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पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने दिल्ली रेड फोर्ट विस्फोट और देशज आतंकवादियों को लेकर चिंता व्यक्त की.
दिल्ली के रेड फोर्ट क्षेत्र के पास हुए विस्फोट के कुछ दिन बाद, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम (P Chidambaram) ने बुधवार को X (पूर्व ट्विटर) पर बयान देते हुए कहा कि “आतंकवादी दो तरह के होते हैं- विदेशी प्रशिक्षण प्राप्त घुसपैठिए आतंकवादी और घरेलू आतंकवादी.” चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के पहले और बाद में भी इस बात पर जोर दिया था.
मंत्री ने कहा कि उन्होंने यह बातऑपरेशन सिंदूर पर संसद में हुई बहस के दौरान भी उठाई थी, लेकिन उन्हें घरेलू आतंकवादियों के जिक्र के लिए “मजाक और ट्रोलिंग” का सामना करना पड़ा.
उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए थी क्योंकि उन्हें पता है कि “घरेलू आतंकवादी भी मौजूद हैं”.
उनकी टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब दिल्ली विस्फोट (Delhi Blast) से जुड़े मामलों में कई लोग गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें डॉक्टर मुज़म्मिल गनई, अदील अहमद रदर, शाहीन शाहिद और उमर उन नबी शामिल हैं, जिन पर फरीदाबाद स्थित एक आतंकवादी समूह का हिस्सा होने का आरोप है जिसका जैश-ए-मोहम्मद से संबंध बताया गया है.
चिदंबरम के ‘घरेलू आतंकवादी’ वाले बयान के बाद विरोध
जुलाई में, ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर संसद में हुई बहस के दौरान, चिदंबरम ने कहा था कि पहलगाम हमलावर स्थानीय आतंकवादी हो सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पाकिस्तान से आने का कोई प्रमाण नहीं है.
उन्होंने एनआईए की जांच के बारे में जानकारी साझा न करने पर सरकार की आलोचना की और कहा कि अभी तक यह साफ नहीं है कि हमलावर कौन थे और कहां से आए. उनके इस बयान पर भाजपा के सदस्यों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. गृह मंत्री अमित शाह ने उन पर पाकिस्तान का बचाव करने का आरोप लगाया.
अमित शाह ने कहा किएनआईए ने उन लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने हमलावरों को शरण दी और खाना दिया. उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि श्रीनगर में मिले शव उन्ही तीन लोगो के थे जिन्होंने पहलगाम हमला किया था. इसके अलावा जब्त किए गए हथियार फोरेंसिक रिपोर्ट से भी मेल खाते हैं.
बाद में, चिदंबरम ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उनके शब्दों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है और अपने आलोचकों पर ऑनलाइन गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया.
बुधवार को अपने पोस्ट को समाप्त करते हुए चिदंबरम ने कहा,“इस ट्वीट का मकसद यह है कि हमें खुद से पूछना चाहिए कि वे कौन सी परिस्थितियां हैं जो भारतीय नागरिकों यहाँ तक कि शिक्षित लोगों को भी आतंकवादी बना देती हैं.”
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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