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विकसित भारत जी राम जी कानून अब 20 साल से लागू मनरेगा कानून की जगह लेगा. (Image : PTI)
Viksit Bharat - Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission Gramin Act, VB G RAM G Act 2025:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu)ने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ विधेयक को मंजूरी दे दी. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी जानकारी रविवार को दी है. इससे पहले विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद ने वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025 को पास कर दिया था. यह नया कानून मौजूदा ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा की जगह लेगा और इसके तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन का काम देने का प्रावधान किया गया है. सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद विकसित भारत–2047 के लक्ष्य के अनुरूप गांवों के विकास को नई दिशा देना है.
संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा, से पास होने के बाद विकसित भारत जी राम जी बिल को आज राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई. हालांकि, विंटर सेशन खत्म होने के बाद भी इस कानून को लेकर राजनीतिक गहमागहमी जारी है.
जी राम जी कानून पर विपक्ष ने जताई आपत्ति
विपक्ष की ओर से कांग्रेस की राज्यसभा सांसद और सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने इस कानून पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि करीब 20 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में एमजीएनरेगा कानून संसद में सर्वसम्मति से पास हुआ था, जो एक क्रांतिकारी कदम था. इससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों, खासकर गरीबों, वंचितों, मजदूरों और भूमिहीन लोगों को आजीविका का सहारा मिला.
Dear brothers and sisters,
— Congress (@INCIndia) December 21, 2025
20 years ago, when Dr. Manmohan Singh ji was the Prime Minister, the MGNREGA law was passed in Parliament by consensus. It was such a revolutionary step, the benefits of which reached crores of rural families. In particular, it became a source of… pic.twitter.com/73tUFSjRTy
सोनिया गांधी का आरोप है कि मौजूदा सरकार ने महात्मा गांधी का नाम हटाकर और बिना चर्चा व परामर्श के एमजीएनरेगा के स्वरूप और ढांचे में मनमाने बदलाव किए. उनके मुताबिक यह किसानों, मजदूरों और गरीब ग्रामीण आबादी के हितों पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि जैसे पहले रोजगार के अधिकार के लिए संघर्ष किया था, वैसे ही अब भी इस कानून के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी.
सत्ता पक्ष ने गिनाई कानून की खासियत
वहीं सत्ता पक्ष की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि मनरेगा के नाम पर देश को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि विकसित भारत जी राम जी योजना, मनरेगा से एक कदम आगे है.
प्रिय बहनों और भाइयों,
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 21, 2025
मनरेगा के नाम पर फिर एक बार देश को गुमराह करने की साजिश हो रही है। भ्रम फैलाए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि विकसित भारत: जी राम जी योजना मनरेगा के आगे का कदम है।
मजदूर भाइयों, अब 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के काम की कानूनी गारंटी है। काम न मिलने की… pic.twitter.com/IAskUoXmMf
उनके मुताबिक अब मजदूरों को 100 नहीं बल्कि 125 दिनों के काम की कानूनी गारंटी मिलेगी. अगर काम नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान और मजबूत किया गया है. मजदूरी में देरी होने पर अतिरिक्त भुगतान का भी प्रावधान रखा गया है.
सरकार ने इस योजना के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि प्रस्तावित की है, ताकि रोजगार देने में पैसों की कमी न हो और गांवों का समग्र विकास हो सके. इस फंड से जल संरक्षण, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका से जुड़े काम और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव जैसे कार्य किए जाएंगे. कृषि सीजन में छोटे किसानों को परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है.
इसके अलावा, प्रशासनिक खर्च की सीमा 6 फीसदी से बढ़ाकर 9 फीसदी कर दी गई है. इससे पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और तकनीकी स्टाफ को समय पर और पर्याप्त वेतन मिल सकेगा, ताकि काम बेहतर ढंग से कराया जा सके.
कुल मिलाकर, जहां विपक्ष इसे गरीब विरोधी कदम बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि जी राम जी कानून गरीब, मजदूर और ग्रामीण विकास के हित में है और यह विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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