/financial-express-hindi/media/media_files/2025/11/08/samastipur-vvpat-slips-2025-11-08-19-09-36.jpg)
VVPAT mock poll slips: जिला प्रशासन तब हरकत में आया जब स्थानीय लोगों ने कॉलेज के पास बड़ी संख्या में प्रिंटेड VVPAT स्लिप्स बिखरी हुई देखीं और इसकी जानकारी अधिकारियों को दी. (Image: Screenshot)
VVPAT slips found dumped in Samastipur; official suspended: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद समस्तीपुर जिले के शीतलपट्टी गांव में एसआर कॉलेज के पास बड़ी संख्या में वीवीपैट (VVPAT) स्लिप्स फेंकी मिलीं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं.
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये वही VVPAT स्लिप्स हैं जो पहले चरण के मतदान से पहले मॉक पोल (ट्रायल वोटिंग) के दौरान इस्तेमाल की गई थीं. चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने समस्तीपुर के जिलाधिकारी (DM) को मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया.
चुनाव आयोग ने बयान जारी करते हुए कहा कि डीएम समस्तीपुर को मौके पर जाकर जांच करने का आदेश दिया गया है. ये स्लिप्स मॉक पोल की हैं, इसलिए मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर कोई असर नहीं पड़ा है. सभी प्रत्याशियों को इसकी जानकारी दे दी गई है. लेकिन लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर यानी एआरओ (ARO) को सस्पेंड किया जा रहा है और एफआईआर दर्ज की जाएगी.”
स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर हरकत में आया जिला प्रशासन
सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया, जब स्थानीय लोगों ने कॉलेज के पास सड़क पर बड़ी संख्या में वोटिंग स्लिप्स बिखरी देखीं. शुरुआती जांच में अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये स्लिप्स मतदान से पहले हुई मॉक पोल प्रक्रिया की हैं.
जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने बताया कि सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में वीवीपैट स्लिप्स मिलने की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की. उन्होंने कहा, “ये स्लिप्स कमिशनिंग और डिस्पैच सेंटर से जुड़ी हैं. जांच में पाया गया कि कुछ कटी-फटी (shredded) स्लिप्स के बीच कुछ बिना कटी हुई स्लिप्स भी मौजूद थीं. प्रशासन ने सभी स्लिप्स को जब्त कर लिया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है. जांच के बाद पूरी स्थिति साफ हो जाएगी. यह मामला पूरी तरह तकनीकी है.”
डीएम ने बताया कि मतदान से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 5 फीसदी ईवीएम मशीनों पर मॉक पोल किया जाता है, ताकि यह जांचा जा सके कि हर बटन सही उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह पर वोट दर्ज कर रहा है या नहीं. इस प्रक्रिया में लगभग 1000 ट्रायल वोट डाले जाते हैं, जिससे वीवीपैट स्लिप्स की बड़ी संख्या निकलती है. इन्हीं में से कुछ कटी हुई और कुछ बिना कटी स्लिप्स मिली हैं.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश पर एआरओ को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है, जबकि प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि ये स्लिप्स गलत तरीके से कैसे और किसकी लापरवाही में फेंकी गईं.
चुनाव आयोग पर आरजेडी ने खड़े किए सवाल
इस बीच, चुनाव आयोग पर आरजेडी (RJD) ने सवाल खड़े किए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर किए एक पोस्ट के जरिए पार्टी ने लिखा - समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली. कब, कैसे, क्यों किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के डकैत के निर्देश पर हो रहा है?”
समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली।
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) November 8, 2025
कब, कैसे, क्यों किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? क्या चोर आयोग इसका जवाब देगा? क्या यह सब बाहर से आकर बिहार में डेरा डाले लोकतंत्र के… pic.twitter.com/SxOR6dd7Me
Note: This content has been translated using AI. It has also been reviewed for accuracy.
To read this article in English, click here.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us