/financial-express-hindi/media/media_files/tjKyLzR4N5455NJ0tTVJ.jpg)
Winter Session 2025 : संसद में परमाणु ऊर्जा, इंश्योरेंस और शिक्षा सुधारों वाले बड़े बिलों पर फोकस (File Photo : ANI)
Parliament Winter Session 2025 from Monday, Key Bills : संसद का विंटर सेशन यानी शीतकालीन सत्र सोमवार 1 दिसंबर 2025 से शुरू होने जा रहा है. इस सेशन में सरकार कई बड़े बिल पेश कर सकती है. इनमें देश की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर और एजुकेशन से जुड़े अहम बिल शामिल हैं. खास तौर पर न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर (Nuclear Energy Sector) को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने, हायर एजुकेशन के लिए नया रेगुलेटर बनाने और इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े बदलाव करने वाले अहम विधेयकों की आने वाले दिनों में काफी चर्चा होने के आसार हैं.
इस बार संसद का शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर को समाप्त होगा और इस दौरान संसद की कुल 15 बैठकें होने की संभावना है. शीतकालीन सत्र के बाद संसद का अगला सेशन बजट सत्र होगा, जो 2026 में बुलाया जाएगा.
न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में बड़े बदलाव का प्रस्ताव
सरकार संसद के इस सत्र (Parliament Session) में एटमिक एनर्जी बिल (Atomic Energy Bill, 2025) पेश करने जा रही है. इस बिल के जरिये भारत में परमाणु ऊर्जा के उपयोग और नियंत्रण में नई व्यवस्था लागू होगी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बिल के जरिए सरकार निजी कंपनियों को भी परमाणु बिजली प्रोजेक्ट चलाने की छूट देने का प्रस्ताव रख रही है. अभी यह काम केवल सरकारी क्षेत्र की कंपनी न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Nuclear Power Corporation of India) करती है.
भारत 2047 तक 100 गीगावाट (GW) न्यूक्लियर एनर्जी तैयार करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसलिए यह बिल भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है.
Also read : यूपी और महाराष्ट्र में आधार कार्ड अब जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं होंगे- जानिए क्यों
हायर एजुकेशन के लिए नए रेगुलेटर का प्रस्ताव
लंबे समय से चर्चा में रहा हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल (Higher Education Commission of India Bill, 2025) भी इस सत्र में पेश किया जाएगा. यह नया कानून UGC जैसी मौजूदा संस्था की जगह एक नया रेगुलेटर लाने की दिशा में पहला कदम होगा.
नए बिल का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों को अधिक स्वायत्तता देना, रिसर्च और क्वॉलिटी में सुधार करना और मान्यता देने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना बताया जाता है. यह भी कहा जा रहा है कि इससे भारत में हायर एजुकेशन को ग्लोबल लेवल पर कंपीट करने लायक बनाया जाएगा.
Also read : Holidays 2026 Calendar List: अगले साल किस किस दिन मिलेंगी छुट्टियां, सेंट्रल गवर्नमेंट की हॉलीडे लिस्ट जारी
इंश्योरेंस सेक्टर में बड़े सुधार की तैयारी
इंश्योरेंस कानून संशोधन विधेयक (Insurance Laws (Amendment) Bill, 2025) का उद्देश्य इंश्योरेंस सेक्टर (Insurance Sector) में निवेश बढ़ाना और बिजनेस को आसान बनाना है. बजट 2025 में सरकार बीमा सेक्टर में विदेशी निवेश (FDI) पर लागू सीमा हटाने का संकेत दे चुकी है. माना जा रहा है कि यह बिल उसी दिशा में अगला कदम होगा.
Also read : SBI म्यूचुअल फंड की टॉप 5 स्कीम ने 5 साल में 3 से 4 गुना किए पैसे, लंपसम पर 32% तक रहा CAGR
दिवालिया कंपनियों के लिए कानून में बदलाव
इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड संशोधन विधेयक (Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2025) पहले ही लोकसभा में पेश हो चुका है और अब समिति की रिपोर्ट का इंतजार है. यह बिल कंपनियों के दिवालिया होने से जुड़े क्रॉस बॉर्डर (cross-border) केस और ग्रुप दिवालियापन (group insolvency) जैसे मामलों को आसान बनाएगा. साथ ही स्टार्टअप्स और छोटे बिजनेस के लिए कई पुराने प्रावधान हटाए जा रहे हैं.
सिक्योरिटी मार्केट के सभी कानून एक फ्रेमवर्क में
सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (Securities Markets Code Bill, 2025) के जरिए सरकार सेबी कानून (SEBI Act), डिपॉजिटरीज एक्ट (Depositories Act) और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट (Securities Contracts Act) को एक ही कोड में शामिल करना चाहती है.
Also read : HDFC म्यूचुअल फंड की 5 बेस्ट स्कीम में नंबर वन कौन? 10 हजार की SIP से 5 साल में कितने जुटे पैसे
कॉरपोरेट कानूनों में सुधार
कॉरपोरेट कानून संशोधन विधेयक (Corporate Laws Amendment Bill, 2025) का मुख्य फोकस कंपनियों और LLP से जुड़े कई पुराने नियमों को आसान बनाकर कारोबार के लिए बेहतर माहौल बनाना है. यह बिल कंपनी लॉ कमेटी (Company Law Committee) की 2022 की रिपोर्ट पर आधारित है.
हाईवे निर्माण के लिए नया बिल
नेशनल हाइवेज संशोधन बिल (National Highways Amendment) Bill, 2025) का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करना है. इससे हाईवे प्रोजेक्ट तेजी से पूरे किए जा सकेंगे.
GST संशोधन समेत और ये विधेयक भी आ सकते हैं
सरकार मणिपुर GST कानून में संशोधन, आर्बिट्रेशन एंड कन्सिलिएशन एक्ट (Arbitration and Conciliation Act) में बदलाव और जन विश्वास संशोधन (Jan Vishwas Amendment) जैसे बिल भी ला रही है.
विपक्ष किन मुद्दों को उठा सकता है?
संसद के इस सत्र में विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया, वोटर लिस्ट के रिवीजन, अर्थव्यवस्था की हालत, रोजगार, संघीय ढांचे और हाल ही में लागू किए गए लेबर कोड जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकते हैं.
/financial-express-hindi/media/agency_attachments/PJD59wtzyQ2B4fdzFqpn.png)
Follow Us