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PM Kisan Beneficiary Status Check : जवाब में सरकार ने बताया कि बीते 5 साल में पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थियों को भेजे जाने वाले 1 करोड़ 54 लाख 95 हजार 766 ट्रांजेक्शन फेल हुए. (AI Image: Gemini)
PM Kisan Failed Transaction News : देश के करोड़ों किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सीधी सहायता देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) पर संसद में बड़ा सवाल उठा. सांसदों ने सरकार से पूछा कि पिछले पांच वर्षों में इस योजना के तहत कितने भुगतान भेजे गए, इनमें कितने फेल हुए, किन राज्यों में समस्या ज्यादा रही और क्या असफल भुगतान किसानों तक बाद में पहुंच पाए. बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े कृषि राज्यों के आंकड़े भी विशेष रूप से मांगे गए.
कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने इन सवालों का जवाब देते हुए बताया कि फरवरी 2019 में शुरू हुई पीएम-किसान योजना के तहत अब तक 21 किस्तों में 4.09 लाख करोड़ रुपये देशभर के पात्र किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं. योजना पूरी तरह डिजिटल है और आधार-लिंक्ड खातों में DBT के जरिए पैसा सीधे पहुंचता है.
सरकार ने बताया कि जवाब में सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 के बीच इन 5 सालों में पीएम किसान योजना के तहत लाभार्थियों को भेजे जाने वाले 1 करोड़ 54 लाख 95 हजार 766 ट्रांजेक्शन फेल हुए. हालांकि इस दौरान सरकार ने 155 करोड़ से ज्यादा (1,55,04,98,279) ट्राजेक्शन किए. सरकार ने राज्यवार ट्रांजेक्शन डिटेल की जानकारी भी साझा की. साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश और यूपी के जिलेवार आंकड़े भी संसद के सामने रखे. इसके अलावा ट्रांजेक्शन फेज होने की वजह भी बताया. जिसे योजना से जुड़े लाभार्थी किसानों को जरूर समझना चाहिए.
क्यों फेल हुए पीएम किसान के ट्राजेंक्शन?
सरकार ने माना कि शुरुआती सालों में काफी संख्या में ट्रांजेक्शन फेल हुए. वजहें ज्यादातर तकनीकी या सूचना-संबंधी थीं, जैसे
- किसान के नाम और बैंक खाते के नाम में अंतर
- गलत खाता नंबर
- गलत IFSC कोड
- बंद या निष्क्रिय बैंक खाता
- एक ही खाते से कई लाभार्थी जुड़े होना
- संस्थागत खातों का उपयोग
इन गलतियों के कारण बैंक पेमेंट को रिजेक्ट कर देते थे और किस्त किसान तक समय पर नहीं पहुंच पाती थी. इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने तकनीकी सुधार पर जोर दिया. समस्या दूर करने के लिए 13वीं किस्त से बड़ा बदलाव किया गया और पेमेंट का तरीका आधार पेमेंट ब्रिज (Aadhaar Payment Bridge - APB) पर शिफ्ट कर दिया गया. साथ ही PFMS, NPCI और बैंकों के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाए गए, ताकि आधार मैपिंग, गलत बैंक विवरण और तकनीकी खामियों को ठीक किया जा सके. नतीजतन ट्रांजेक्श फेल होने के मामले तेजी से घटे. अब जो कुछ भुगतान फेल होते हैं, उनकी वजहें अक्सर ये होती हैं
- आधार का बैंक खाते से लिंक न होना
- आधार NPCI मैपर से हट जाना
- बैंक खाता बंद हो जाना
क्या किसानों को बाद में पैसा मिलता है?
सरकार ने साफ कहा कि हर फेल ट्रांजैक्शन की सूचना किसान को दी जाती है. किसान अपनी जानकारी ठीक करते ही भुगतान दोबारा प्रोसेस होता है और पैसा सीधे उनके खाते में पहुंच जाता है
21वीं किस्त के तहत भेजे गए 99.86% ट्रांजेक्शन सफल
हाल ही में जारी 21वीं किस्त को लेकर सरकार ने दावा किया कि तकनीकी सुधारों की वजह से 21वीं किस्त के तहत किसानों के खातों में भेजे गए 99.86% ट्रांजैक्शन सफल हुए, जो योजना शुरू होने के बाद सबसे अधिक सफलता दर है. सरकार का दावा है कि पीएम-किसान (PM Kisan) की डिजिटल व्यवस्था अब काफी मजबूत हो चुकी है और आने वाले समय में और भी बेहतर पारदर्शिता व भरोसेमंद भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा.
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