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सीसीटीवी फुटेज में कार को दोपहर 3:19 बजे लाल क़िला पार्किंग में प्रवेश करते और शाम 6:48 बजे बाहर निकलते हुए देखा गया. Photograph: (Express Photo)
Delhi Red Fort blast:सोमवार को लाल क़िला (Red Fort) के पास हुए धमाके में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. यह विस्फोट शाम 6:52 बजे एक धीमी गति से चल रही हुंडई i20 कार में हुआ, जो लाल क़िला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी थी. यह इलाका पुरानी दिल्ली के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो दिल्ली गेट को कश्मीरी गेट से जोड़ता है और चांदनी चौक जाने वाले पैदल रास्ते के ठीक सामने स्थित है. यह स्थान जामा मस्जिद से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर है.
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया. जांचकर्ताओं को पता चला है कि यह कार पुलवामा के एक व्यक्ति की है, जिसे अब इस मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा है.
दिल्ली लाल क़िला धमाके का संदिग्ध कौन है?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह वाहन 34 वर्षीय पुलवामा निवासी ने 29 अक्टूबर को खरीदा था.
द प्रिंट की रिपोर्ट में बताया गया कि यह डॉक्टर दो अन्य डॉक्टरों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिन्हें सोमवार को फरीदाबाद में धमाके से कुछ घंटे पहले ही गिरफ्तार किया गया था.
पीटीआई द्वारा उद्धृत अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने तीन डॉक्टर सहित आठ लोगों को हिरासत में लिया है और करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किए हैं. यह एक “व्हाइट-कॉलर” आतंकी नेटवर्क बताया जा रहा है, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजावत अल-हिंद से जुड़ा है और कश्मीर, हरियाणा व उत्तर प्रदेश में सक्रिय था.
एक अधिकारी के हवाले से द प्रिंट ने बताया,“वह (पुलवामा निवासी) उसी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा है. फरीदाबाद में गिरफ्तारी के बाद वह घबरा गया. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक डेटोनेटर लगाया और यह आतंकी हमला अंजाम दिया.”
हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने हुंडई i20 कार के असली मालिक मोहम्मद सलमान को गिरफ्तार किया है.
पूछताछ में सलमान ने बताया कि उसने यह कार किसी और को बेच दी थी. इसके बाद पुलिस ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से जानकारी लेकर वर्तमान मालिक का पता लगाया, जो पुलवामा के संदिग्ध तक पहुंची.
लाल क़िला ब्लास्ट टाइमलाइन
सूत्रों के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया, सीसीटीवी फुटेज में कार को दोपहर 3:19 बजे लाल क़िला पार्किंग में प्रवेश करते हुए देखा गया. कार तीन घंटे से अधिक समय तक वहीं खड़ी रही और शाम 6:48 बजे पार्किंग से बाहर निकलते हुए ड्राइवर को पार्किंग स्लिप लेते हुए देखा गया.
एक सूत्र ने बताया, “फुटेज में दिखता है कि जब कार पार्किंग से निकली, तब सड़क पर भारी ट्रैफिक था.” सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को यह भी बताया कि धमाके से पहले यह कार दरियागंज, लाल क़िला, कश्मीरी गेट और सुनहरी मस्जिद इलाके में देखी गई थी.
शाम 6:52 बजे, यानी चार मिनट बाद, लाल क़िला के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर कार रुकते ही धमाका हुआ, जिसमें कुछ पैदल लोग घायल हो गए और आसपास की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा. 10 मिनट के भीतर, दिल्ली क्राइम ब्रांच और स्पेशल ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दमकलकर्मी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे.
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जांच और सुरक्षा
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा कि कार में कई लोग सवार थे, लेकिन द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा देखे गए सीसीटीवी फुटेज में केवल एक व्यक्ति ड्राइवर सीट पर दिखाई दिया. जांचकर्ता अब यह पता लगा रहे हैं कि क्या धमाके से पहले अन्य लोग भी कार में सवार हुए थे.
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम आसपास की सड़कों और टोल बैरियर्स के फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि कार की पूरी मूवमेंट ट्रैक की जा सके."
धमाके के बाद दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया. पीटीआई कि रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना फरीदाबाद में हुई उस कार्रवाई के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट और हथियारों का जखीरा एक कश्मीरी डॉक्टर के किराए के घर से मिला था.
घायल और राहत कार्य
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 20 घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें दो महिलाएं और 18 पुरुष शामिल हैं. इनमें से 12 दिल्ली निवासी हैं, जबकि बाकी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से हैं. सबसे कम उम्र का पीड़ित 21 वर्षीय शिवम झा दिल्ली के उस्मानपुर से बताया गया है.
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) के विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने इकट्ठे किए हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोटक सामग्री किस प्रकार की थी. एफएसएल अधिकारी मोहम्मद वहीद ने बताया, “नमूने लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे. जांच के बाद ही पुष्टि हो पाएगी कि विस्फोटक किस प्रकार का था.”
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
To read this article in English, click here.
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