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4 नवंबर से 26 दिसंबर के बीच चले एन्यूमरेशन पीरियड के दौरान मिले फार्म्स की समीक्षा के बाद 31 दिसंबर को यूपी की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की जानी है. इस लिस्ट में जगह न पाने वाले पात्र मतदाताओं को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा. (Express File Photo)
UP SIR Update : यूपी में वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी के लिए चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत एन्यूमरेशन का काम शुक्रवार, 26 दिसंबर को पूरा हो गया. एसआईआर के पहले फेज यानी एन्यूमरेशन पीरियड में मिले आवेदनों की समीक्षा के बाद 31 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. 27 अक्टूबर 2025 तक उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में कुल 15,44,30,092 (करीब 15.44 करोड़) मतदाताओं के नाम दर्ज थे लेकिन 4 नवंबर से शुरू होकर 26 नवंबर तक चले एन्यूमरेशन के बाद बड़ी संख्या में नामों के हटाए जाने की संभावना है.
पिछले एसआईआर ट्रेंड की बात करें तो यूपी के साथ-साथ 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी एसआईआर के तहत एन्यूमरेशन का काम पूरे होने के बाद कुल 35.53 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.68 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए. इनमें अपात्र, मृत, शिफ्ट, डुप्लीकेट, अबसेंट और एन्यूमरेशन फार्म न जमा करने वाले शामिल रहे. इसी तरह यूपी में भी एन्यूमरेशन के बाद अलग-अलग कारणों से बड़ी संख्या में नाम कटने की संभावना जताई जा रही है और करोड़ों मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने की बात सामने आ रही है.
31 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट, फिर शुरू होगा क्लेम-ऑब्जेक्शन
चुनाव आयोग द्वारा तय शेड्यूल के मुताबिक 31 दिसंबर को यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. इसके साथ ही एसआईआर का अगला फेज यानी क्लेम एंड ऑब्जेक्शन पीरियड शुरू हो जाएगा. इस दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए पात्र मतदाता जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए क्लेम फार्म भर सकेंगे. वहीं लिस्ट में शामिल अपात्र मतदाताओं को हटाने के लिए ऑब्जेक्शन दर्ज कराने का भी विकल्प होगा. यह प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक चलेगी. इसके साथ हीं 31 दिसंबर से 21 फरवरी 2026 तक नोटिस फेज में एन्यूमरेशन फार्मों पर निर्णय और क्लेम-ऑब्जेक्शन का निस्तारण किया जाएगा. अंततः 28 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी.
तीसरी बार नहीं बढ़ी SIR की तारीख
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने एन्यूमरेशन के लिए एसआईआर की समयसीमा पहले ही दो बार बढ़ाई थी. पहली बार इसे 4 दिसंबर से 11 दिसंबर, फिर दूसरी बार 11 दिसंबर से बढ़ाकर 26 दिसंबर किया गया था. इन दो हफ्तों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) ने घर-घर जाकर स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अनुपस्थित मतदाताओं का दोबारा सत्यापन किया. बताया जा रहा है कि 11 दिसंबर तक कटने वाले मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ के आसपास थी, जिनमें से करीब 7 लाख मतदाताओं को बाद में तलाश लिया गया. तय समय पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ने तीसरी बार तारीख बढ़ाने का फैसला नहीं किया.
2003 की वोटर लिस्ट से मैपिंग पूरी
एसआईआर 2026 के पहले फेज में आखिरी 2003 एसआईआर वाली वोटर लिस्ट से मौजूदा वोटर लिस्ट की मैपिंग का काम भी पूरा कर किया गया. बताया जा रहा है कि करीब 91 फीसदी मतदाताओं का मिलान नाम, पेरेंट्स या दादा-दादी या नाना-नानी के नाम के आधार पर कर लिया गया है. अब सिर्फ 9 फीसदी मतदाताओं (करीब 1.11 करोड़) को ही नोटिस भेजे जानें हैं, जिनसे पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे जाएंगे. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के पब्लिश किए जाने को लेकर सभी 75 जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रक्रिया पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ की जाए.
