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PUCC Certificate Mandatory Delhi: PUCC सर्टिफिकेट नहीं तो ईंधन नहीं; आज वाहन निकालने से पहले यह खबर जरूर पढ़ें. Photograph: (PTI/FE)
PUCC Rule Aaj Se Lagu: दिल्ली वायु प्रदूषण (Air Pollution) को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है. गुरुवार आधी रात से, बिना वैध 'प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र' (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए गंभीर है, जो दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता का एक प्रमुख कारण है.
डेडलाइन पास आते ही कई वाहन मालिक अपने पीयूसीसी (PUCC) को रिन्यू कराने के लिए जल्दी कर रहे हैं. सरकार ने पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से कहा है कि वे पेट्रोल या डीजल भरने से पहले वाहन का पीयूसीसी जरूर चेक करें. पीयूसीसी सही है या नहीं, यह देखने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान सिस्टम (ANPR) और मौके पर जांच की जाएगी.
यह कदम दिल्ली की व्यापक प्रदूषण विरोधी योजना का हिस्सा है, जिसमें गैर-BS-VI (non-BS-VI) वाहनों पर प्रतिबंध और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना भी शामिल है. इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को कम करना है, विशेष रूप से सर्दियों के महीनों के दौरान जब हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो जाती है.
नए नियम के असर पर ड्राइवरों ने सवाल उठाए
चालकों ने नए नियम के प्रभाव पर सवाल उठाए हैं. हालांकि, कुछ चालकों ने इस फैसले की आलोचना की है. पीयूसीसी अपडेट कराने के लिए इंतजार कर रहे एक ड्राइवर ने ANI से कहा, “ये लोग जगह-जगह पानी छिड़कते रहते हैं, यह सोचकर कि AQI कम हो जाएगा. अगर इतना पैसा खर्च करना ही है तो सीधे AQI सुधारने पर क्यों नहीं करते? पिछले साल केजरीवाल सरकार ने इतने सारे फिल्टर और एयर प्यूरीफायर लगाए थे, वे अब कहां हैं? तब प्रदूषण कम क्यों नहीं हो रहा था? यह सब करने से क्या सच में प्रदूषण घटेगा? दूसरे राज्यों में तो इतना प्रदूषण नहीं है, फिर सिर्फ दिल्ली में ही क्यों बढ़ रहा है? बाकी हर जगह तो पेट्रोल भी बिकता है.”
PUCC नियमों को कड़ा करने के साथ-साथ, दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक दबाव और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच राजधानी में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए अल्पकालिक उपाय (short-term measures) लागू करना शुरू कर दिया है.
ट्रैफिक सुधार, कारपूलिंग और वेस्ट मैनेजमेंट पर सरकार का फोकस
पर्यावरण मंत्री सिरसा ने कहा कि सरकार सड़कों पर गड्ढों की मैपिंग करेगी, एक कारपूलिंग ऐप लॉन्च करेगी, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करेगी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर काम जारी रखेगी.
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पिछले AQI आंकड़ों को देखें तो हालात पिछले साल से बेहतर नहीं लग रहे हैं. पुराने आंकड़ों के हिसाब से आने वाला हफ्ता भी ज्यादा बेहतर होने की उम्मीद नहीं है.”
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प्रदूषण संकट को लेकर AAP पर BJP का हमला
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए सिरसा ने उन्हें दिल्ली के प्रदूषण संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया. सिरसा ने ANI के हवाले से कहा, “हमारी सरकार ने कई कदम उठाए हैं, हम पहले से ही लॉन्ग टर्म सोल्यूशंस पर काम कर रहे हैं. यह इतने वर्षों के बाद AAP द्वारा दी गई एक बीमारी है. यह बीमारी AAP के अरविंद केजरीवाल ने दी है और किसी और ने नहीं. उन्होंने यह बीमारी दी और पंजाब भाग गए.”
मंत्री ने कहा कि सरकार कई मोर्चों पर प्रदूषण से निपट रही है, जिनमें वाहन उत्सर्जन (vehicle emissions), धूल, औद्योगिक प्रदूषण और सॉलिड वेस्ट शामिल है. उन्होंने लोगों से जल्द से जल्द अपने पीयूसीसी (PUCC) प्रमाणपत्र अपडेट कराने की अपील भी की.
उन्होंने कहा, “हम 90 प्रतिशत से ज्यादा सॉलिड वेस्ट का निपटान कर रहे हैं और हर दिन 9,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरा प्रोसेस किया जा रहा है. वाहन प्रदूषण के लिए भी कुछ सख्त कदम उठाए गए हैं, जैसे कि गाड़ियों को प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करना होगा. कल से दिल्ली में जिन वाहनों के पास अपडेटेड पीयूसीसी प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा. मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे जल्दी से अपना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र बनवा लें.”
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
To read this article in English, click here.
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