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आपदा प्रभावित कुछ राज्य जैसे पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में योजना की 21वीं किस्त सितंबर-अक्टूबर में ही जमा किए जा चुके हैं लेकिन बड़ी संख्या में लाभार्थी 2000 रुपये की किस्त का इंतजार कर रहे हैं. (Image: X)
PM Kisan 21th Installment Update: देश के करोड़ों किसानों के लिए इस महीने फिर बड़ी राहत आने वाली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 तारीख को पीएम-किसान योजना की 21वीं किस्त जारी करने वाले हैं. इस किस्त के साथ ही योजना के तहत अब तक सीधे किसानों के खातों में भेजी गई कुल राशि 3 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगी. बुधवार को जारी की जाने वाली 2000 रुपये की किस्त के लाभ से कुछ लोग वंचित भी रह सकते हैं. ये वो लोग होंगे जिनकी जरूरी औपचारिकताएं अधूरी होंगी. नीचे पूरी डिटेल देखें
पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की योजना है, जो 24 फरवरी 2019 से चल रही है. इसके तहत हर पात्र किसान परिवार को साल में 6000 रुपये मिलते हैं. अब तक इस योजना की 20 किस्तों में 3.70 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा राशि 11 करोड़ से भी ज्यादा किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है.
किसे मिलता है किस्त का लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जिनकी जमीन का रिकॉर्ड PM-KISAN पोर्टल पर अपडेट है, बैंक अकाउंट आधार से लिंक है और उनकी e-KYC पूरी है.
समय पर 2000 रुपये पाने के लिए निपटा लें जरूरी काम
अगर आप उन लोगों में से हैं जिसकी अभी भी e-KYC अधूरी है. जमीन का रिकॉर्ड वेरीफाई नहीं है या फिर बैंक अकाउंट से आधार लिंक नहीं है तो ऐसे में बुधवार 19 नवंबर को जारी की जाने वाली 2000 रुपये की किस्त से वंचित रह सकते हैं. अभी भी मौके है स्टेटस चेक कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी करा लें वरना अगली किस्त समय पर पाने से वंचित हो सकते हैं.
कुछ राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश में पीएम किसान योजना की किस्त के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है. अगर आप यूपी के रहने वाले किसान हैं तो यह काम भी अगली किस्त जारी होने से पहले करा लें.
फार्मर रजिस्ट्री क्या है?
सरकार ने एक फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) भी शुरू की है, जिसमें देश के किसानों का एक साफ-सुथरा, अपडेटेड रिकॉर्ड रखा जा रहा है. इससे किसानों को बार-बार कागज़ जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सामाजिक योजनाओं का लाभ सीधे और जल्दी मिलेगा.
डिजिटल सिस्टम से किसानों को क्या फायदा?
- सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल करके योजना को बहुत आसान बना दिया है.
- किसान कहीं से भी e-KYC कर सकते हैं: OTP, बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन से.
- PM-KISAN मोबाइल ऐप,
- पोर्टल पर "Know Your Status",
- IPPB के जरिए घर-घर बैंकिंग जैसी सुविधाओं ने किसानों के लिए सबकुछ बेहद आसान कर दिया है.
- इन सुधारों से बिचौलियों की जरूरत खत्म हो गई है और योजना का लाभ सीधे किसानों तक पहुँच रहा है.
किसान-ईमित्र चैटबॉट क्या करता है?
- किसानों की मदद के लिए सरकार ने एक AI आधारित Kisan-eMitra चैटबॉट शुरू किया है.
- यह 11 भाषा में 24 घंटे उपलब्ध है.
- किसान इससे अपनी पेमेंट स्टेटस, आवेदन की स्थिति, और सवालों के जवाब तुरंत ले सकते हैं.
- यह आवाज़ सुनकर भाषा पहचान सकता है और उसी में जवाब देता है.
- बिना किसी बटन दबाए, बात करके भी जानकारी मिल सकती है.
- किसान चाहें तो पुरुष या महिला आवाज़ में जवाब भी चुन सकते हैं.
- यह चैटबॉट kisanemitra.gov.in पर चलता है.
योजना का प्रभाव क्या निकला?
2019 में इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्टडी में पाया गया कि
- PM-KISAN की रकम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई,
- किसानों की आर्थिक परेशानी कम हुई,
- खेती में निवेश बढ़ा,
- और किसान जोखिम वाले लेकिन मुनाफ़े वाले फैसले ले पा रहे हैं.
कई किसान इस रकम का उपयोग खेती के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी खर्चों में भी करते हैं.
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