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Digital Gold : क्या डिजिटल गोल्ड से पैसा निकाल लेना चाहिए? SEBI अलर्ट के समझें मायने

Digital Gold Investors Confusion : सेबी की चेतावनी के बाद वे निवेशक कनफ्यूजन में हैं, जिन्होंने डिजिटल गोल्ड में पैसे लगाए हैं.  सवाल है कि क्या उन्हें डिजिटल गोल्ड तुरंत बेच देना चाहिए या फिर इसे होल्ड करके रखना चाहिए?

Digital Gold Investors Confusion : सेबी की चेतावनी के बाद वे निवेशक कनफ्यूजन में हैं, जिन्होंने डिजिटल गोल्ड में पैसे लगाए हैं.  सवाल है कि क्या उन्हें डिजिटल गोल्ड तुरंत बेच देना चाहिए या फिर इसे होल्ड करके रखना चाहिए?

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Sushil Tripathi
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SEBI Gold Alert : निवेश करने से पहले जांच लें कि जिस प्रोडक्ट में पैसा लगा रहे हैं, वह सेबी के नियमों के दायरे में है या नहीं. Photograph: (Pixabay)

SEBI regulated gold options : मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाले निवेशकों को सतर्क किया है. रेगुलेटर ने बताया कि ये डिजिटल गोल्ड स्कीमें न तो सिक्योरिटी मानी जाती हैं और न ही कमोडिटी डेरिवेटिव्स, जिन्हें सेबी कंट्रोल करता है. इसलिए अनरजिस्टर्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले ऐसे गोल्ड इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स पर भरोसा न करें. सेबी की चेतावनी के बाद वे निवेशक कनफ्यूजन में हैं, जिन्होंने डिजिटल गोल्ड में पैसे लगाए हैं. 

अब सवाल यह है कि क्या उन्हें अपना डिजिटल गोल्ड तुरंत बेच देना चाहिए या फिर इसे होल्ड करके रखना चाहिए? क्योंकि सेबी ने भी कहा है कि डिजिटल गोल्ड, SEBI द्वारा रेगुलेट किए गए गोल्ड प्रोडक्ट्स से अलग होता है और इसमें निवेश करने से कुछ ऑपरेशनल जोखिम हो सकते हैं. 

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निवेशकों को क्या करना चाहिए?

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि डिजिटल गोल्ड को लेकर कुछ शिकायतें आती रहती हैं, जिसके बाद से SEBI ने एक चेतावनी जारी की है. सेबी ने साफ किया है कि डिजिटल गोल्ड उसके या आरबीआई के अंडर में नहीं आता. हालांकि आरबीआई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आरबीआई के प्रीव्यू में है. 

ज्वैलर्स या किसी अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल गोल्ड में निवेश रिस्की हो सकता है. इसलिए बेहतर है कि निवेशकों को ऐसे गोल्ड प्रोडक्ट्स में निवेश करना चाहिए जो SEBI द्वारा रेगुलेटेड हों, ताकि रिस्क न रहे. गोल्ड बॉन्ड (Gold Bonds), गोल्ड ETFs बेहतर विकल्प हैं. इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) भी स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदे-बेचे जा सकते हैं. इन प्रोडक्ट्स में निवेश SEBI रजिस्टर्ड ब्रोकर्स या इंटरमीडियरीज के माध्यम से किया जा सकता है और ये सभी प्रोडक्ट्स SEBI के नियमों के तहत चलते हैं.

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निवेश करने से पहले यह जरूर जांच लें कि जिस प्रोडक्ट या कंपनी में आप पैसा लगा रहे हैं, वह सेबी के नियमों के दायरे में आती है या नहीं. जिन्होंने डिजिटल गोल्ड में निवेश कर रखा है, उन्हें उस प्लेटफॉर्म से क्लेरिटी लेनी चाहिए, जिसके जरिए निवेश किया है. धीरे धीरे वहां से निवेश निकालकर ज्यादा सुरक्षित विकल्पों में, जैसे गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ईटीएफ में पैसा शिफ्ट करना चाहिए. 

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क्या है डिजिटल गोल्ड (Digital Gold)?

आजकल कई फिनटेक ऐप्स और ज्वैलर-बैक्ड स्कीम्स आपको छोटे-मोटे निवेश में भी सोना खरीदने की सुविधा देती हैं. यह डिजिट वॉलेट में रखा जाता है. आपके पास डिजिटल रूप में सोना (Digital Gold) होता है, जो वॉल्ट में रखे गए भौतिक सोने से समर्थित होता है.

इसमें निवेश की शुरुआत आसान है, आप 1 ग्राम भी सोना तुरंत खरीद सकते हैं. कुछ प्लेटफॉर्म पर इसे फिजिकल गोल्ड में बदला जा सकता है या Gold ETF में परिवर्तित किया जा सकता है. इसमें कोई हैंडलिंग या स्टोरेज शुल्क नहीं लगता.

हालांकि डिजिटल गोल्ड पर रेगुलेटर यानी RBI या SEBI का कंट्रोल नहीं होता, यह निवेश का एक अनरेगुलेटेड तरीका है. 

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डिजिटल गोल्ड में प्रोटेक्शन नहीं

सेबी ने अलर्ट किया कि डिजिटल गोल्ड में निवेश करने पर निवेशकों को किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं मिलती है. सेबी ने यह भी चेतावनी दी कि अनरेगुलेटेड डिजिटल गोल्ड में निवेश करने से निवेशकों को कंपनी के डिफॉल्ट और तकनीकी गड़बड़ियों का खतरा हो सकता है. ऐसे डिजिटल गोल्ड या ई-गोल्ड प्रोडक्ट्स में निवेश करने पर सिक्योरिटीज मार्केट से जुड़ी कोई भी सुरक्षा व्यवस्था लागू नहीं होगी.

(इस आर्टिकल का उद्देश्य निवेशकों को जानकारी देना है. यह जानकारी सेबी की गाइडलांइस और एक्सपर्ट से बातचीत के हवाले से दी गई है. बाजार में जोखिम होते हैं, इसलिए निवेश के पहले एक्सपर्ट से सलाह लें.)

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