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Digital Life Certificate: अधिकारियों के मुताबिक 1 से 30 नवंबर 2025 के बीच कुल 1.54 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार हुए. (Image: Insta/nicmeity)
Digital Life Certificates, DLC Campaign 4.0 : डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान 4.0 ने इस बार रिकॉर्ड सफलता हासिल की है. नवंबर 2025 में पूरे देश के पेंशनर्स ने मिलकर 1.54 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन जमा किए. बैंकों में SBI ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और 22.46 लाख DLC तैयार किए. अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन रहा, जिसके जरिए 91.86 लाख यानी कुल DLC का लगभग 60% तैयार हुआ. यह अभियान पेंशनरों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है.
रिकॉर्ड 1.54 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा
भारत में पेंशनर्स के लिए खास डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान (DLC Campaign 4.0) 1 से 30 नवंबर के बीच चला. डिजिटल तरीके से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने को बढ़ावा देने वाला यह अभियान अब तक का सबसे सफल पेंशन वेलफेयर ड्राइव साबित हुआ. डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर ने अभियान को सफल बनाने वाले सभी पक्षों और संस्थानों का आभार व्यक्त किया है. अधिकारियों के मुताबिक 1 से 30 नवंबर 2025 के बीच कुल 1.54 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार हुए.
The Department of Pension & Pensioners’ Welfare extends its sincere gratitude to all colleagues and partner organisations who worked tirelessly to make the DLC Campaign 4.0 a resounding success during 1–30 November 2025.
— DOPPW_India (@DOPPW_India) December 1, 2025
The DLC Campaign 4.0 has emerged as the largest-ever… pic.twitter.com/B5TlqFrlHe
इस कामयाबी में पेंशनर्स एसोसिएशनों, बैंकों, EPFO, रेल मंत्रालय, रक्षा लेखा विभाग, डाक विभाग, UIDAI, MeitY और दूरसंचार विभाग जैसे संस्थानों ने मिलकर महत्वपूर्ण योगदान दिया.
DLC बनाने में SBI टॉप पर
पेंशन वितरण करने वाले बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 22.46 लाख डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार कर सबसे आगे रहा. पंजाब नेशनल बैंक ने 3.12 लाख और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने 4.68 लाख प्रमाण पत्र बनाए. कुल मिलाकर सभी बैंकों ने अपने लक्ष्य का 53 फीसदी से ज्यादा हासिल किया जो अभियान के इतिहास में एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है.
फेस स्कैन से बने सबसे अधिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
इस साल अभियान की सबसे बड़ी खासियत रही आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की लोकप्रियता. 91.86 लाख सर्टिफिकेट फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से तैयार हुए जो कुल का लगभग 60 फीसदी है. यह दिखाता है कि पेंशनरों के बीच यह सुविधा तेजी से स्वीकार की जा रही है.
विभागवार प्रदर्शन की बात करें तो EPFO ने 60.96 लाख, रक्षा लेखा विभाग ने 28.38 लाख, रेलवे ने 6.34 लाख, दूरसंचार विभाग ने 3.66 लाख और डाक विभाग ने 2.50 लाख डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी किए. इन विभागों की भागीदारी ने अभियान की पहुंच और प्रभाव दोनों को मजबूत किया.
अभियान को केंद्र सरकार के उच्च स्तरों से भी सराहना मिली. देशभर में आयोजित बड़े डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट शिविरों में पेंशनरों की भारी उपस्थिति देखने को मिली. रेडियो, टीवी, मीडिया जैसे तमाम प्लेटफॉर्म्स ने व्यापक कवरेज दी जिससे पूरे देश में अभियान की जागरूकता में तेजी आई.
डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर के अनुसार, मासिक अभियान के तहत 2 करोड़ (2,01,28,573) पेंशनरों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 1 से 30 नवंबर के बीच 1.54 करोड़ (1,54,07,122) डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा हुए, जो कुल लक्ष्य का 74.54 फीसदी हिस्सा है. विभाग ने भरोसा जताया है कि पार्टनर पक्षों के सहयोग से मार्च 2026 तक 2 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा. साथ ही, अभियान की प्रमुख उपलब्धियों, आंकड़ों और सफलता की कहानियों को शामिल करते हुए एक बुकलेट भी जल्द जारी की जाएगी.
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