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आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी लिस्ट में आपका नाम है या नहीं, जानने के लिए यहां बताए गए तरीके अपना सकते हैं.(Image : X/@PmjayP)
Ayushman Bharat Yojana beneficiary list : उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत छूटे हुए पात्र परिवारों और उनके सदस्यों को जोड़ने के लिए पिछले 21 दिनों से एक विशेष अभियान तेजी से चलाया जा रहा है. इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार मुफ्त इलाज के अधिकार से वंचित न रह जाए. खास बात यह है कि इस दौरान 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड भी बनाए जा रहे हैं.
आयुष्मान भारत योजना क्या है?
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार की एक क्रांतिकारी स्वास्थ्य बीमा पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सुरक्षा और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है. यह योजना करोड़ों परिवारों को कवर करती है और प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक का अस्पताल में भर्ती कवरेज प्रदान करती है.
योजना में क्या मिलते हैं लाभ
- प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कवरेज.
- योजना के तहत इम्पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज.
- द्वितीयक और तृतीयक अस्पताल में भर्ती खर्चों को कवर करता है.
- पूर्व-मौजूदा बीमारियों पर कोई सीमा नहीं.
- नि:शुल्क पूर्व और पश्चात अस्पताल सेवाएं शामिल हैं.
योजना के लिए पात्रता
- भारत में रहने वाले भारतीय नागरिक होने चाहिए.
- लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक जाति गणना (SECC) डेटाबेस के माध्यम से की जाती है.
- गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वर्ग के परिवार पात्र हैं.
- सरकार द्वारा निर्धारित आय एवं सामाजिक-आर्थिक मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है.
- जिन परिवारों के पास पहले से व्यापक स्वास्थ्य कवरेज नहीं है.
अगर आप इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आपका नाम आयुष्मान भारत योजना की बेनिफिशियरी लिस्ट में है या नहीं, तो इसे ऑनलाइन कुछ ही मिनट में चेक कर सकते हैं.
ऐसे चेक करें आयुष्मान भारत योजना की पात्रता
आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्रता जांचने के लिए
- सबसे पहले आयुष्मान भारत योजना की आधिकारिक वेबसाइट beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर जाएं.
- मोबाइल नंबर दर्ज करते ही आपके नंबर पर NHA की ओर से एक Text Message में OTP प्राप्त होगा, उसे भरें.
- यदि आपका नाम प्रदर्शित हो रहा है, तो उसके सापेक्ष अपनी e-KYC पूरी कराएं.
- पोर्टल पर जाने के बाद Beneficiary ऑप्शन को Select करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें.
- अब आपके मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर एक नई विंडो खुलेगी, उसमें सभी विकल्पों को चुनें और Search पर क्लिक करें.
- e-KYC करने के लिए अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ रखें.
कितने बने आयुष्मान कार्ड
PMJAY डैशबोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को शाम 5 बजकर 45 मिनट तक उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ 45 लाख से अधिक लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए eKYC प्रक्रिया पूरी कर ली है. राज्य में चल रहे विशेष अभियान के चलते अलग-अलग श्रेणियों में कार्ड निर्माण का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है.
- आंकड़ों के मुताबिक, PVTG श्रेणी में अब तक 6,203 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं.
- वहीं ASHA, AWW और AWH श्रेणी में 6,01,606 कार्ड जारी किए गए हैं.
- इसके अलावा BOCW श्रेणी के तहत 34,91,672 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं.
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत भी कार्ड निर्माण तेजी से हुआ है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 शाम 5:45 बजे तक राज्य में 19,70,401 आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं.
ये भी जानें
यूपी में PMJAY से अलग भी चलती है राज्य की फ्री हेल्थ कवरेज स्कीम
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अलावा उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना भी चलाई जा रही है. इस योजना के तहत उन करीब 9 लाख परिवारों को शामिल किया गया, जो SECC 2011 सर्वे में छूट गए थे और PM-JAY का लाभ नहीं ले पा रहे थे. इससे जुड़ी जानकारी 7 जून 2019 को AB-PMJAY-UP के आधिकारिक एक्स हैंडल से दी गई थी.
SECC 2011 सर्वे के आधार पर राज्य में PMJAY स्कीम के लिए करीब 1.18 करोड़ परिवार पात्र माने गए थे, लेकिन बाद में कई जरूरतमंद परिवार छूटने की बात सामने आई. इन्हीं को कवर करने के लिए यूपी सरकार ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान शुरू किया.
कितने बन चुके हैं गोल्डन कार्ड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, 8 मार्च 2025 तक आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 10 करोड़ लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं.
आयुष्मान यूपी वेबसाइट के मुताबिक राज्य में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की संख्या 7 करोड़ 43 लाख से ज्यादा है और 5 करोड़ 35 लाख से अधिक लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं.
क्या है मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, जिसे 1 मार्च 2019 से लागू किया गया, एक राज्य स्तरीय स्वास्थ्य बीमा योजना है. इसका उद्देश्य उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज देना है, जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में नहीं आते. इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है.
योजना के प्रमुख फायदे
हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, बिना किसी खर्च के कैशलेस सुविधा, 25 हजार से अधिक मेडिकल प्रक्रियाएं, और सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा इस योजना की बड़ी खासियत है. हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, कैंसर इलाज, न्यूरो सर्जरी, डायलिसिस, डिलीवरी और आपातकालीन सेवाएं भी इसमें शामिल हैं.
कौन ले सकता है लाभ
यह योजना यूपी के स्थायी निवासियों, PM-JAY से वंचित गरीब परिवारों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, BPL परिवारों, असहाय, वृद्ध और दिव्यांग लोगों के लिए है, जो सरकारी मानकों को पूरा करते हैं.
यहां आपकी जानकारी के लिए जिक्र करना जरूरी है कि यूपी में कुल 3.62 करोड़ राशन कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें दर्ज लाभार्थियों की संख्या 14.69 करोड़ से अधिक है. इनमें राज्य के सभी 75 जिलों पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय श्रेणी के राशन कार्ड होल्डर शामिल हैं. पात्र गृहस्थी राशन कार्ड राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानकों के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिया जाता है, जिन्हें सस्ती दर पर गेहूं और चावल मिलते हैं. वहीं अन्त्योदय राशन कार्ड अत्यंत गरीब और असहाय परिवारों जैसे भूमिहीन मजदूर, दिहाड़ी श्रमिक, बुजुर्ग, दिव्यांग और निराश्रित लोगों को मिलता है, जिन्हें हर महीने बेहद कम कीमत पर या मुफ्त खाद्यान्न दिया जाता है.
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