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India-Russia Arms Talks: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन संभावित नए लड़ाकू विमानों और मिसाइल प्रणाली सौदे पर चर्चा करेंगे.
India-Russia Defence Ties: ब्लूमबर्ग के अनुसार, भारत कथित तौर पर इस हफ्ते राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के दौरे के दौरान नए लड़ाकू विमानों और उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने पर रूस के साथ बातचीत शुरू करने की तैयारी कर रहा है.
नई तकनीक के लड़ाकू विमान और मिसाइल सिस्टम पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, भारत और रूस की बातचीत का ध्यान दो चीज़ों पर होगा- Su-57 नए लड़ाकू विमान और S-500 मिसाइल रक्षा प्रणाली का उन्नत संस्करण. भारत और रूस के बीच खास रणनीतिक साझेदारी है, और ये चर्चा इसी के तहत हो रही है. अभी तक भारत के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
दूसरी ओर, रूस के साथ नया हथियार सौदा भारत के अमेरिका के साथ व्यापार वार्ताओं को मुश्किल बना सकता है. वॉशिंगटन ने बार-बार भारत द्वारा मास्को से बड़े हथियार खरीदने पर चिंता जताई है और नई दिल्ली से उम्मीद की है कि वह ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी रक्षा सिस्टम की ओर बढ़े.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पिछले दो दशकों में भारत और रूस की ऐतिहासिक दोस्ती को बनाए रखते हुए अमेरिका के साथ मजबूत रिश्ते बनाने पर भी काम किया है. भारत ने धीरे-धीरे रूस पर अपनी भारी निर्भरता कम करने की कोशिश की है और अमेरिका व यूरोप से अधिक हथियार खरीदने शुरू किए हैं. इसके बावजूद, रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा सैन्य आपूर्तिकर्ता बना हुआ है.
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 तक के चार वर्षों में भारत की रूस से हथियार खरीद में तेज गिरावट दर्ज की गई है.
‘हम रूस के साथ रक्षा संबंध नहीं रोक रहे’: सरकार
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत का रूस के साथ रक्षा साझेदारी लंबे समय से चली आ रही है और यह जल्द खत्म होने वाली नहीं है. भारत फिलहाल 200 से अधिक रूसी लड़ाकू विमान और कई S-400 मिसाइल रक्षा बैटरियां संचालित कर रहा है, जो मई में पाकिस्तान के साथ चार दिन के संघर्ष के दौरान तैनात की गई थीं.
सूत्रों के अनुसार, पुतिन के दौरे के दौरान वार्ता शुरू होने की संभावना है, लेकिन कोई बड़ा समझौता तुरंत होने की उम्मीद नहीं है.
$100 बिलियन के व्यापार लक्ष्य के साथ रूस-भारत व्यापार मंच तैयार
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अगले हफ्ते नई दिल्ली आगमन के अवसर पर, भारत 4 और 5 दिसंबर को बड़े इंडिया-रूस बिजनेस फोरम की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश चाहते हैं कि उनका व्यापार संबंध 2030 तक $100 बिलियन तक पहुंचे और यह फोरम इस लक्ष्य को मजबूत गति देने के लिए आयोजित किया जा रहा है.
भारत रूस में अपने इंजीनियरिंग उत्पादों की उपस्थिति बढ़ाना चाहता है, जबकि मास्को भारतीय खाद्य उत्पादों, विशेषकर सीफ़ूड और अन्य समुद्री वस्तुओं की खरीद बढ़ाने की योजना बना रहा है. फोरम में डिजिटल सेवाओं के बढ़ते अवसर पर भी चर्चा होगी. दोनों देशो का मानना है कि यह एक ऐसा क्षेत्र जहां दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं. इसके अलावा, फोरम में रूस द्वारा भारतीय फार्मास्यूटिकल उत्पादों की खरीद बढ़ाने के रास्तों पर भी विचार किया जाएगा. दोनों पक्षों के अधिकारी नीतियों, निवेश नियमों और विनियमों पर चर्चा करेंगे, ताकि जॉइंट इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा सके और मेडिकल व हेल्थकेयर में निर्माण को बढ़ाया जा सके.
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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