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पत्थर की खदान में ब्लास्टिंग के लिए ड्रिलिंग के दौरान जमीन धंस गई और बड़ा हादसा हो गया. मौके पर रेस्क्यू टीम पहुंच चुकी है और बचाव कार्य जारी है. Photograph: (Image: PTI)
UP Sonbhadra Stone Quarry Collapse: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में खनन के दौरान पत्थर की खदान ढहने से एक मजदूर की मौत हो गई और लगभग 10 अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है. पुलिस ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब ओबरा इलाके में मजदूर विस्फोट की तैयारी के लिए चट्टान में छेद कर रहे थे. घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्पेशल रेस्क्यू टीम को बुलाया, जिन्होंने तुरंत फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए. खदान में चट्टान गिरने की खबर फैलते ही कई स्थानीय निवासी मौके पर पहुंच गए.
एक मजदूर का मिला शव, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सोनभद्र के जिला मजिस्ट्रेट बद्री नाथ सिंह ने कहा, "अभी तक हमें एक शव मिला है और हमें शक है कि लगभग 10 और लोग अभी भी अंदर फंसे हुए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मृतक की पहचान सोनभद्र के परसोई गांव निवासी राजू सिंह गौड़ के रूप में हुई है. सूत्रों के अनुसार, रेस्क्यू टीम द्वारा उसकी जेब से मिले मोबाइल फोन से नंबर डायल करने पर उसकी पहचान की पुष्टि हुई.
सोनभद्र के एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी में कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में मजदूरों पर चट्टान गिरने की सूचना मिली थी. जानकारी मिलते ही NDRF और SDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक मजदूर का शव बरामद हुआ है. घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, और घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
सोनभद्र के PS ओबरा अन्तर्गत बिल्ली मारकुंडी स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स के खदान में मजदूरों पर चट्टान गिरने के पश्चात, NDRF/SDRF की टीम द्वारा रेस्क्यू के दौरान एक मजदूर का शव किया बरामद,दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने के संबंध में SP SBR श्री अभिषेक वर्मा की बाइट- pic.twitter.com/rQFbINISNr
— Sonbhadra Police (@sonbhadrapolice) November 16, 2025
खनन के दौरान यह हादसा कैसे हुआ और किन परिस्थितियों में यह घटना घटी, इसकी विस्तृत जांच कराने की बात डीएम ने कही है.
खनन के दौरान क्या हुआ, स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर बिल्ली मारकुंडी स्थित खदान में खनन के दौरान एक बड़ा चट्टान गिर गया, जिससे कई मजदूर अंदर गिर गए और फंस गए. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय पुलिस की बचाव टीमें खदान पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया. मलबा हटाने का काम रात भर जारी रहा और अभी भी जारी है. वाराणसी जोन के अपर महानिदेशक पीयूष मोर्डिया ने बताया कि पत्थरों के बड़े आकार के कारण, खुली खदान में मलबा साफ करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना जरूरी है. उन्होंने आगे बताया कि इस काम के लिए सभी जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं.
एक स्थानीय मजदूर ने मीडिया को बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब खदान के अंदर विस्फोट के लिए छेद बनाने के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा था. अचानक खदान की एक तरफ की दीवार ढह गई, जिससे मलबा लगभग 150 फीट नीचे गिर गया. उन्होंने बताया कि कई मजदूर इसके नीचे दब गए.
खनन माफिया के साथ यूपी सरकार की मिलीभगत का नतीजा: कांग्रेस
कांग्रेस ने रविवार को खनन दुर्घटना को लेकर सरकार पर खनन माफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया. उसने सरकार की "असंवेदनशीलता" और "अपर्याप्त" बचाव प्रयासों की आलोचना की और प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया, ‘‘यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि खनन माफिया और सरकारी मशीनरी के बीच साझेदारी का नतीजा है.’’
उन्होंने आगे कहा, “ओबरा में इतना बड़ा खनन हादसा हुआ, लेकिन भाजपा सरकार इतनी व्यस्त है कि मेहनतकश मजदूरों के लिए उनके नेताओं के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला.”
हर हादसा सिर्फ 'लापरवाही' नहीं, यह 'हत्या' है!
— UP Congress (@INCUttarPradesh) November 16, 2025
शासन-प्रशासन की मिलीभगत और अनदेखी ने इन गरीब मजदूरों की जान ली है।
जब सोनभद्र में मुख्यमंत्री, मंत्री और आला अधिकारी 'आदिवासी गौरव दिवस' मना रहे थे
ठीक उसी वक्त उनकी नाक के नीचे बिल्ली मारकुंडी की कृष्णा माइनिंग खदान में… pic.twitter.com/X1FZOkWZLn
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बचाव अभियान धीमा है और यह सरकार की "असंवेदनशीलता" का शर्मनाक सबूत है.
उन्होंने कहा, ‘‘शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनभद्र में थे, मंच बना, भाषण हुए, 548 करोड़ रुपये की 432 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी हुआ, लेकिन उन परिवारों का क्या जिनके घर के चिराग इस माफिया खनन व्यवस्था ने बुझा दिए हैं?’ सोनभद्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अब तक एक शव बरामद किया गया है.
इस बीच घटनास्थल पर काम कर रहे स्थानीय निवासी छोटू यादव की शिकायत के आधार पर, खदान का संचालन करने वाली कंपनी और उसके दो पार्टनर के खिलाफ ओबरा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज है. एडिशनल एसपी अनिल कुमार ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस आरोपियों का पता लगाने के प्रयास कर रही है.
पुलिस के मुताबिक छोटू ने बताया कि वह और उसके दो भाई, इंद्रजीत यादव (31) और संतोष यादव (29), खदान में काम कर रहे थे. 15 नवंबर को सुबह लगभग 2:30 बजे, वे एक कंप्रेसर मशीन चला रहे थे, तभी खदान का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना खदान मालिकों और उनके साझेदारों, मधुसूदन सिंह और दिलीप केसरी द्वारा खनन सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन न करने के कारण हुई.
उन्होंने दावा किया कि आवश्यक सुरक्षा उपकरण न तो उपलब्ध थे और न ही उनका उपयोग किया गया, जिसके कारण घोर लापरवाही हुई और उसके भाइयों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि उनके शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं. छोटू ने आगे कहा कि कई अन्य मजदूर भी मलबे में दबे हो सकते हैं और उन्हें बाहर निकालने की जरूरत है.
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