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PM Modi in Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराएंगे पीएम मोदी. (Image : PTI)
PM Modi in Ayodhya : अयोध्या आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनेगी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराएंगे, जो मंदिर निर्माण पूर्ण होने का प्रतीक माना जा रहा है. पीएम मोदी के आगमन को देखते हुए अयोध्या से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है. सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर मंदिर में दर्शन-पूजन किया और तैयारियों का जायजा लिया. ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी लोगों को संबोधित करेंगे. इसस पहले 22 जनवरी, 2024 को अयोध्या में राम मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी और इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भी भाग लिया था.
पीएम मोदी कब फहराएंगे धर्मध्वजा
पीएमओ के मुताबिक आज सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री सप्तमंदिर पहुंचेंगे. सप्तमंदिर परिसर में महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी से जुड़े मंदिर शामिल हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री शेषावतार मंदिर जाएंगे. सुबह लगभग 11 बजे वह माता अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री राम दरबार गर्भगृह में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर रामलला गर्भगृह में दर्शन करेंगे. दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराएंगे, जो मंदिर निर्माण के पूर्ण होने और सांस्कृतिक उत्सव तथा राष्ट्रीय एकता के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक होगा.
भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक है धर्म ध्वजा
समकोण त्रिभुजाकार धर्म ध्वजा की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है. ध्वज पर उकेरा गया दीप्तिमान सूर्य भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक माना जाता है. इस पर ‘ॐ’ का चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति भी अंकित है. यह पवित्र ध्वजा गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देती है तथा रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक मानी जाती है. बयान के अनुसार, यह धर्म ध्वजा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित मंदिर के ‘शिखर’ पर फहराई जाएगी, जबकि इसके चारों ओर बना लगभग 800 मीटर लंबा परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुकला में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की वास्तुशिल्प विविधता को दर्शाता है.
ध्वजारोहण आज ही क्यों? इसके मायने क्या हैं?
राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराने के लिए मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि चुनी गई, जिसे श्रीराम और माता सीता की विवाह पंचमी का अभिजीत मुहूर्त माना जाता है. पीएमओ के अनुसार, यह तिथि नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी के शहादत दिवस के साथ भी मेल खाती है. 17वीं सदी में गुरु तेग बहादुर ने अयोध्या में 48 घंटे का ध्यान किया था, जिससे इस दिन का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है. मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी धर्म ध्वजा फहराकर यह हिंदू अनुष्ठान पूरा करेंगे. शास्त्रीय परंपरा में ध्वजारोहण अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है.
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भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है राम मंदिर
पीएमओ के अनुसार मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण के आधार पर भगवान राम के जीवन से जुड़ी 87 घटनाओं को दर्शाती जटिल पत्थर नक्काशी उकेरी गई हैं. वहीं, परकोटे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति को दर्शाने वाले 79 कांस्य-निर्मित दृश्य लगाए गए हैं. बयान में कहा गया कि ये सभी तत्व मिलकर आगंतुकों को एक गहरा, सार्थक और शैक्षिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो भगवान राम के जीवन और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की बेहतर समझ देते हैं.
अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात
अयोध्या में श्रीराम मंदिर के धर्म ध्वज स्थापना समारोह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा पूरी तरह कड़ी कर दी गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहर में भारी पुलिस बल और विशेष इकाइयाँ तैनात की गई हैं. सुरक्षा व्यवस्था में 30 पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, 90 पुलिस उपाधीक्षक, 242 उपनिरीक्षक, 1060 पुरुष निरीक्षक, 80 महिला उपनिरीक्षक, 3090 पुरुष हेड कांस्टेबल, 448 महिला हेड कांस्टेबल और 800 से ज्यादा ट्रैफिक कर्मी लगाए गए हैं. संवेदनशील बिंदुओं पर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा टीम, ATS कमांडो, NSG स्नाइपर यूनिट और एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात हैं. सीसीटीवी, एक्स-रे मशीन, सुरक्षा वैन, गश्ती वाहन और एंबुलेंस जैसे उपकरण भी मुहैया कराए गए हैं ताकि भीड़ नियंत्रण, तलाशी, जांच और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
भारत–नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट, हर जोन में कड़ी सुरक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या दौरे को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. महराजगंज जिले में भारत–नेपाल सीमा पर यूपी पुलिस और एसएसबी ने एक दिन पहले ही सघन सुरक्षा बंदोबस्त कर दिए थे.
एसपी सोमेंद्र मीणा ने बताया कि आतंकियों की संभावित गतिविधि रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि सीमा पार करने से पहले हर व्यक्ति की पहचान की पुख्ता जांच की जाए. नेपाल सीमा पुलिस, एलआईयू और अन्य एजेंसियों को भी सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं. एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सभी बॉर्डर चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
खुफिया इनपुट के मुताबिक कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व सीमा पार करने की कोशिश कर सकते हैं. इसी वजह से सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी की निगरानी और बढ़ा दी गई है. एसपी मीणा ने पुष्टि की कि खुफिया इकाइयों को सीमा के पास धार्मिक स्थलों पर भी कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है. वहीं सिनेमा हॉल, होटल, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त गश्त जारी है.
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