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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को छठा रामनाथ गोयनका व्याख्यान देंगे.
आज सोमवार 17 नवंबर को दिल्ली में छठे रामनाथ गोयनका मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया जायेगा. यह आयोजन 'द इंडियन एक्सप्रेस' कि तरफ से किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे.
यह लेक्चर जो एक्सप्रेस ग्रुप के संस्थापक रामनाथ गोयनका के नाम पर रखा गया है, उन वक्ताओं को आमंत्रित करता है जिन्होंने परिवर्तन की दिशा तय की है और समकालीन चुनौतियों व मुद्दों पर गहन सोच को प्रेरित किया है.
लेक्चर का उद्देश्य
एक्सप्रेस ग्रुप के अध्यक्ष विवेक गोयनका ने कहा, “यह व्याख्यान किसी समारोह के रूप में नहीं बल्कि सत्य बोलने, जवाबदेही और विचारों की शक्ति के मूल्यों के प्रति एक प्रतिबद्धता के रूप में आयोजित किया जाता है.”
गोयनका ने कहा, “यह वो दौर है जब विश्व के पावर एक्वेशन्स बदल रहे हैं. जब राष्ट्र अपनी स्थिति और उद्देश्य को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं और जब अस्थिरता और अनिश्चितता हमारे युग की प्रमुख विशेषताएँ बन गई हैं. ऐसे समय में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सर्वोच्च निर्वाचित पद का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री की बात सुनना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का रामनाथ गोयनका के नाम पर बोलना यह दिखाता है कि सरकार और स्वतंत्र मीडिया के बीच बातचीत एक मजबूत और आत्मविश्वास देश की पहचान है.
The Ramnath Goenka Lecture celebrates the power of informed ideas. The Indian Express is honoured to host Prime Minister of India Shri @narendramodi at the Sixth Ramnath Goenka Lecture as he shares his thoughts on courage, independence, and India’s enduring democratic spirit.… pic.twitter.com/X6MaYHEYRU
— Financial Express (@FinancialXpress) November 14, 2025
लेक्चर सीरीज का इतिहास
रामनाथ गोयनका लेक्चर सीरीज का पहला लेक्चर मरीएन पर्ल ने दिया था. मरीएन पर्ल, वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डैनियल पर्ल की पत्नी हैं जिनकी पाकिस्तान में आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी.
तब से इस व्याख्यान श्रृंखला में कई प्रमुख वक्ताओं ने हिस्सा लिया है, जिनमें आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन भी शामिल हैं. उन्होंने पहले ही बता दिया था कि भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसके अलावा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) ने लोकतंत्र में स्वतंत्र प्रेस की शक्ति पर अपने विचार साझा किए. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने न्यायपालिका से “आगे बढ़कर” अपने नैतिक और संस्थागत प्रभाव को मजबूत करने का आग्रह किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली के रूढ़िवादी दृष्टिकोण से हटकर बदलती दुनिया को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया. और हाल ही में, टेक्नोलॉजिस्ट और परोपकारी बिल गेट्स (Bill Gates) ने बताया कि कैसे तकनीक मानव जीवन को बदल रही है और सामाजिक बदलाव की दिशा निर्धारित कर रही है.
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Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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