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गलत कारण बताकर पीएफ का पैसा निकालने हैं, तो भविष्य में इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. (Image: X/@socialepfo)
EPF Withdrawal with False Reason: नया मोबाइल लेना है या फिर मनचाही शौक पूरी करनी है, लेकिन जेब ढीली है. ऐसे में कई लोग ईपीएफ (EPF) से पैसा निकालने का विकल्प सोचते हैं. अगर आप भी ऐसा करने की सोच रहे हैं तो जरा ठहरिए. नौकरी के दौरान सैलरी से हर महीने पीएफ खाते में जमा हो रहे पैसों को अगर आप अनावश्यक चीजों पर खर्च करने के लिए नहीं निकाल रहे हैं, तो ईपीएफओ एक्शन ले सकता है.
पिछले कुछ दिनों से ईपीएफओ अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लगातार वीडियो और पोस्ट साझा कर रहा है. इन पोस्ट में एक युवा को दिखाया गया है, जो गलत कारण बताकर नया मोबाइल खरीदने के लिए पीएफ का पैसा निकालने की सोच रहा है और खुद से यह सवाल कर रहा है कि क्या इलाज के नाम पर पैसा निकालना सही होगा. उसके साथ काम करने वाले या उसके हितैषी उसे समझाते हैं कि ऐसा करना उचित नहीं है. पीएफ की राशि केवल ईपीएफओ द्वारा निर्धारित उद्देश्यों, जैसे शादी, शिक्षा, इलाज या आवास निर्माण के लिए ही निकाली जानी चाहिए, अन्यथा रिकवरी की कार्रवाई हो सकती है. यानी इलाज के नाम पर पीएफ से पैसा निकाल कर नया मोबाइल खरीदना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है.
अपने पोस्ट के कैप्शन में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने लिखा है कि पीएफ का पैसा सिर्फ मान्य कारणों जैसे विवाह, शिक्षा, इलाज या घर निर्माण के लिए ही निकाली जानी चाहिए. गलत कारण बताकर अगर कोई शख्य निकासी करता हैं, तो उसके खिलाफ ईपीएफओ की तरफ से रिकवरी की कार्रवाई हो सकती है.
ईपीएफ की राशि का उपयोग केवल उचित और निर्धारित उद्देश्यों जैसे शादी, शिक्षा, इलाज या घर निर्माण के लिए ही किया जाना चाहिए।
— EPFO (@socialepfo) July 19, 2025
गलत कारण देकर निकासी करना नियमों के विरुद्ध है और ऐसा करने पर आपसे रिकवरी भी की जा सकती है।
अपनी भविष्य की सुरक्षा के लिए ईपीएफ को सोच-समझकर इस्तेमाल करें।… pic.twitter.com/fisiwqCSEn
यानी अगर कोई सदस्य इन मान्य उद्देश्यों को छोड़कर किसी और बहाने से निकासी करता है, तो ईपीएफओ उसे "गलत दावे" की कैटेगरी में मान सकता है और रिकवरी यानी पैसा वापसी की कार्रवाई शुरू कर सकता है. लोगों को नसीहत हेते हुए कर्मचारी संगठन ने कहा है कि भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लोगों को अपने ईपीएफ खाते में पड़े पैसों का यूज सही कारणों के लिए सोच-समझकर करना चाहिए.
पीएम के पैसे का कब करना चाहिए इस्तेमाल
ईपीएफ (EPF) का पैसा निकालने के लिए कुछ निश्चित और मान्य कारण ही होते हैं. ये नियम EPFO (Employees' Provident Fund Organisation) ने तय किए हैं. यहां मुख्य मान्य कारण दिए जा रहे हैं:
इलाज में
- अपनी या परिवार के सदस्य (जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता) के इलाज के लिए.
- गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में.
शादी
अपनी, बेटे-बेटी या भाई-बहन की शादी के लिए.
हायर एजुकेशन के लिए
अपनी या बच्चों की पढ़ाई के लिए.
घर खरीदने या बनाने के लिए
मकान बनाने, खरीदने या मरम्मत के लिए.
बेरोजगारी
नौकरी जाने की स्थिति में 1 माह बाद 75% तक रकम निकाली जा सकती है.
दिव्यांगता
स्थायी विकलांगता की स्थिति में.
लॉकआउट या कंपनी बंद
लंबे समय तक वेतन न मिलने की स्थिति में
अगर इन कारणों के अलावा कोई और वजह बताकर पैसा निकाला जाता है, तो यह गलत माना जाता है.
ईपीएफओ का संदेश साफ है कि आज अगर आपने पीएफ बचाया, तो कल वही ईपीएफ आपको बचाएगा. मतलब ये कि अगर नौकरी के दौरान आप अनावश्यक रूप से पीएफ के पैसों को नहीं निकालते हैं, तो रिटायरमेंट के बाद आपको पेंशन के रूप में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. ईपीएफओ (EPFO) का कहना है कि अगर आप गलत कारण बताकर पीएफ निकासी करते हैं, तो भविष्य में इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं. आपकी छोटी सी चालाकी भविष्य की पेंशन पर भारी पड़ सकती है.
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