/financial-express-hindi/media/media_files/2025/12/05/voter-list-sir-3-2025-12-05-16-06-46.jpg)
बिहार के बाद दूसरे फेज में वोटर लिस्ट की स्क्रटूनी के लिए SIR की प्रक्रिया यूपी, एमपी, राजस्थान समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जोर-शोर से चल रही है. (Image : X/@ECISVEEP)
बिहार के बाद दूसरे फेज में वोटर लिस्ट की स्क्रटूनी के लिए SIR की प्रक्रिया यूपी, एमपी, राजस्थान समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जोर-शोर से चल रही है और जैसे-जैसे तय समय नजदीक आ रहा है, लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि समय रहते अगर कोई SIR फॉर्म भरने से चूक गया, तो क्या होगा.
वोटर लिस्ट की स्क्रूटनी के लिए जारी SIR फॉर्म भरने की डेडलाइन 11 दिसंबर है. इस तारीख तक रिविजन फॉर्म भरने से चूक गए लोगों को क्या-क्या नुकसान होंगे, यहां डिटेल पढ़िए.
- चुनाव आयोग के मुताबिक SIR फॉर्म समय पर न भरने पर कोई सजा या जुर्माना नहीं है, लेकिन इससे आपके नाम का मतदाता सूची में दिखाई देने का तरीका प्रभावित हो सकता है.
- बताया जा रहा है कि डेडलाइन तक अगर किसी ने SIR फॉर्म यानी एन्युमरेशन फॉर्म नहीं भरा, तोउसका नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है.
- वोटर लिस्ट में नाम न होने पर आप लोकसभा और अपने राज्य विधानसभा चुनाव में मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. यानी वोट नहीं डाल पाएंगे.
- इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में ऐसे लोग कुछ योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं.
वोटर लिस्ट में नाम न होना कितनी बड़ी गलती?
आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में आप अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें इसके लिए वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है. किसी भी स्वस्थ्य लोकतंत्र में लोगों द्वारा अपने मताधिकार का इस्तेमाल न करना कितनी बड़ी गलती मानी जाती है, यहां दिए प्वाइंट से समझिए.
- मतदान करना आपका संवैधानिक अधिकार है और इसे नहीं इस्तेमाल करने पर आप खुद फैसला करने का मौका खो देते हैं कि देश, राज्य या आपका क्षेत्र किसके हाथों में जाए.
- आपका वोट न डालना गलत लोगों के चुने जाने का रास्ता आसान बना सकता है, क्योंकि कम मतदान होने पर थोड़े वोटों से भी उम्मीदवार जीत जाते हैं.
- चुनाव आयोग का कहना है कि हर वोट लोकतंत्र को मजबूत बनाता है. अगर लोग वोट नहीं करेंगे, तो लोकतंत्र कमजोर होगा और आपकी आवाज अहम फैसलों में शामिल नहीं हो पाएगी.
- मताधिकार को लेकर आयोग का संदेश साफ है - आपका वोट आपकी ताकत है. इसे न इस्तेमाल करना अपनी शक्ति खुद ही छोड़ देना है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह जानकारी केवल उन मौजूदा मतदाताओं पर लागू होती है जिनका नाम पिछली एसआईआर आधारित वोटर लिस्ट में पहले से दर्ज है. उदाहरण के लिए, यूपी में 2003 और पश्चिम बंगाल में 2002 की वोटर लिस्ट में जिनका नाम था, उन्हें 11 दिसंबर 2025 तक एसआईआर फॉर्म भरना जरूरी है. इसके अलावा 38 साल से कम उम्र के ऐसे मतदाता, जिनका नाम वोटर लिस्ट में है लेकिन वे आखिरी एसआईआर में शामिल नहीं हुए थे, उन्हें भी अपना एन्युमरेशन फॉर्म भरकर समय पर बीएलओ को जमा कर देना चाहिए. नए मतदाताओं के लिए प्रक्रिया अलग है.
BLO फॉर्म लेने नहीं पहुंचा तो क्या होगा?
मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी यानी BLO हर घर तक तीन बार पहुंचकर फॉर्म भरवाने की कोशिश करते हैं. लेकिन अगर वे किसी वजह से आपसे संपर्क नहीं कर पाए या आपका फॉर्म नहीं मिला, तो आपका नाम 16 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में दिखाई न दे सकता है.
अगर आपका नाम पिछली मतदाता सूची में था, भले ही आपका नाम 2003 वाले SIR संगत रिकॉर्ड में न हो, फिर भी SIR फॉर्म न भरने पर कोई कार्रवाई नहीं होती. हालांकि आपको सत्यापन के लिए नोटिस मिल सकता है.
अगर फॉर्म नहीं भरा या BLO संपर्क नहीं कर पाया, तो भी आप अपनी जानकारी voters.eci.gov.in पर Fill Enumeration Form सेक्शन में जाकर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. बाद में किसी गलती को सही करने के लिए Form 8 भरने का विकल्प भी रहेगा.
ड्राफ्ट लिस्ट से नाम गायब हुआ तो क्या करें
अगर आपने फॉर्म नहीं भरा या आपके या आपके माता पिता के नाम 2003 वाली SIR रिकॉर्ड सूची में नहीं हैं, तो आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट से गायब मिल सकता है. ऐसे मामलों में निर्वाचन अधिकारी जांच शुरू कर सकता है और आपसे स्पष्टीकरण मांगने के लिए नोटिस भेज सकता है.
लेकिन अभी भी समाधान है. आप दावा आपत्ति अवधि के दौरान यानी जनवरी 2026 तक अपनी जानकारी जमा कर सकते हैं. नया नाम जोड़ने के लिए ECI वेबसाइट पर उपलब्ध Form 6 का इस्तेमाल करें. एक दस्तावेज जैसे आधार, जन्म प्रमाणपत्र या पुराना वोटर ID देना होगा. शुरुआती एन्यूमरेशन के दौरान दस्तावेजों की जरूरत नहीं होती.
16 दिसंबर के बाद आवेदन करने पर क्या होगा
अगर आपने ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद फॉर्म भरा, तो आपको अपनी पात्रता की पुष्टि के लिए निर्वाचन अधिकारी के सामने सुनवाई में उपस्थित होना होगा.
अगर आप सुनवाई में नहीं पहुंचे या अपनी पात्रता साबित नहीं कर पाए, तो आपका नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है, जिससे आने वाले चुनाव में आपका मतदान का अधिकार प्रभावित हो सकता है.
अगर आपका आवेदन सत्यापित हो जाता है, तो आपको नया वोटर ID जारी किया जा सकता है. 16 दिसंबर के बाद आवेदकों की सुविधा के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे. शिकायतों के लिए complaints@eci.gov.in
पर मेल भेजा जा सकता है.
बता दें कि दूसरे फेज की एसआईआर शुरू होने के बाद बीएलओ घर-घर जाकर लोगों को गणना प्रपत्र यानी एन्युमरेशन फॉर्म बांटने का काम कर रहे हैं. जिन लोगों को यह फॉर्म मिल चुका है वे जल्द से जल्द भरकर कर जमा कर दें.
घर से दूर रह रहे मतदाता ऑनलाइन भी एफआईआर फॉर्म जमा कर सकते हैं. चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर यह सुविधा उपलब्ध है. ऑनलाइन SIR फॉर्म भरने के लिए वोटर लिंक मोबाइल नंबर का एक्विव होना, वोटर लिस्ट और आधार में एक जैसा नाम होना अनिवार्य है. ऐसा न होने की स्थिति में बीएलओ की मदद से ऑफलाइन SIR फॉर्म भरना होगा.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us