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From Friendship to Commerce: पीयूष गोयल ने रूस को भारत का “सुख-दुख का साथी” बताया और 70 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार पर जोर दिया.
India-Russia Partnership: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि रूस हमेशा भारत का “सुख-दुख का साथी” रहा है. एएनआई ने अपनी रिपोर्ट के हवाले से बताया कि उन्होंने यह बात गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित भारत-रूस व्यवसाय मंच में कही, जैसा. इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रूस के राष्ट्रपति के कार्यकारी कार्यालय के उप प्रमुख मैक्सिम ओरेश्किन थे.
गोयल ने रूसी कवि रसूल ग़मज़ातोव को उद्धृत करते हुए कहा, “जिसके पास सच्चा मित्र हो, उसके लिए कोई भूमि दूर नहीं होती. पर्वत हमें अलग नहीं करते, बल्कि हमारी दृष्टि को और ऊँचा उठाते हैं.”
रूस हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है: पीयूष गोयल
भारत-रूस व्यवसाय मंच के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों के बीच व्यापार में हुई “असाधारण” वृद्धि का उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि भारत और रूस का द्विपक्षीय व्यापार अब लगभग 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है.
गोयल ने कहा कि इसके बावजूद सहयोग की अपार संभावनाएँ अब भी अनछुई हैं. उन्होंने बताया कि रूस के कुल आयात में भारत की हिस्सेदारी अभी भी दो प्रतिशत से कम है, जो दोनों देशों के लक्ष्यों से काफी नीचे है. एएनआई के अनुसार गोयल ने कहा, “हमारा साझा लक्ष्य अधिक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार को बढ़ावा देना है. हम 2030 तक व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ऊपर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें भारतीय निर्यात महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उपभोक्ता वस्तुओं, खाद्य एवं कृषि, दवाइयों और चिकित्सा आपूर्ति, दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक पुर्ज़ों और कुशल प्रतिभा के आदान–प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की विशेष रूप से बड़ी संभावनाएँ दिखाई देती हैं.”
‘सेल टू रशिया’: भारत के निर्यात विस्तार पर केंद्रित मंच
भारत-रूस व्यापार मंच का मुख्य विषय ‘सेल टू रशिया’ था, जिसका उद्देश्य रूस में भारतीय निर्यात को बढ़ावा देना, नए व्यापार एवं निवेश अवसरों का सृजन करना और सतत विकास प्राप्त करना था. फोरम में मत्स्य, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और वाणिज्य मंत्रालयों के कई वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों जिनमें मंत्री और सचिव शामिल थे, ने हिस्सा लिया.
रूसी प्रतिनिधिमंडल में आर्थिक विकास, कृषि, डिजिटल विकास और उद्योग मंत्रालयों के वरिष्ठ मंत्री शामिल थे, साथ ही कई प्रमुख उद्योग नेताओं ने भी भाग लिया. एएनआई के अनुसार, कार्यक्रम में ऊर्जा, खनिज, इंजीनियरिंग वस्तुएँ, ऑटोमोबाइल, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, डिजिटल सेवाओं और वित्तीय समाधान जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई.
भारत की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए गोयल ने कहा कि भारत वर्तमान में 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था है और 2047 तक इसके 30–35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है. गोयल ने आगे कहा कि भारत अब दुनिया की पाँच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले समय में इसके तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है.
संतुलित व्यापार की आवश्यकता
गोयल ने कहा कि भारत और रूस के बीच 70 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापार तक पहुँचना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वर्तमान व्यापार संरचना में और सुधार की ज़रूरत है. उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच पहली शिखर बैठक के दौरान 2025 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया था जो समय से पहले हासिल कर लिया गया. आज दोनों देशों के बीच व्यापार उस स्तर से लगभग दोगुना हो चुका है.
गोयल ने कहा कि भारत के पास रूस को देने के लिए बहुत कुछ है और कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ भारत रूसी विशेषज्ञता से लाभ उठा सकता है. उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों की मजबूत भागीदारी से व्यापार में मौजूद अनछुई संभावनाओं को खोला जा सकता है, बाधाओं को कम किया जा सकता है और कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं.
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.
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