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Digital Fraud Prevention : डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए एक्सिस बैंक ने शुरू किया सेफ्टी सेंटर, क्या हैं नए सिक्योरिटी फीचर

Digital Frauds Prevention : डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं. इस चुनौती से निपटने के लिए एक्सिस बैंक ने अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप ‘open’ पर नया ‘सेफ्टी सेंटर’ लॉन्च किया है.

Digital Frauds Prevention : डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं. इस चुनौती से निपटने के लिए एक्सिस बैंक ने अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप ‘open’ पर नया ‘सेफ्टी सेंटर’ लॉन्च किया है.

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FE Hindi Desk
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Axis Bank Safety Centre app interface showing digital banking security features

Axis Bank Safety Centre : डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षा के लिए एक्सिस बैंक ने लॉन्च किया नया फीचर. (AI Generated Image)

Digital Frauds Prevention | Axis Bank Safety Centre : डिजिटल लेनदेन के बढ़ते चलन के साथ ही साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए एक्सिस बैंक ने अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप ‘open’ पर नया ‘सेफ्टी सेंटर’ लॉन्च किया है. यह एक ऐसा सिक्योरिटी हब है, जहां ग्राहक खुद रियल टाइम में अपने बैंकिंग फीचर्स को कंट्रोल कर सकते हैं और किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी से पहले ही अपने अकाउंट को सुरक्षित कर सकते हैं.

क्या है एक्सिस बैंक का सेफ्टी सेंटर

Axis Bank के सेफ्टी सेंटर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्राहक कस्टमर केयर को कॉल किए बिना या ब्रांच पर गए बिना ही अपने अकाउंट की सुरक्षा से जुड़े फैसले तुरंत ले सकते हैं. इसमें यूजर अपनी जरूरत और इस्तेमाल के हिसाब से डिजिटल बैंकिंग फीचर्स को ऑन या ऑफ कर सकते हैं. यह सुविधा वैसी हालत में खास तौर फायदेमंद साबित हो सकती है, जब किसी को ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) की आशंका होने पर या कुछ समय के लिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रोकना जरूरी लगे.

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SMS Shield से फर्जी मैसेज की पहचान

सेफ्टी सेंटर का एक अहम फीचर SMS Shield है. यह फीचर बैंक से आने वाले मैसेज की असलियत को जांचता है. इसमें मैसेज के सेंडर आईडी को एक्सिस बैंक की आधिकारिक आईडी से मिलाया जाता है, जिससे फर्जी या स्कैम मैसेज की पहचान आसान हो जाती है. इससे उन मामलों में राहत मिल सकती है, जहां नकली मैसेज भेजकर ग्राहकों को गुमराह किया जाता है.

डिजिटल ट्रांजैक्शन पर पूरा कंट्रोल

इस नए सिस्टम के जरिए ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग को पूरी तरह बंद कर सकते हैं, फंड ट्रांसफर पर रोक लगा सकते हैं और यूपीआई पेमेंट (UPI Payment) को भी सीमित कर सकते हैं. इसके अलावा नए पेयी जोड़ने पर भी रोक लगाई जा सकती है, ताकि पैसे सिर्फ पहले से जुड़े पेयी को ही भेजे जा सकें. ग्राहक चाहें तो ट्रांजैक्शन और यूपीआई के लिए लिमिट भी तय कर सकते हैं, जिससे बड़े अमाउंट के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जरूरी हो जाता है.

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फौरन लागू होने वाली सेफ्टी सेटिंग्स

सेफ्टी सेंटर की खास बात यह है कि इसमें किए गए बदलाव तुरंत लागू हो जाते हैं. इसके लिए कोई प्रोसेसिंग टाइम नहीं है यानी सेफ्टी सेटिंग्स के लागू होने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता. इससे डिजिटल फ्रॉड का खतरा कम होता है और ब्रांच या कॉल सेंटर पर निर्भरता भी घटती है.

 बैंकिंग सेफ्टी पर रियल टाइम कंट्रोल 

एक्सिस बैंक में डिजिटल बिजनेस, ट्रांसफॉर्मेशन और स्ट्रैटेजिक प्रोग्राम्स के ग्रुप एग्जीक्यूटिव समीर शेट्टी ने इस नई सुविधा को लॉन्च करते हुए बताया कि “सेफ्टी सेंटर से ग्राहकों को अपनी बैंकिंग सेफ्टी पर रियल टाइम कंट्रोल मिलता है. SMS Shield और इन-ऐप मोबाइल ओटीपी जैसे फीचर्स के जरिए उनकी सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है, ताकि डिजिटल बैंकिंग पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान बने.” उन्होंने भरोसा जताया कहा कि यह नई सुविधा डिजिटल फ्रॉड की बढ़ती समस्या से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी.  एक्सिस बैंक अपनी सेफ बैंकिंग पहल के तहत इससे पहले ‘लॉक एफडी’ और ‘इन-ऐप मोबाइल ओटीपी’ जैसे फीचर्स पेश कर चुका है, जिनका मकसद डिजिटल चैनल्स के जरिए होने वाले फ्रॉड के रिस्क को कम करना और ग्राहकों की फाइनेंशियल सेफ्टी (Financial Safety) को बढ़ाना है.

Axis Bank Online Fraud Financial Safety