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम न आने पर परेशान होने की जरूरत नहीं
एन्यूमरेशन पीडियड में मिले फार्म की समीक्षा के बाद 31 दिसंबर को यूपी की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की जानी है. इस लिस्ट में नाम न आए तो परेशान होने की जरूरी नहीं है क्योंकि चुनाव आयोग द्वारा पात्र मतदाताओं को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का मौका होगा. दरअसल ड्राफ्ट लिस्ट आने के साथ ही क्लेम एंड ऑब्जेक्शन पीरियड शुरू हो जाएगा. इस दौरान किसी कारण से ड्राफ्ट से हटा दिए गए वोटर जरूरी दस्तावेज के साथ वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए क्लेम कर सकेंगे.
पता बदल जाने के कारण एन्यूमरेशन फार्म न भर पाए वोटर भी बीएलओ की मदद से नाम जुड़वाने के लिए अप्लाई कर सकेंगे.
नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका, तैयार रखें ये डाक्यूमेंट
ड्राफ्ट लिस्ट में नाम होने की स्थिति में ऐसे लोगों को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए क्लेम एंड ऑब्जेक्शन पीरियड में मौका मिलेगा. इस दौरान पात्र मतदाता नीचे बताए गए 11 में से कोई एक या एक से अधिक दस्तावेज के साथ वोटर बनने के लिए क्लेम कर सकेंगे.
- राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी का पहचान पत्र या पेंशनर आईडी
- 1987 से पहले जारी किए गए दस्तावेज – पोस्ट ऑफिस, बैंक, LIC या किसी स्थानीय प्राधिकरण द्वारा
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- पासपोर्ट
- माध्यमिक (10वीं) या अन्य शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र
- राज्य सरकार के किसी विभाग/संस्था द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र
- वन अधिकार प्रमाण पत्र (Forest Right Certificate)
- वैलिड जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) – केवल असम के लिए मान्य
- स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी पारिवारिक रजिस्टर
- सरकार द्वारा जारी जमीन या मकान आवंटन प्रमाण पत्र
ध्यान रहे सिर्फ आधार कार्ड को पहचान या नागरिकता के एकमात्र प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है और आपको सुनवाई के लिए भी नहीं बुलाया गया है, तो ऐसी स्थिति में आपको फॉर्म-6 के तहत Annexure-IV भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना होगा.
अगर आपका नाम 2003 की मतदाता सूची में है, तब भी सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है या नहीं. यह स्थानीय इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के विवेक पर निर्भर करेगा, ऐसा चुनाव आयोग ने साफ किया है.
फर्जी दस्तावेज देने वालों के लिए सख्त चेतावनी भी दी गई है. भारतीय न्याय संहिता की धारा 337 के तहत नकली कागजात बनाने या जमा करने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.
चुनाव आयोग के मुताबिक, हर आवेदन की सॉफ्टवेयर के जरिए बारीकी से जांच होगी और दी गई जानकारी के आधार पर तय किया जाएगा कि किसी व्यक्ति को सुनवाई के लिए बुलाया जाए या नहीं. पहले एक विधानसभा क्षेत्र में दिन में 50 सुनवाई तय की गई थीं, लेकिन अब आयोग जरूरत पड़ने पर इसे 100 से ज्यादा करने पर भी विचार कर रहा है, ताकि तय समय में पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सके.
नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेज
नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है. जिन युवाओं की उम्र 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरी हो रही है, वे भी अब फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं. चुनाव आयोग के निर्देश पर पात्र लोगों तक पहुंचने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से घर-घर फॉर्म-6 बांटे जा रहे हैं. इसके अलावा, मतदाता चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं.
चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के मुताबिक, 31 दिसंबर से क्लेम एंड ऑब्जेक्शन पीरियड शुरू होगा, जो 30 जनवरी 2026 तक चलेगा. इसी अवधि में वे युवा भी नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकेंगे, जो 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं.
यूपी में अब तक 11 लाख से अधिक लोग वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर चुके हैं. आयोग ने सभी जिलों को पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. साथ ही आवेदन के साथ घोषणा पत्र भरवाया जा रहा है, ताकि नए मतदाताओं के नाम समय पर और सही तरीके से सूची में जोड़े जा सकें.
सभी आवेदनों का निस्तारण 31 दिसंबर से 21 फरवरी के बीच किया जाएगा. इसी दौरान ऐसे मतदाताओं को भी नोटिस भेजे जाएंगे, जो घर पर सत्यापन के समय नहीं मिले या जिनके नाम एक से ज्यादा स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं. इन मामलों का निपटारा भी इसी अवधि में किया जाएगा, ताकि फाइनल वोटर लिस्ट पूरी तरह सही और अद्यतन हो सके.
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