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EPF : आपने हाल में नौकरी बदली है, तो अपने कर्मचारी भविष्य निधि की रकम को नए एम्प्लॉयर के खाते में ट्रांसफर करना बहुत जरूरी है. (File Pic)
PF Transfer Process : अगर आपने हाल ही में नौकरी बदली है, तो अपने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की रकम को नए एम्प्लॉयर (नियोक्ता) के खाते में ट्रांसफर करना बहुत जरूरी है. इससे आपकी रिटायरमेंट की बचत बिना रुके बढ़ती रहती है.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बड़ी राहत दी है. ईपीएफओ मेंबर्स अपने ईपीएफ डेटाबेस में नौकरी ज्वॉइन करने (Date of Joining) और नौकरी छोड़ने (Date of Exit) की तारीख को खुद अपडेट कर सकते हैं, वह भी बिना कोई डाक्युमेंट्स अपलोड किए.
PF ट्रांसफर क्यों जरूरी है?
EPFO के अनुसार, PF ट्रांसफर करने से आपकी रिटायरमेंट की कुल बचत एक जगह जमा रहती है और उस पर कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) का फायदा मिलता रहता है.
इसके अलावा, आपकी नौकरी की अवधि (सर्विस हिस्ट्री) भी आगे बढ़ जाती है, जो पेंशन के लिए पात्रता तय करने और 5 साल बाद निकासी पर टैक्स कटौती से बचने के लिए जरूरी होती है.
ज्वॉइनिंग और लीविंग डेट ऐसे करें अपडेट
- सबसे पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- अब अपने UAN नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करें. इसके लिए ओटीपी वेरीफिकेशन से भी गुजरना होगा. ऐसे में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को एक्टिव रखें ताकि EPFO की ओर ओटीपी मिल सके.
- अब ‘Manage’ सेक्शन में जाकर ‘Modify Basic Details’ पर क्लिक करें.
- वहां से आप ज्वॉइनिंग डेट सहित अन्य जानकारियों को मॉडिफाई कर सकते हैं.
- EPFO के मुताबिक, यह सुविधा उन लाखों कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें अक्सर गलत डाटा एंट्री या नियोक्ता की प्रतिक्रिया में देरी के चलते परेशानी उठानी पड़ती थी.
- पहले EPF अकाउंट होल्डर्स को अपने प्रोफाइल में कोई भी बड़ा बदलाव करने के लिए अपने कंपनी या संगठन की मदद लेनी पड़ती थी. लेकिन अब EPFO की इस नई सुविधा से आप ज्वॉइंनिंग डेट, नाम, पिता या पति का नाम, रिटायरमेंट डेट जैसे डिटेल्स खुद अपडेट कर सकते हैं, वो भी आसानी से और बिना किसी झंझट के.
कुछ मामलों में ऑफलाइन प्रक्रिया
अगर आपके पास दो UAN हैं या आपने किसी एक्जेम्प्टेड (छूट प्राप्त) संस्थान में काम किया है, तो PF ट्रांसफर के लिए फॉर्म 13 के जरिए ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होती है. इस फॉर्म पर आपके नियोक्ता (एम्प्लॉयर) के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं और इसे क्षेत्रीय PF कार्यालय में जमा करना होता है.
न करने पर निष्क्रिय होने का डर
अगर आप अपने नए नियोक्ता के साथ EPF में योगदान कर रहे हैं, लेकिन पुराने PF खाते को ट्रांसफर नहीं किया है, तो वह पुराना खाता 36 महीने तक कोई योगदान न होने पर निष्क्रिय (डॉर्मेंट) हो जाता है.
पूरा फंड एक साथ रखने का फायदा
EPF को सुरक्षित निवेश विकल्पों में सबसे अच्छा रिटर्न देने वाला साधन माना जाता है, जो पात्र सदस्यों के लिए टैक्स फ्री भी होता है. EPF लंबी अवधि में बेहद मजबूत निवेश है, क्योंकि हर साल कुल जमा राशि पर ब्याज मिलता है. इसमें कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, इसलिए 15 से 20 साल की नौकरी में, अगर PF की रकम एक ही खाते में रखी जाए तो अलग-अलग खातों की तुलना में कहीं ज्यादा रिटायरमेंट फंड तैयार हो सकता है.
EPF रिकॉर्ड में सही जानकारी
EPF रिकॉर्ड में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही जानकारी भविष्य में पेंशन, PF क्लेम, ट्रांसफर, और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए उपयोग में आती है. ज्वॉइनिंग डेट में गलती होने से आपकी सर्विस हिस्ट्री प्रभावित हो सकती है और भविष्य में पेंशन के हक का मूल्यांकन गलत हो सकता है.
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