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SRS ग्रुप के सह-संस्थापक प्रवीण कुमार कपूर, 2,200 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में अमेरिका से वापस भारत भेजे गए

प्रवीण कुमार कपूर, SRS ग्रुप के सह-संस्थापक, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस पर अमेरिका से भारत वापस लाए गए. उन पर 2,200 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. अन्य प्रमोटर-डायरेक्टर्स फरार, ED उनकी जांच कर रहा है.

प्रवीण कुमार कपूर, SRS ग्रुप के सह-संस्थापक, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस पर अमेरिका से भारत वापस लाए गए. उन पर 2,200 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. अन्य प्रमोटर-डायरेक्टर्स फरार, ED उनकी जांच कर रहा है.

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Arfa
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SRS Group co-founder Praveen Kumar Kapoor

SRS ग्रुप के सह-संस्थापक और प्रमोटर प्रवीण कुमार कपूर Photograph: (X/ANI via ED)

रियलिटी कंपनी SRS ग्रुप के सह-संस्थापक और प्रमोटर प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिका के नेवार्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें भारत लौटाया गया, यह जानकारी एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने गुरुवार को दी.

अमेरिका ने कपूर का B1/B2 वीज़ा रद्द किया: ED

ED ने X (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “गुरुग्राम जोनल ऑफिस की मांग पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर SRS ग्रुप के सह-संस्थापक और प्रमोटर प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिकी अधिकारियों ने भारत वापस भेज दिया है.”

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एजेंसी ने आगे बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने उनका B1/B2 वीज़ा भी रद्द कर दिया. ED के अनुसार, "प्रवीण कुमार कपूर को अमेरिका के न्यूआर्क अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रवेश से रोका गया और उनका वीज़ा रद्द कर दिया गया. इसके बाद 2 नवंबर 2025 को उन्हें भारत भेज दिया गया, जहां ED गुरुग्राम ज़ोनल ऑफिस द्वारा जारी लुकआउट सर्कुलर (LOC) के आधार पर संबंधित एजेंसियों ने उन्हें दिल्ली में हिरासत में ले लिया."

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एजेंसी ने आगे बताया,“उन पर निवेशकों और बैंकों से 2,200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है.”

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प्रवीण कुमार कपूर कौन हैं?

HT की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि प्रवीण कुमार कपूर Horizon Global Limited और SRS Finance Limited के निदेशक हैं, साथ ही SRS ग्रुप ऑफ कंपनियों के प्रमोटर-डायरेक्टर भी हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कपूर और SRS ग्रुप के दो अन्य प्रमोटर-डायरेक्टर- जितेन्द्र कुमार गर्ग और सुनील  जिंदल कई वर्षों से फरार थे और कथित तौर पर क्रमशः जॉर्जिया और दुबई में छिपे हुए थे.

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि 2 नवंबर को जब प्रवीण कुमार कपूर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, तो उन्हें फरीदाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया और वर्तमान में उनसे पूछताछ की जा रही है. उनसे जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल के ठिकानों के बारे में भी सवाल किए जा रहे हैं. जल्द ही ED उन्हें अपनी हिरासत में लेकर धन की कथित हेराफेरी की जांच कर सकती है.

इस साल की शुरुआत में ED ने कहा था, “FEOA (फ्यूगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट) के तहत ED की जांच में पता चला है कि तीनों आरोपी भारत छोड़ चुके हैं और ऐसा माना जा रहा है कि जितेन्द्र कुमार गर्ग, सुनील जिंदल और प्रवीण कुमार कपूर क्रमशः जॉर्जिया और दुबई में रह रहे हैं.”

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मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी का पूरा मामला

ED ने एक बयान में बताया कि फरीदाबाद और दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों तथा CBI में दर्ज IPC की विभिन्न धाराओं के तहत 81 FIRs के आधार पर SRS ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई. इन शिकायतों के अनुसार, कंपनी ने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन बाद में फंड्स की हेराफेरी कर ली गई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ.

ED ने बताया कि,“इन निवेशों से जुटाए गए फंड्स को SRS ग्रुप द्वारा बनाए गए सैकड़ों शेल कंपनियों में जमा किया गया और फिर हेराफेरी कर के बाहर भेज दिया गया. इस मामले में पहले ही 2,215.98 करोड़ रुपये का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया जा चुका है.”

HT की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि कपूर ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने के नाम पर सरकारी और निजी बैंकों से बड़े कर्ज लिए, लेकिन यह धन कथित तौर पर उनके परिवार के सदस्यों, साझेदारों और भारत व विदेश में उनकी कंपनियों में हेराफेरी कर स्थानांतरित कर दिया गया.

ED ने अपने बयान में कहा कि गुरुग्राम स्थित PMLA की विशेष अदालत में दाखिल अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) में प्रवीण कुमार कपूर को आरोपी बनाया गया. अदालत ने इस शिकायत पर संज्ञान लिया है और आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी है. ED के प्रयासों से विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी किया और बाद में उन्हें घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया गया. एजेंसी ने आगे बताया कि ED ने प्रवीण कुमार कपूर, जितेंद्र कुमार गर्ग और सुनील जिंदल के खिलाफ Fugitive Economic Offenders Act (FEOA) के तहत भी कार्यवाही शुरू की है, ताकि उन्हें फरार आर्थिक अपराधी घोषित किया जा सके.

एजेंसी ने कहा कि बाकी फरार प्रमोटर-डायरेक्टर्स को भारत वापस लाने के प्रयास जारी हैं.

Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed by FE Editors for accuracy.

To read this article in English, click here.

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