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PM Kisan Yojana: सभी किसानों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपनी स्थिति जांच लें, ताकि 21वीं किस्त जारी होने से पहले उनका नाम लाभार्थी सूची से गलती से हट न जाए. (Image: IE File)
PM Kisan Samman Nidhi : देशभर के करोड़ों किसान जहां पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की 21वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार की ओर से एक अहम नोटिस सामने आया है. यह नोटिस उन लाखों किसानों के लिए एक अलर्ट और मौका दोनों है, जिनकी पिछली किस्तें रुक गई हैं या जिनके नाम लाभार्थी सूची से अस्थायी रूप से हटा दिए गए हैं. सरकार ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि लाखों किसान ऐसे हैं जो योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे थे या अयोग्य होते हुए भी लाभ ले रहे थे. सरकार ने ऐसे लाखों किसानों के नाम हटा दिए हैं.
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अवैध तरीके से लाभ ले रहे किसानों को बख्शा नहीं जाएगा. हालांकि, पात्र किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है कि हटाए गए नामों का फिजिकल वेरीफिकेशन (Physical Verification) चल रहा है, जिसके बाद योग्य किसानों को दोबारा योजना का लाभ मिलेगा.
21वीं किस्त की तारीख से पहले, यह जानना आपके लिए अति आवश्यक है कि कहीं आपकी पिछली किस्तें भी इसी वजह से तो नहीं रुकी हैं. आइए, जानते हैं सरकार का पूरा बयान, अयोग्य होने के कारण और अपनी स्थिति जांचने का सही तरीका.
लाखों किसान क्यों हुए अयोग्य? सरकार ने बताए ये कारण
केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे अयोग्य लाभार्थियों की पहचान कर ली है और उनकी सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार ने जिन किसानों को अवैध या अयोग्य घोषित किया है, उनके मुख्य कारण ये हैं:
जमीन मालिकाना हक
वे किसान, जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन के मालिकाना हक के अधिकार हासिल किए हैं.
परिवार के कई सदस्य
एक ही परिवार के कई सदस्य (जैसे पति, पत्नी, प्रमुख सदस्य या नाबालिग बच्चे) योजना का लाभ ले रहे हैं, जबकि दिशानिर्देशों के अनुसार यह अवैध है.
गाइडलाइन का उल्लंघन
लाखों किसानों ने योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन नहीं किया है.
करीब एक महीने पहले सामने आई एक रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि PM Kisan योजना से जुड़ी बड़ी गड़बड़ी का खुलासा किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने ऐसे 29.13 लाख संदिग्ध मामलों की पहचान की, जहां पति और पत्नी दोनों को एक साथ इस योजना की किस्तें मिल रही थीं. इन संदिग्ध नामों की जानकारी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगे की जांच के लिए भेजी गई है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 19.4 लाख मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें से 18.23 लाख यानी लगभग 94 फीसदी मामलों में पति-पत्नी दोनों को योजना का लाभ मिलता पाया गया. सरकार ने इन सभी को अब अयोग्य लाभार्थी घोषित कर दिया है. सबसे ज्यादा ऐसे मामले उत्तर प्रदेश 9.9 लाख में सामने आए हैं, जबकि राजस्थान 3.75 लाख और झारखंड 3.04 लाख क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं.
पीएम किसान योजना का उद्देश्य देश के योग्य किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता देना है, जो तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है. नियमों के अनुसार, एक ही परिवार यानी पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे को इस योजना का लाभ मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय को 1.76 लाख ऐसे मामले भी मिले हैं, जिनमें नाबालिग बच्चों या अन्य परिवार के सदस्यों को गलत तरीके से योजना का लाभ दिया जा रहा था. इसके अलावा जांच में 33.34 लाख ऐसे रजिस्ट्रेशन भी सामने आए हैं, जिनमें पिछले जमीन मालिकों का विवरण अधूरा या गलत पाया गया है.
21वीं किस्त से पहले तुरंत करें ये जरूरी काम
सभी किसानों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपनी स्थिति जांच लें, ताकि 21वीं किस्त जारी होने से पहले उनका नाम लाभार्थी सूची से गलती से हट न जाए.
पात्रता स्थिति (Eligibility Status)
पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर Eligibility Status सेक्शन में देखें कि आप पात्र हैं या नहीं.
नाम सूची में है या नहीं
वेबसाइट के Know Your Status (KYS) सेक्शन में जाकर जाँच करें कि आपका नाम सूची में बना हुआ है या हटा दिया गया है. यह जानकारी मोबाइल ऐप या किसान मित्र चैटबॉट से भी ली जा सकती है.
पात्रता साबित करने का मौका
संदिग्ध में शामिल पात्र किसानों के पास मौका भी है. जिन किसानों के नाम हटा दिए गए हैं और वे पात्र हैं, वे दोबारा आवेदन कर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं. यह काम मोबाइल या नजदीकी मीसेवा केंद्रों से किया जा सकता है.
केंद्र सरकार ने अपने बयान में कहा है कि जिन किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं, यह कार्रवाई स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी है. इन सभी संदिग्ध मामलों में फिजिकल वेरीफिकेशन (Physical Verification) जरूरी है. इस प्रक्रिया से गुजरने के बाद, जो किसान वास्तव में योग्य पाए गए या जाएंगे, उनके नाम फिर से सूची में जोड़ दिए जाएंगे लेकिन, जो किसान अवैध रूप से लाभ ले रहे थे, उनके नाम दोबारा शामिल नहीं किए जाएंगे.
21वीं किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं
फिलहाल सरकार अयोग्य किसानों की पहचान और सूची शुद्धिकरण पर ध्यान दे रही है. हालांकि, 21वीं किस्त की राशि को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. किसानों के लिए जरूरी है कि वे सतर्क रहें और नियमित रूप से अपनी स्थिति की जांच करते रहें ताकि वे अगली किस्त के लाभ से वंचित न रह जाएं.
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