/financial-express-hindi/media/media_files/2025/12/04/putin-india-visits-2025-12-04-09-40-58.jpg)
Putin India Visits: यह पुतिन की 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली आधिकारिक भारत यात्रा है Photograph: (Image: (X/narendramodi))
Putin India Visit : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आज नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. वह भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के 23वें संस्करण में शामिल होने के लिए दो दिन की राज्य यात्रा पर आ रहे हैं. अपने प्रवास के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करेंगे. यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन की पहली आधिकारिक भारत यात्रा है. इससे पहले वह दिसंबर 2021 में भारत आए थे.
इस दौरे के दौरान ट्रेड, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया जैसे कई क्षेत्रों में अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. कुल मिलाकर इस यात्रा का बड़ा मकसद दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करना है, खासकर उस समय जब भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ गया है.
बताया जा रहा है कि पुतिन गुरुवार शाम दिल्ली पहुंचेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने आधिकारिक आवास लोक कल्याण मार्ग पर उनके सम्मान में निजी डिनर देंगे, जैसा कि पिछले साल जुलाई में मॉस्को यात्रा के दौरान पुतिन ने मोदी के लिए किया था.
शुक्रवार को पुतिन के मुख्य कार्यक्रम होंगे. वह सबसे पहले राजघाट जाकर श्रद्धांजलि देंगे, फिर राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच हैदराबाद हाउस में शिखर बैठक होगी.
शुक्रवार को लंच के बाद पुतिन इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे. शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में भोज देंगी.
पुतिन के शीर्ष सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा है कि इस यात्रा में संयुक्त बयान जारी होगा और दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे. इनमें 2030 तक रणनीतिक आर्थिक सहयोग के विकास से जुड़ा एक अहम कार्यक्रम भी शामिल है.
मोदी और पुतिन इस साल पहले भी एससीओ सम्मेलन के दौरान तियानजिन में मिले थे और 2024 में दोनों के बीच पांच बार फोन पर बातचीत हो चुकी है.
उशाकोव ने बताया कि यह यात्रा भारत-रूस संबंधों के व्यापक एजेंडे पर खुलकर बातचीत का मौका देगी. उन्होंने कहा कि पुतिन बिज़नेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे और भारत में आरटी टीवी चैनल की लॉन्चिंग में भी उपस्थित रहेंगे.
पुतिन की भारत यात्रा का संभावित कार्यक्रम
पुतिन के गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. कुछ रिपोर्टें कहती हैं कि वे 6:30 बजे पहुंच सकते हैं. इसके बाद वे सीधे प्रधानमंत्री मोदी के आवास निजी रात्रिभोज के लिए जाएंगे. शुक्रवार को उनकी आधिकारिक मुलाकातें शुरू होंगी. सुबह वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मिलेंगे. इसके बाद राजघाट जाकर श्रद्धांजलि देंगे और फिर हैदराबाद हाउस में वार्ता के लिए पहुंचेंगे.
भारत-रूस शिखर वार्ता हैदराबाद हाउस में होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच बातचीत के बाद कार्यकारी लंच भी होगा. इसके बाद पुतिन भारत में रूसियन स्टेट-रन ब्रॉडकास्टर आरटी (RT) के नए चैनल का शुभारंभ करेंगे. शाम को राज्य भोज में शामिल होने के बाद वे रात करीब 9:30 बजे भारत से रवाना हो जाएंगे. उनकी यह यात्रा लगभग 28 घंटों की होगी.
कच्चे तेल की खरीद पर हो सकती है बातचीत?
शिखर बैठक में भारत रूस से अपने बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा उठाएगा. यह घाटा मुख्य रूप से भारत द्वारा बड़े पैमाने पर रूसी कच्चे तेल की खरीद के कारण बढ़ा है. इस समय भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव गहरा गया है क्योंकि अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत तक का शुल्क लगा दिया है और रूसी तेल की खरीद पर भी अतिरिक्त टैक्स लगाया है.
पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल की खरीद पर असर पड़ रहा है. क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत की तरफ से तेल खरीद कुछ समय के लिए कम हो सकती है, लेकिन रूस इसे पूरा करने के लिए नए कदम उठा रहा है.
बैठक में पुतिन मोदी को यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के हालिया प्रयासों की जानकारी भी देंगे. भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्ध खत्म करने का तरीका बातचीत और कूटनीति ही है.
ये डील होने की संभावना
मोदी-पुतिन बातचीत के बाद कई समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे. इनमें भारतीय कामगारों को रूस भेजने में आसानी से जुड़े प्रावधान और रक्षा सहयोग के तहत रसद सपोर्ट से जुड़े समझौते शामिल हैं.
व्यापार के क्षेत्र में उम्मीद है कि भारत से रूस को दवाइयों, कृषि उत्पादों, खाद्य सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं का निर्यात काफी बढ़ेगा. यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि रूस के साथ भारत का व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है.
भारत हर साल रूस से करीब 65 अरब डॉलर का सामान और सेवाएं खरीदता है, जबकि रूस भारत से केवल 5 अरब डॉलर का आयात करता है. भारत उर्वरक क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहता है. रूस हर साल भारत को तीन से चार मिलियन टन उर्वरक भेजता है.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us