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कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में पीएम किसान योजना की किस्त के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री जरूरी है. (Image: Insta, UPGovt)
PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) के तहत किसानों को हर चार महीने के अंतराल पर दी जाने वाली 2000 रुपये की किस्त उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र समेत 32 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के पात्र किसानों के खातों में कब आएगी? यह सवाल देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. सरकारी गतिविधियों और कृषि मंत्रालय के हालिया अपडेट्स पर नजर डालें तो 21वीं किस्त भेजने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं.
2000 रुपये की किस्त उन्हीं को मिलेगी, जिनके पूरे होंगे ये जरूरी काम
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान पीएम किसान योजना(PM Kisan) के लाभ से वंचित न रहे. इसके लिए सरकार की तरफ से बार-बार नसीहत दी जा रही है कि eKYC पूरी कराए. एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री के तहत आने वाले कृषि विभाग की ओर से इंस्ट्राग्राम स्टेटस पर करीब 14 हफ्ते पुरानी को पोस्ट को साझा की गई है. पोस्ट में पीएम किसान मोबाइल ऐप पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई है. पोस्ट में दावा है कि अब पीएम किसान मोबाइल ऐप के साथ हर सुविधा सिर्फ एक क्लिक दूर है. इस ऐप के जरिए किसान भाई eKYC अपडेट कर सकते हैं.
इतनी ही नहीं पीएम किसान ऐप के माध्यम से किस्त की स्थिति भी जान सकते हैं, आवेदन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपने बैंक खाते का विवरण भी आसानी से जांच सकते हैं.
योजना से जुड़े लाभार्थी किसानों को सरकार की नसीहत है कि वे अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करवाएं और जमीन रिकॉर्ड का वेरीफिकेशन करवाएं. इसके अलावा कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में पीएम किसान योजना की किस्त के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है.
👨🌾 सशक्त एवं समृद्ध किसान 🚜
— Government of UP (@UPGovt) November 8, 2025
👨🌾 उत्तर प्रदेश की पहचान 🚜
कृषकों द्वारा सरकारी योजनाओं का सहज एवं शीघ्र लाभ प्राप्त करने एवं किसानों के अभिलेखों की डिजिटल पहचान के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक है। इसलिए, किसान बंधु आज ही जन सेवा केंद्र अथवा कृषि विभाग से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री… pic.twitter.com/13NujPm3hH
एग्रीस्टैक डैशबोर्ड के मुताबिक उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) से अब तक 2,88,70,495 किसान जुड़े हैं, लेकिन इनमें से सभी की फार्मर रजिस्ट्री पूरी नहीं हो पाई है. जुलाई 2024 से अब तक 1,59,25,115 किसानों ने रजिस्ट्री के लिए एनरोलमेंट कराया है, जिनमें से 1,48,32,243 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है. यानी अब तक सिर्फ 54.94% लाभार्थी किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो सकी है, जबकि बड़ी संख्या में किसान अब भी अधूरे हैं. इससे ऐसे किसानों को अगली 2000 रुपये की किस्त पाने में परेशानी हो सकती है. बता दें कि पीएम किसान योजना की पिछली यानी 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को यूपी के 2,29,17,063 किसानों के खातों में 5047.58 करोड़ रुपये की राशि के रूप में भेजी गई थी.
जिन राज्यों में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है वहां किसानों के लिए समय रहते फार्मर आईडी बनवा लेना चाहिए वरना वे भी अगली किस्त से वंचिर रह सकते हैं.
फॉर्मर रजिस्ट्री क्यों जरूरी है?
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शी तरीके से देने के लिए सरकार ने ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) प्रणाली शुरू की है. यह किसानों की डिजिटल पहचान (Digital Identity) बनाती है ताकि हर किसान को बिना देरी और दोबारा वेरीफिकेशन के सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके.
क्या है फार्मर रजिस्ट्री?
फार्मर रजिस्ट्री यानी किसानों की डिजिटल पहचान. किसानों को सरकारी योजनाओं का फायदा आसानी और जल्दी से मिले, इसके लिए फॉर्मर रजिस्ट्री जरूरी है. बिना किसी झंझट के सरकारी योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सरकार उनकी फार्मर रजिस्ट्री भी करा रही है. किसान भाई अपने आधार कार्ड, जमीन के कागज और मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी जनसेवा केंद्र या कृषि विभाग में जाकर आज ही अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवा लें
फार्मर रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि से संबंधित दस्तावेज
- मोबाइल नंबर
कैसे कराएं रजिस्ट्री?
किसान जन सेवा केंद्र (CSC), कृषि विभाग कार्यालय, या PM Kisan ऐप के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं.
खेती से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना आसान है. मिसाल के लिए यूपी में पीएम किसान योजना की किस्त के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी है. अबतक जिन किसानों ने रजिस्ट्री नहीं करवाई है वे यहां बताए गए स्टेप्स की मदद से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
- यूपी के किसान फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल upfr.agristack.gov.in पर जाएं. यहां दिए गए Official और Farmer, दोनों में फार्मर विकल्प को चुनें और नया अकाउंट बनाएं.
- आधार eKYC और मोबाइल OTP वेरीफिकेशन करें.
- पासवर्ड बनाएं और लॉगइन करें.
- "Register as Farmer" पर क्लिक करें.
- व्यक्तिगत जानकारी, भूमि विवरण, राशन कार्ड, फैमिली ID भरें.
- जमीन की जानकारी Fetch Land Details से भरें.
- सबमिट कर eSign करें. रजिस्ट्रेशन पूरी होने पर Farmer Enrollment Id मिलेगा.
- वेरीफिकेशन के बाद किसानों के नाम सेंट्रल आईडी यानी फार्मर आईडी जनरेट होगा.
यूपी के किसानों की तरह आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु जैसे राज्यों के किसान भी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर किसान आईडी के लिए अप्लाई कर सकते हैं. यहां राज्यवार आधिकारिक वेबसाइट की डिटेल दी गई है.
- यूपी - upfr.agristack.gov.in
- बिहार - bhfr.agristack.gov.in
- राजस्थान - rjfr.agristack.gov.in
- मध्य प्रदेश - mpfr.agristack.gov.in
- छत्तीसगढ़- cgfr.agristack.gov.in
- महाराष्ट्र - mhfr.agristack.gov.in
- गुजरात - gjfr.agristack.gov.in
- असम - asfr.agristack.gov.in
- ओडिशा - odfr.agristack.gov.in
- आंध्र प्रदेश - apfr.agristack.gov.in
- तेलंगाना - tlfr.agristack.gov.in
- तमिलनाडु - tnfr.agristack.gov.in
- कर्नाटक - kafr.agristack.gov.in
- केरल - klfr.agristack.gov.in
फार्मर रजिस्ट्री के लाभ
- विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना वेरीफिकेशन के हासिल करना
- मिनिमम समर्थन मूल्य पर कृषि प्रोडक्ट्स की सेल में सरलीकरण
- फसल नुकसान की स्थिति में वास्तविक क्षति का मुआवजा हासिल करने में सुविधा
- हर एक किसान की अपनी डिजिटल पहचान
- पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त बिना किसी रुकावट के समय पर पाने में सुविधा
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