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SIR Update Draft Electoral Rolls : SIR के बाद 5 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी. (File Photo : PTI)
SIR Big Update Draft Electoral Rolls Released : देश के पांच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों (UT) के लिए जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल मिलाकर 1.02 करोड़ नाम हटाए गए हैं. ये 5 राज्य और UT हैं - पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी, जिनमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है. पांचों राज्यों को मिलाकर मतदाताओं में संख्या में करीब 7.6% की कमी दर्ज की गई है. यह जानकारी द इंडियन एक्सप्रेस की एक ताजा रिपोर्ट में दी गई है. केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा अगस्त में बिहार में कराए गए SIR के दौरान भी करीब 8% नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए थे.
13.35 करोड़ से घटकर 12.33 करोड़ हुई तादाद
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 27 अक्टूबर को जब चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की घोषणा की थी, तब इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या 13.35 करोड़ थी. अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (Draft Voter List) में यह संख्या घटकर 12.33 करोड़ रह गई है.
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ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में किनके नाम
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में केवल उन्हीं लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जिन्होंने 4 नवंबर से शुरू हुई SIR प्रॉसेस के दौरान अपने एनुमरेशन फॉर्म जमा किए थे. बाकी 1.02 करोड़ लोगों को अलग-अलग कारणों से सूची से बाहर कर दिया गया है. इनमें वे मतदाता शामिल हैं, जो कहीं और रहने लगे हैं या जिनका पता नहीं चला, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, या जो एक से अधिक जगहों पर रजिस्टर्ड पाए गए.
राजस्थान में सबसे ज्यादा नाम हटे
राजस्थान में इस प्रक्रिया का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के मुताबिक, यहां करीब 42 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. यह कुल मतदाताओं का लगभग 7.66% है.
इनमें 8.75 लाख नाम उन मतदाताओं के हैं जिनका निधन हो चुका है. यह कुल संख्या का करीब 1.6% है. वहीं 29.6 लाख मतदाता ऐसे पाए गए, जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं या अपने पते पर मौजूद नहीं थे. इसके अलावा 3.44 लाख नाम ऐसे हैं, जो पहले से कहीं और वोटर लिस्ट में दर्ज पाए गए.
अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों को स्थायी रूप से स्थानांतरित या गैर-हाजिर बताया गया है, उनके मामले में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) या तो उन्हें पते पर नहीं ढूंढ पाए, या फिर उनके एनुमरेशन फॉर्म समय पर जमा नहीं हुए. कई मामलों में लोग दूसरे राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में मतदाता बन चुके थे, या किसी कारण से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना चाहते थे.
रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में ही 5.3 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं, जबकि अजमेर, कोटा, अलवर, सीकर और पाली जैसे जिलों में भी एक-एक लाख से ज्यादा नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हुए हैं. हालांकि, अंता विधानसभा सीट के आंकड़े हालिया उपचुनाव के कारण ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं.
ये अंतिम सूची नहीं
राजस्थान के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) ने साफ किया है कि यह अंतिम वोटर लिस्ट नहीं है. राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट्स को उन मतदाताओं की सूची दी गई है, जिन्हें मृत, स्थानांतरित या गैर-हाजिर बताया गया है, ताकि वे इसकी जांच कर सकें.
उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दावा और एतराज की अवधि रहेगी. इस दौरान अगर किसी एलिजिबल मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो उसे फिर से जोड़ा जा सकता है. अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी को जारी की जाएगी.
गोवा में 1 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए
गोवा में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं. गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय गोयल के अनुसार, राज्य में कुल 11,85,034 मतदाताओं में से 10,84,992 लोगों ने अपने एनुमरेशन फॉर्म जमा किए हैं, जो करीब 91.56% है.
ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए 1,00,042 नामों में 25,574 मृत मतदाता, 29,729 गैर-हाजिर या पता न चलने वाले, 40,469 स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए और 1,997 डुप्लिकेट मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा 2,273 ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने किसी कारण से मतदाता के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया. उत्तर गोवा में 44,639 और दक्षिण गोवा में 55,403 नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.
पुडुचेरी में भी बड़ी कटौती
पुडुचेरी में भी 1.03 लाख से ज्यादा नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं. यहां वितरित किए गए 10,21,578 एनुमरेशन फॉर्म में से 1,03,467 फॉर्म अलग-अलग कारणों से जमा नहीं किए जा सके. इनमें मृत्यु, स्थानांतरण, डुप्लिकेशन और फॉर्म जमा न करना जैसे कारण शामिल हैं. ड्राफ्ट लिस्ट में अब कुल 9,18,111 मतदाता दर्ज हैं.
आंकड़ों के मुताबिक, पुडुचेरी जिले में सबसे ज्यादा 85,531 फॉर्म जमा नहीं किए जा सके, जबकि कराईकल में यह संख्या 17,936 रही. माहे और यानम में 12,912 मतदाताओं को स्थानांतरित या गैर-हाजिर बताया गया, 397 को डुप्लिकेट और 4,627 को मृत घोषित किया गया है.
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