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SIR फॉर्म के नाम पर धोखाधड़ी के नए-नए तरीके अपना रहे स्कैमर्स, ऐसे में OTP शेयर करना या SIR.apk फाइल इनस्टॉल करना पड़ सकता है भारी. (Image: X/ceoup, mohdept)
SIR Fraud Alert : देश में वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी इन दिनों तेजी से चल रही है. बिहार के बाद स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का दूसरा फेज देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ चल रहा है. करीब 20 दिनों से जारी यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अपडेट करने का बड़ा अभियान है लेकिन इसी बीच साइबर अपराधियों ने इसे ठगी का सबसे नया हथियार बना दिया है. वोटर लिस्ट अपडेट का यह जन-प्रक्रिया अब साइबर फ्रॉड के लिए सुनहरा मौका बन चुकी है, और पूरे देश में एक नया स्कैम फैलने लगा है.
SIR फॉर्म के नाम पर मतदाताओं को कैसे निशाना बना रहे ठग
जैसे-जैसे BLO घर-घर जाकर फॉर्म दे रहे हैं, सामान्य मतदाता उन पर भरोसा कर रहे हैं. लेकिन इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए ठग SIR का नाम लेकर मतदाताओं को फोन कर रहे हैं, खुद को बूथ लेवल ऑफिसर या चुनाव आयोग का कर्मचारी बता रहे हैं और जानकारी अपडेट करने का बहाना बनाकर OTP मांग रहे हैं.
स्कैमर्स फोन कॉल कर कहते हैं कि SIR फॉर्म में आपका मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है. इसके बाद वे OTP साझा करने को दबाव डालते हैं. कई मामलों में WhatsApp SMS के जरिए 'SIR.apk' या ‘Voter Helpline’ जैसी फर्जी APK फाइल भेजी जाती है. व्यक्ति जैसे ही इसे इंस्टॉल करता है, फोन का पूरा कंट्रोल स्कैमर्स के हाथ में चला जाता है. जिसमें बैंकिंग जानकारी, OTP, गैलरी, पासवर्ड, कॉन्टैक्ट्स सब शामिल है.
यह वही समय है जब SIR प्रक्रिया कई राज्यों में जोर-शोर से चल रही है, और यही बात स्कैमर्स के लिए इस ठगी को और आसान बना रही है. मतदाताओं के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो, साइबर ठग के वो शिकार न हो इसके लिए साइबर पुलिस की ओर एक एडवाइजरी जारी की गई है और इसमें SIR फॉर्म के बहाने चल रही धोखाधड़ी से बचने की नसीहत दी गई है.
SIR फॉर्म के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से सावधान रहें@DrMohanYadav51#JansamparkMP#SIR#Election#BhopalMPpic.twitter.com/F5zX3gBhAW
— Home Department, MP (@mohdept) November 16, 2025
कैसे हो रही धोखाधड़ी
- साइबर अपराधी SIR फ़ॉर्म या इसी नाम से फ़र्जी कॉल कर आपसे OTP मांगते हैं.
- SIR.apk file नाम से फर्जी APK Install कराते हैं.
- ये ठग खुद को कभी बीएलओ या चुनाव आयोग का कर्मचारी बताकर लोगों को निशाना बना रहे हैं
आयोग का साफ कहना है कि SIR फॉर्म भरते समय आपका मोबाइल नंबर देना पूरी तरह सुरक्षित है, इसमें कोई समस्या नहीं है. लेकिन ध्यान दें कि यदि किसी अपरिचित व्यक्ति की फोन आए और कहे कि “आपके SIR फॉर्म में गलती है इसलिए आपके मोबाइल पर एक OTP भेजा गया है”, तो किसी भी स्थिति में OTP साझा न करें.
फोन पर न OTP बताएं और न हीं SIR.apk फाइल इनस्टॉल करें
यदि किसी ने फोन करके गलत स्थिति बताई हो, झांसा दे या OTP बताने पर जोर दे, तो तुरंत पुलिस की मदद लें, अपने स्थानीय थाने में इसकी सूचना दें, और OTP किसी भी व्यक्ति को दें न, चाहे वह खुद को किसी भी विभाग का कर्मचारी बताए.
एडवाइजरी के मुताबिक चुनाव आयोग किसी भी CALL, WhatsApp, SMS या APK फाइल के माध्यम से OTP, बैंक खाता आदि की जानकारी नहीं मांगता, जानकारी किसी से साझा न करें.
इस प्रकार की किसी SIR.apk file को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें. आपके मोबाइल में कंटैक्ट्स, फोटो, गैलरी, और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है. आपके SMS पढ़कर आपके बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं. सोशल मीडिया, ईमेल और UPI ऐप्स के लॉगिन जानकारी भी चोरी हो सकती है और आपके मोबाइल का दुरुपयोग भी संभव है.
क्या है एसआईआर?
जारी एडवाइडरी के मुताबिक स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) एक व्यापक प्रक्रिया है जिसे चुनाव आयोग (ECI) वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी के लिए चला रहा है. इसका मकसद पात्र मतदाताओं को शामिल करना और अशुद्ध या दोहराए गए नामों को हटाना है.
देश के इन हिस्सों में चल रहा है वोटर लिस्ट रिविजन
राज्य - उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गोवा, गुजरात, केरल और तमिलनाडु
केंद्र शासित प्रदेश - अंडमान व निकोबार, पुडुचेरी और लक्षद्वीप
इन 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया जारी है. चुनाव आयोग की शेड्यूल के मुताबिक 4 नवंबर से एन्युमरेशन फार्म भरने की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों मोड में शुरू है. ऑफलाइन मोड के तहत बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म बांट रहे हैं. वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी के लिए जारी हाउस टू हाउस एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी. इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. इस तारीख से 8 जनवरी 2026 तक मतदाता अपने नाम से जुड़ी शिकायतें या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. इसी दौरान, 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सुनवाई और वेरीफिकेशन का नोटिस फेज चलेगा. आखिर में, 7 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.
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