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Ayushman Bal Sambal Yojana इस साल की शुरूआत में हुई थी. (Image: X/@MeRajGovt)
Mukhyamantri Ayushman Bal Sambal Yojana for children suffering from rare diseases: बच्चों की गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए राजस्थान सरकार एक बेहद खास योजना चल रही है. यह योजना करीब 11 महीने का सफर पूरा कर चुकी है फिर भी कम ही लोग इसके बारे में जानते हैं. आज हम बच्चों के लिए जनवरी 2025 में शुरू हुई योजना को लेकर लोगों के राजस्थान सरकार की आयुष्मान बाल संबल योजना के बारे में जानेंगे.
क्या है आयुष्मान बाल संबल योजना?
राजस्थान में ऐसे बच्चे जो दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित होने के बाद आर्थिक अभाव के कारण इलाज की उम्मीद छोड़ देते थे, उनके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने जनवरी 2025 में आयुष्मान बाल संबल योजना शुरू की. इस योजना का उद्देश्य गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे 18 वर्ष तक के बच्चों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और उनका समुचित उपचार सुनिश्चित करना है.
अपने एक साल पूरे होने के करीब पहुंची योजना को लेकर बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में राजस्थान सरकार ने वंचित और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना शुरू की है, जिसके तहत आर्थिक तंगी से इलाज नहीं करा पाने वाले बच्चों को 50 लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार और परिवारों को 5000 रुपये मंथली वित्तीय मदद दी जा रही है. यह योजना दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए एक बड़ी राहत और सहारा बनकर सामने आई है.
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार वंचितों को वरीयता देते हुए, अन्त्योदय के संकल्प को साकार रूप प्रदान कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर शुरू की गई, मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल सम्बल योजना दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक-बालिकाओं के लिए… pic.twitter.com/EKCtEPifL8
— CMO Rajasthan (@RajCMO) November 23, 2025
बच्चों को 50 लाख तक फ्री इलाज, परिवार को 5000 रुपये की मदद भी
योजना के तहत चिन्हित बच्चों को 50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है और उनके परिवार को हर महीने 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जाती है.
प्रदेश में दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहें बच्चों के लिए बड़ी राहत!
— Department of Medical Education, Rajasthan (@MeRajGovt) November 23, 2025
माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के मार्गदर्शन एवं माननीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर जी के कुशल नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने संवेदनशील पहल करते हुए मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल… pic.twitter.com/SLR6gxT5AO
यह योजना न सिर्फ महंगे इलाज का पूरा खर्च उठाती है बल्कि उपचार के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक तनाव को भी कम करती है, जिसके कारण यह गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है.
योजना का कैसे लें लाभ और कौन है इसके लिए पात्र
राजस्थान सरकार ने आयुष्मान बाल संबल योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को पूरी तरह आसान और पारदर्शी बनाया है, ताकि जरूरतमंद परिवार बिना किसी परेशानी के आवेदन कर सकें. योजना के लिए आवेदन ई–मित्र केंद्र या एसएसओ आईडी के माध्यम से किया जा सकता है, जहां बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन ही पर्याप्त माना जाता है.
बताया जा रहा है कि दुर्लभ बीमारी का प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किया जाता है, जिसे एम्स जोधपुर और जेके लोन अस्पताल, जयपुर के नोडल अधिकारी प्रमाणित करते हैं. यह प्रमाण पत्र आवेदन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके आधार पर ही बच्चे की पात्रता तय होती है.
पात्रता मानकों के अनुसार
- बच्चा राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए, या
- परिवार कम से कम तीन वर्षों से राजस्थान में रह रहा हो.
कोई भी बच्चा गंभीर या दुर्लभ बीमारी के इलाज से वंचित न रहे और किसी परिवार को महंगे उपचार के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े इसके लिए राज्य सरकार प्रयासरत है. यह योजना न केवल मुफ्त इलाज उपलब्ध कराती है, बल्कि उन परिवारों के लिए नई उम्मीद भी देती है जो लंबे समय से अपने बच्चे की स्वास्थ्य लड़ाई अकेले लड़ रहे थे.
क्यों खास है आयुष्मान बाल सम्बल योजना?
- 50 लाख तक का पूरी तरह मुफ्त इलाज
- हर महीने परिवार को 5,000 रुपये की सहायता
- 18 साल के बच्चों के लिए लागू
- 56 प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए सहायता
- गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत
- गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के इलाज में नई उम्मीद
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