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FY 2025-26 में अब तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन बढ़ा, जबकि टैक्स रिफंड में गिरावट दर्ज की गई. (Image : Freepik)
Direct Tax Collection Latest Data : देश की अर्थव्यवस्था की सेहत समझने के लिए टैक्स कलेक्शन के आंकड़े बेहद अहम माने जाते हैं. सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 17 दिसंबर 2025 तक के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के ताजा आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 4.16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि राहत की बात यहीं खत्म हो जाती है, क्योंकि इसी दौरान टैक्स रिफंड में 13.52% की गिरावट देखी गई है.
ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन कितना बढ़ा
आंकड़ों के मुताबिक, 17 दिसंबर 2025 तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 20,01,794 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल इसी तारीख तक यह आंकड़ा 19,21,931 करोड़ रुपये था. यानी साल-दर-साल आधार पर इसमें 4.16% की बढ़ोतरी देखने को मिली है. यह इशारा करता है कि कॉरपोरेट टैक्स और पर्सनल इनकम टैक्स की वसूली में सरकार को बेहतर रिस्पॉन्स मिल रहा है.
टैक्सपेयर्स के लिए क्या है रिफंड घटने का असर
जहां एक तरफ टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर टैक्स रिफंड (Income Tax Refund) में साफ गिरावट दर्ज की गई है. इस साल 17 दिसंबर तक कुल रिफंड 2,97,069 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 3,43,499 करोड़ रुपये था. यानी रिफंड में सालाना आधार पर 13.52% की कमी आई है. आम टैक्सपेयर्स के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि रिफंड की प्रॉसेस पहले के मुकाबले धीमी रही या फिर रिफंड की रकम कम बनी.
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नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में तेजी
रिफंड घटने का असर नेट टैक्स कलेक्शन पर साफ दिखता है. नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 17 दिसंबर 2025 तक 17,04,725 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8% ज्यादा है. इसस रेवेन्यू के मोर्चे पर सरकार की मजबूती का पता चलता है.
क्या होता है डायरेक्ट टैक्स
डायरेक्ट टैक्स, ऐसे टैक्स हैं, जो सीधे तौर पर लोगों और कंपनियों की आमदनी पर लगाए जाते हैं. इसमें इनकम टैक्स (Income Tax), कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT शामिल हैं. सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए तमाम आंकड़े इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर भी मौजूद हैं. इनमें मौजूदा वित्त वर्ष के 17 दिसंबर तक के आंकड़ों की तुलना पिछले वित्त वर्ष यानी 2024-25 की समान अवधि (17 दिसंबर 2024) के आंकड़ों से की गई है.
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एडवांस टैक्स कलेक्शन
1 अप्रैल 2025 से 17 दिसंबर 2025 के दौरान एडवांस टैक्स कलेक्शन भी बढ़ा है. इस अवधि में कुल एडवांस टैक्स कलेक्शन में 4.27% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां और पर्सनल टैक्सपेयर समय पर टैक्स का भुगतान कर रहे हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों में स्टेबिलिटी का संकेत मिलता है.
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