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लाल क़िला विस्फोट: ड्रोन और रॉकेट तैयार करने वाला ‘सक्रिय साजिशकर्ता’ एनआईए के हत्थे चढ़ा.
Delhi Blast: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लाल क़िला आतंकवादी हमले से जुड़े एक और प्रमुख संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. इस हमले में पिछले सोमवार को कम से कम 13 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए थे. गिरफ्तार किए गए संदिग्ध का नाम जसीर बिलाल वानी है, जिसे दानिश के नाम से भी जाना जाता है. वह इस हमले में कथित तौर पर “सक्रिय साजिशकर्ता” था. एनआईए ने वानी को श्रीनगर में हिरासत में लिया. वह कश्मीर के अनंतनाग जिले के क़ाज़ीगुंड का निवासी है.
जसीर बिलाल वानी की गिरफ्तारी आमिर राशिद अली की गिरफ्तारी के बाद हुई है, जिसे एनआईए की 10 दिन की हिरासत में भेजा गया है. माना जा रहा है कि अली ने आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के साथ मिलकर इस आतंकी हमले को अंजाम देने में भूमिका निभाई थी.
एनआईए ने ‘सक्रिय साजिशकर्ता’ को किया गिरफ्तार
एनआईए ने 17 नवंबर को जारी प्रेस रिलीज़ में कहा, “लाल क़िला क्षेत्र कार बम विस्फोट मामले की जांच जारी रखते हुए, एजेंसी ने विस्फोट में शामिल आतंकी के एक और प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया है.”
एजेंसी ने एक बयान में बताया कि वानी पर आरोप है कि उसने ड्रोन को मॉडिफाई करने और रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी समर्थन दिया था. यह सब घातक कार बम विस्फोट से पहले किया गया था.
एनआईए ने अपने बयान में कहा, “जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश जो कश्मीर का निवासी है, उसे एनआईए की टीम ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया. यह कार्रवाई केस नंबर RC-21/2025/NIA/DLI के तहत की गई है.
जांच में सामने आया है कि जसीर ने ड्रोन को मॉडिफाई करने और रॉकेट बनाने की कोशिश करके आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी. यह सब उस घातक कार बम विस्फोट से पहले किया गया था, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए थे.”
एनआईए ने आगे कहा कि वह देश को हिला देने वाले इस आतंकी हमले की साजिश को उजागर करने के लिए कई पहलुओं की जांच कर रही है. बयान में यह भी जोड़ा गया, “एजेंसी की कई टीमें अलग-अलग सुरागों पर काम कर रही हैं और देशभर में छापेमारी कर रही हैं, ताकि इस हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की जा सके.”
NIA Arrests Another Key Associate of the Terrorist who Carried out Red Fort Area Car Bomb Blast pic.twitter.com/OMkhwbRddu
— NIA India (@NIA_India) November 17, 2025
उमर के दबाव में था वानी
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, जसीर बिलाल वानी जो पॉलीटिकल साइंस ग्रेजुएट है, ने दावा किया कि वह कई महीनों तक उमर के काफी प्रभाव में रहा. उमर ने कथित तौर पर उसे आत्मघाती हमला करने के लिए भी मनाने की कोशिश की थी. वानी ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने पहली बार पिछले साल अक्टूबर में कुलगाम की एक मस्जिद में तथाकथित “डॉक्टर मॉड्यूल” के सदस्यों से मुलाकात की थी. इसके बाद उसे फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के एक किराए के कमरे में ले जाया गया था.
वानी, जिसे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था, ने खुलासा किया कि समूह के कुछ सदस्य चाहते थे कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के लिए एक ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में काम करे.लेकिन उमर लगातार उस पर आत्मघाती हमलावर बनने का दबाव डालता रहा. पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी साजिश अप्रैल में तब टूट गई, जब वानी ने इससे अलग होने का फैसला किया. उसने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने यह कदम वित्तीय संकट और इस विश्वास के चलते उठाया कि खुद अपनी जान लेना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है.
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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