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चुनाव आयोग आज 3 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर रहा है. (Image : PTI)
ECI SIR Draft Roll Release for West Bengal, Rajasthan, Puducherry, Lakshadweep, Goa Update: आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल की चुनावी तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा कदम उठाया है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन–SIR) के तहत प्राप्त एन्युमरेशन फॉर्म के आधार पर आयोग ने मंगलवार को राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी. इसके साथ ही 2025 की मतदाता सूची में शामिल रहे लाखों मतदाताओं के नाम 2026 की ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए जाने की जानकारी और उनके कारण भी सार्वजनिक किए गए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर उन मतदाताओं की अलग सूची जारी की है, जिनके नाम 2025 की वोटर लिस्ट में थे लेकिन 2026 की ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए. आयोग ने स्पष्ट किया है कि नाम हटाने के पीछे पंजीकृत पते पर अनुपस्थित रहना, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो जाना, मृत्यु या एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में डुप्लिकेट पंजीकरण जैसे कारण हैं. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ चुनाव आयोग के मतदाता पोर्टल और मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध करा दी गई है, जबकि हटाए गए मतदाताओं की सूची अलग लिंक पर देखी जा सकती है.
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के तहत तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है. यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल की आधिकारिक वेबसाइट (ceowestbengal.wb.gov.in/Electors), चुनाव आयोग के वोटर पोर्टल (voters.eci.gov.in) और ECINET ऐप पर देखी जा सकती है. वहीं जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनकी अलग सूची आयोग की वेबसाइट ceowestbengal.wb.gov.in/asd_sir पर उपलब्ध कराई गई है.
आयोग के सूत्रों ने बताया कि एसआईआर के दौरान 58 लाख से अधिक एन्युमरेशन फॉर्म एकत्र नहीं किए जा सके और इन्हीं आधारों पर संबंधित नामों को ड्राफ्ट सूची से हटाया गया है. इनमें से 24 लाख से ज्यादा मतदाताओं को मृत घोषित किया गया है, 12 लाख से अधिक मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले, करीब 20 लाख मतदाता अपने पुराने निर्वाचन क्षेत्रों से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं और 1.38 लाख मतदाताओं के नाम दो जगह दर्ज पाए गए हैं. इसके अलावा गणना के दौरान सामने आई अन्य तकनीकी जटिलताओं के आधार पर 57 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए गए हैं.
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है. आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, मतदाता 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक घोषणा पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रपत्र-6 के जरिए अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं और ऐसे में मतदाता सूची का यह पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का एक अहम चरण माना जा रहा है.
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म भरे थे, उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं. इसके साथ ही आज राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप की भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा रही है.
इन 5 राज्यों और UT के ड्राफ्ट लिस्ट सामने आने के साथ ही एन्युमरेशन का काम समाप्त हो गया या हो जाएगा. इसके बाद अगला फेज क्लेम और ऑब्जेक्शन शुरू होगा. इस चरण में मतदाता अपने नाम से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे, दावे पेश कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर सुनवाई भी होगी. यह प्रक्रिया फरवरी 2026 तक चलने की उम्मीद है.
चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे राज्य की 2025 की वोटर लिस्ट में शामिल थे, लेकिन 2026 की ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम नहीं पाया गया. आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ की गई है और मतदाताओं को अपनी स्थिति जांचने तथा जरूरी सुधार कराने का पूरा मौका दिया जाएगा.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट कहां देखें?
चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की छपी हुई प्रतियां उपलब्ध कराएंगे. इसके साथ ही ये ड्राफ्ट मतदाता सूचियां CEO और DEO की आधिकारिक वेबसाइट पर भी डाली जाएंगी. अलग-अलग सूचियां भी जारी होंगी, जिनमें यह बताया जाएगा कि कौन-से मतदाता अनुपस्थित पाए गए, कौन स्थायी रूप से कहीं और चले गए, किनकी मृत्यु हो चुकी है और किनके नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज पाए गए हैं.
पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
पश्चिम बंगाल में कुल 7.66 करोड़ मतदाताओं में से करीब 7.08 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल होने की उम्मीद है. करीब 58 लाख फॉर्म इसलिए शामिल नहीं किए गए क्योंकि बूथ लेवल अधिकारियों की जांच में सामने आया कि ये मतदाता या तो अब जीवित नहीं हैं, स्थानांतरित हो चुके हैं, पते पर नहीं मिले या फिर उनके नाम डुप्लीकेट पाए गए.
मतदाताओं के लिए जरूरी जानकारी
तमिलनाडु और गुजरात में मतदाता सत्यापन की अवधि 14 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है और वहां ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 19 दिसंबर को जारी होगी.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में सत्यापन का काम 18 दिसंबर तक चलेगा और ड्राफ्ट मतदाता सूची 23 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी.
उत्तर प्रदेश में सत्यापन की अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ाई गई है और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 दिसंबर को जारी होगी.
केरल में मतदाता सत्यापन 18 दिसंबर को पूरा होगा और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 23 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी.
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