scorecardresearch

Sonbhadra Stone Quarry Collapse : सोनभद्र में खनन के दौरान बड़ा हादसा, 1 मजदूर की मौत और 10 के फंसे होने की आशंका

Stone Quarry Collapse: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शनिवार दोपहर एक पत्थर की खदान ढहने से एक मजदूर की मौत हो गई और लगभग 10 अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है.

Stone Quarry Collapse: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शनिवार दोपहर एक पत्थर की खदान ढहने से एक मजदूर की मौत हो गई और लगभग 10 अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है.

author-image
FE Hindi Desk
New Update
Sonbhadra stone quarry collapse PTI NDRF, UP Sonbhadra Stone Quarry Collapse, Sonbhadra Quarry Accident, UP Quarry Collapse Rescue, Obra Stone Mine Accident, Krishna Mining Works Collapse, Sonbhadra Mining Accident Update, Sonbhadra Quarry Rescue Operation, NDRF SDRF Rescue Sonbhadra, UP Mining Accident News, Sonbhadra Latest News, उत्तर प्रदेश सोनभद्र खदान हादसा, सोनभद्र स्टोन क्वारी हादसा, ओबरा खदान दुर्घटना, बिल्ली मारकुंडी खदान ढहने की घटना, सोनभद्र रेस्क्यू ऑपरेशन, कृष्णा माइनिंग वर्क्स हादसा, सोनभद्र खनन दुर्घटना, एनडीआरएफ एसडीआरएफ रेस्क्यू सोनभद्र, यूपी खदान हादसा अपडेट, सोनभद्र ब्रेकिंग न्यूज

पत्थर की खदान में ब्लास्टिंग के लिए ड्रिलिंग के दौरान जमीन धंस गई और बड़ा हादसा हो गया. मौके पर रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है और बचाव कार्य जारी है. Photograph: (Image: PTI)

UP Sonbhadra Stone Quarry Collapse: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में खनन के दौरान पत्थर की खदान ढहने से एक मजदूर की मौत हो गई और लगभग 10 अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है. पुलिस ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब ओबरा इलाके में मजदूर विस्फोट की तैयारी के लिए चट्टान में छेद कर रहे थे. घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्पेशल रेस्क्यू टीम को बुलाया, जिन्होंने तुरंत फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए. खदान में चट्टान गिरने की खबर फैलते ही कई स्थानीय निवासी मौके पर पहुंच गए.

एक मजदूर का मिला शव, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सोनभद्र के जिला मजिस्ट्रेट बद्री नाथ सिंह ने कहा, "अभी तक हमें एक शव मिला है और हमें शक है कि लगभग 10 और लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मृतक की पहचान सोनभद्र के परसोई गांव निवासी राजू सिंह गौड़ के रूप में हुई है. सूत्रों के अनुसार, रेस्क्यू टीम द्वारा उसकी जेब से मिले मोबाइल फोन से नंबर डायल करने पर उसकी पहचान की पुष्टि हुई.

Advertisment

सोनभद्र के एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी में कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में मजदूरों पर चट्टान गिरने की सूचना मिली थी. जानकारी मिलते ही NDRF और SDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक मजदूर का शव बरामद हुआ है. घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, और घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

खनन के दौरान यह हादसा कैसे हुआ और किन परिस्थितियों में यह घटना घटी, इसकी विस्तृत जांच कराने की बात डीएम ने कही है.

Also read : Ladaki Bahin Yojana: 1 करोड़ से ज्यादा लाडकी बहनों के लिए काम की खबर, 3 दिन में e-KYC पूरा न किया तो खाते में नहीं आएंगे 1500 रुपये

खनन के दौरान क्या हुआ, स्थानीय लोगों ने क्या बताया?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर बिल्ली मारकुंडी स्थित खदान में खनन के दौरान एक बड़ा चट्टान गिर गया, जिससे कई मजदूर अंदर गिर गए और फंस गए. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की बचाव टीमें खदान पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया. मलबा हटाने का काम रात भर जारी रहा और अभी भी जारी है. वाराणसी जोन के अपर महानिदेशक पीयूष मोर्डिया ने बताया कि पत्थरों के बड़े आकार के कारण, खुली खदान में मलबा साफ करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना जरूरी है. उन्होंने आगे बताया कि इस काम के लिए सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं.

एक स्थानीय मजदूर ने मीडिया को बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब खदान के अंदर विस्फोट के लिए छेद बनाने के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा था. अचानक खदान की एक तरफ की दीवार ढह गई, जिससे मलबा लगभग 150 फीट नीचे गिर गया. उन्होंने बताया कि कई मजदूर इसके नीचे दब गए.

खनन माफिया के साथ यूपी सरकार की मिलीभगत का नतीजा: कांग्रेस

कांग्रेस ने रविवार को खनन दुर्घटना को लेकर सरकार पर खनन माफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. उसने सरकार की "असंवेदनशीलता" और "अपर्याप्त" बचाव प्रयासों की आलोचना की और प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया, ‘‘यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि खनन माफिया और सरकारी मशीनरी के बीच साझेदारी का नतीजा है.’’

उन्होंने आगे कहा, “ओबरा में इतना बड़ा खनन हादसा हुआ, लेकिन भाजपा सरकार इतनी व्यस्त है कि मेहनतकश मजदूरों के लिए उनके नेताओं के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बचाव अभियान धीमा है और यह सरकार की "असंवेदनशीलता" का शर्मनाक सबूत है.

उन्होंने कहा, ‘‘शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनभद्र में थे, मंच बना, भाषण हुए, 548 करोड़ रुपये की 432 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ, लेकिन उन परिवारों का क्या जिनके घर के चिराग इस माफिया खनन व्यवस्था ने बुझा दिए हैं?’ सोनभद्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अब तक एक शव बरामद किया गया है.

Also read : UPI पेमेंट अचानक फेल, ATM से नहीं निकले पैसे? आपका बैंक अकाउंट इनएक्टिव या डॉर्मेंट तो नहीं! समझिए वजह और बचने के उपाय

इस बीच घटनास्थल पर काम कर रहे स्थानीय निवासी छोटू यादव की शिकायत के आधार पर, खदान का संचालन करने वाली कंपनी और उसके दो पार्टनर के खिलाफ ओबरा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज है. एडिशनल एसपी अनिल कुमार ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस आरोपियों का पता लगाने के प्रयास कर रही है.

पुलिस के मुताबिक छोटू ने बताया कि वह और उसके दो भाई, इंद्रजीत यादव (31) और संतोष यादव (29), खदान में काम कर रहे थे. 15 नवंबर को सुबह लगभग 2:30 बजे, वे एक कंप्रेसर मशीन चला रहे थे, तभी खदान का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना खदान मालिकों और उनके साझेदारों, मधुसूदन सिंह और दिलीप केसरी द्वारा खनन सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन न करने के कारण हुई.

Also read : IPL 2026 : पंजाब ने मैक्सवेल और KKR ने रसेल को किया रिलीज, नीलामी से पहले इन आठ स्टार प्लेयर्स की भी छुट्टी

उन्होंने दावा किया कि आवश्यक सुरक्षा उपकरण न तो उपलब्ध थे और न ही उनका उपयोग किया गया, जिसके कारण घोर लापरवाही हुई और उसके भाइयों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि उनके शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं. छोटू ने आगे कहा कि कई अन्य मजदूर भी मलबे में दबे हो सकते हैं और उन्हें बाहर निकालने की जरूरत है.

Uttar Pradesh