सीटों पर कब्जा जमाया. दूसरी तरफ महागठबंधन, जिसमें RJD, कांग्रेस और कुछ अन्य दल थे, सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया. यह नतीजा सभी के लिए चौंकाने वाला था, लेकिन ‘पीके’ नाम से मशहूर प्रशांत किशोर का कहना है कि इसकी वजह बिलकुल साफ है. प्रशांत किशोन ने पहले दावा किया था कि बिहार चुनाव में JDU को 25 सीटों से ज्यादा नहीं मिलेंगी, लेकिन नतीजे बिलकुल अलग रहे.
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पैसे बांटकर महिलाओं के वोट “खरीद” लिए : प्रशांत किशोर
एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना, जिसे लोग ‘दस हज़ारी स्कीम’ भी कहते हैं, ने महिला वोटबैंक को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया. प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से ठीक पहले ये पैसे बांटकर महिलाओं के वोट “खरीद” लिए. उनके अनुसार, “ये पैसे वोटों में भारी बदलाव करने के लिए काफी थे. JDU को 25 सीटों से ज्यादा नहीं मिलनी चाहिए थी. लेकिन 10,000 रुपये ने पूरा गणित बदल दिया.”
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हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 125 करोड़ रुपये तक बांटे गए : प्रशांत किशोर
उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के जरिये सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 125 करोड़ रुपये तक बांटे, जो किसी भी चुनावी नतीजे को प्रभावित करने में बड़ा रोल निभाने के लिए काफी बड़ी रकम है. प्रशांत किशोर ने कहा, "मेरा मानना है... कि जेडीयू को 25 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलनी चाहिए थीं. लेकिन अब जब उन्होंने 80 से ज़्यादा सीटें 'जीत' ली हैं, तो लोग मुझसे कह रहे हैं कि 'आपका विश्लेषण ग़लत था'. ऊपरी तौर पर यह ग़लत लगता है... लेकिन, अगर आप बारीकी से देखें, तो एक कारण यह है कि सरकार ने (वोट देने से पहले) हर विधानसभा क्षेत्र में 100 से 125 करोड़ रुपये तक बांटे और 60,000 से 62,000 लोगों को 10-10 हजार रुपये दिए गए." प्रशांत किशोर ने ट्रांसफर की टाइमिंग पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पैसा उसी समय दिया गया, जब चुनावी घोषणा-पत्र जारी हुआ और मतदान तक लगातार दिया जाता रहा.
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क्या है बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना
बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार से एक महिला को 10,000 रुपये की ग्रांट दी जाती है, ताकि वह अपना छोटा रोजगार शुरू कर सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को राज्य सरकार की इस योजना को लॉन्च करते हुए बिहार की करीब 75 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त वर्चुअली ट्रांसफर की थी. इस तरह करीब 7,500 करोड़ रुपये की रकम बिहार की महिलाओं के खातों में डाली गई. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 अक्टूबर को 25 लाख और 6 अक्टूबर को 21 लाख महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे. इस तरह 3 अक्टूबर को करीब 2500 करोड़ रुपये और 6 अक्टूबर को 2100 करोड़ रुपये बिहार की महिलाओं के खातों में डाले गए. योजना के तहत पेमेंट ट्रांसफर की अगली घोषित तारीखें 17 अक्टूबर, 24 अक्टूबर और 31 अक्टूबर 2025 थीं. बिहार में मतदान 6 और 11 नवंबर हुआ जबकि नतीजे 14 नवंबर को घोषित हुए. पीके की पार्टी जन सुराज ने इस चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट पर जीत नहीं मिली.
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