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लखनऊ में 65 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. (Image : X/Narendramodi)
PM Modi in Lucknow Today : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर देश की राजधानी से लेकर उत्तर प्रदेश की गलियों तक उत्सव का माहौल है. इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी गुरुवार, 25 दिसंबर 2025 को लखनऊ के दौरे पर रहेंगे. वह दोपहर करीब 2:30 बजे प्रधानमंत्री पूर्व पीएम वाजपेयी को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करेंगे. इस परिसर में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की भी 65 फीच ऊंची प्रतिमाएं लगी हैं.
पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि देश की महान विभूतियों की विरासत का सम्मान और संरक्षण उनकी सरकार की प्राथमिकता है, और राष्ट्र प्रेरणा स्थल इसी संकल्प का प्रतीक है.
देश की महान विभूतियों की विरासत के सम्मान और संरक्षण के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्प है। इसी कड़ी में कल दोपहर बाद करीब 2:30 बजे लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ के उद्घाटन का सौभाग्य मिलेगा। यहां… pic.twitter.com/ssmmeQORxF
— Narendra Modi (@narendramodi) December 24, 2025
एक्स पर किए पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में स्थापित कांस्य प्रतिमाएं और अत्याधुनिक संग्रहालय राष्ट्र निर्माण में इन दूरदर्शी नेताओं के अमूल्य योगदान को समझने और महसूस करने का अवसर प्रदान करेंगे. उन्होंने इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बताया.
प्रधानमंत्री के लखनऊ आगमन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसे ऐतिहासिक अवसर बताया. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार और आदर्श ‘नए भारत’ के निर्माण में राष्ट्रनिष्ठा, सुशासन और प्रेरणादायी नेतृत्व को और सशक्त करेंगे. मुख्यमंत्री ने लखनऊ की धरती पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया.
पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के पावन अवसर पर भारत की लोकतांत्रिक चेतना, सुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को नई ऊर्जा प्रदान करते 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का उद्घाटन विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 24, 2025
क्या है 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल'?
लखनऊ में 65 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह मात्र एक स्मारक नहीं, बल्कि 'नए भारत' की वैचारिक यात्रा का प्रतिबिंब है.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, राष्ट्र प्रेरणा स्थल एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक और स्थायी राष्ट्रीय महत्व का प्रेरणादायक परिसर है. इस परिसर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो भारत की राजनीतिक सोच, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक हैं.
पीएमओ के अनुसार, यह परिसर एक स्थायी राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में परिकल्पित है, जिसका उद्देश्य नेतृत्व मूल्यों, राष्ट्रीय सेवा, सांस्कृतिक चेतना और जन-प्रेरणा को बढ़ावा देना है. राष्ट्र प्रेरणा स्थल को इस तरह विकसित किया गया है कि यह देश की वैचारिक विरासत और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूती प्रदान कर सके.
परिसर में एक अत्याधुनिक संग्रहालय भी स्थापित किया गया है, जिसे कमल के फूल के आकार में डिजाइन किया गया है. करीब 98,000 वर्ग फुट में फैला यह संग्रहालय उन्नत डिजिटल और इमर्सिव तकनीक के माध्यम से भारत की राष्ट्रीय यात्रा और इन दूरदर्शी नेताओं के योगदान को प्रदर्शित करता है, जिससे आगंतुकों को एक आकर्षक और शैक्षिक अनुभव मिलता है.
राष्ट्र प्रेरणा स्थल की खासियत
परिसर में लगी 65 फीट ऊंची प्रतिमाएं
परिसर का मुख्य आकर्षण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची विशाल कांस्य प्रतिमाएं हैं, जो उनके विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का प्रतीक हैं.
कमल के आकार का म्यूजियम
यहा लगभग 98,000 वर्ग फुट में फैला एक अत्याधुनिक संग्रहालय यानी माडर्न म्यूजियम बनाया गया है, जिसकी आकृति भारत के राष्ट्रीय पुष्प 'कमल' के समान है.
डिजिटल अनुभव
संग्रहालय में उन्नत डिजिटल और इमर्सिव टेक्नोलॉजी (Immersive Technology) का उपयोग किया गया है, जिससे आगंतुक इन महान नेताओं के जीवन और संघर्ष को सजीव रूप में देख और महसूस कर सकेंगे.
पीएमओ का कहना है कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन निस्वार्थ नेतृत्व और सुशासन के आदर्शों को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम है. उम्मीद है कि यह स्मारक वर्तमान ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का सशक्त स्रोत बनेगा.
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